आंध्र प्रदेश से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। राज्य के काकीनाडा जिले में स्थित एक पटाखा निर्माण इकाई में शनिवार को जोरदार विस्फोट हो गया। इस भीषण धमाके में कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और बचाव दलों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया।
विस्फोट के समय फैक्ट्री में मौजूद थे करीब 20 कर्मचारी
जानकारी के मुताबिक, विस्फोट के समय फैक्ट्री परिसर में लगभग 20 कर्मचारी काम कर रहे थे। धमाका इतना तेज था कि आसपास के इलाकों तक इसकी आवाज सुनाई दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विस्फोट के बाद फैक्ट्री का एक बड़ा हिस्सा ध्वस्त हो गया और कई कर्मचारी मलबे में दब गए।
जिला प्रशासन और पुलिस की टीमों ने मौके पर पहुंचकर तुरंत राहत और बचाव अभियान शुरू किया। दमकल विभाग की गाड़ियों ने आग पर काबू पाया, जबकि घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
गृह मंत्री ने दी जानकारी, बढ़ सकती है मृतकों की संख्या
राज्य की गृह मंत्री वंगालापुडी अनीता ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि अब तक 18 लोगों की मौत हो चुकी है और कम से कम छह लोग गंभीर रूप से घायल हैं। उन्होंने आशंका जताई कि हताहतों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि कुछ घायलों की हालत नाजुक बनी हुई है।
गृह मंत्री ने कहा कि सरकार घायलों के समुचित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित कर रही है और जिला प्रशासन को हरसंभव सहायता देने के निर्देश दिए गए हैं।
कलेक्टर ने बताया कई घायलों की हालत गंभीर
काकीनाडा के जिला कलेक्टर और जिला मजिस्ट्रेट सगीली शान मोहन के अनुसार, अस्पताल में भर्ती कुछ घायलों की स्थिति चिंताजनक है। चिकित्सकों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है। प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को निकालना और घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री ने जताया गहरा शोक
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि काकीनाडा जिले के वेत्लापलेम गांव में पटाखा निर्माण इकाई में हुआ विस्फोट अत्यंत दुखद है और निर्दोष मजदूरों की मौत से वे बेहद व्यथित हैं।
मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों से तुरंत बातचीत कर पीड़ितों को तत्काल सहायता और बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार राहत और बचाव कार्यों की लगातार निगरानी कर रही है और प्रभावित परिवारों को हरसंभव मदद दी जाएगी। साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों और मंत्रियों को दुर्घटनास्थल का दौरा करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर पटाखा निर्माण इकाइयों में सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, विस्फोट का कारण रसायनों के गलत भंडारण या लापरवाही हो सकता है, हालांकि आधिकारिक जांच के बाद ही स्पष्ट कारण सामने आएगा।
राज्य सरकार ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। प्रशासन यह भी पता लगाने में जुटा है कि फैक्ट्री में सुरक्षा नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं। यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मातम में बदला खुशियों का कारखाना
जिस फैक्ट्री में रोजी-रोटी के लिए मजदूर काम करते थे, वही जगह अब शोक और मातम का केंद्र बन गई है। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। कई परिवारों ने अपने कमाने वाले सदस्य को खो दिया है। गांव और आसपास के इलाकों में सन्नाटा पसरा हुआ है।