इजरायल का ईरान पर बड़ा सैन्य हमला, तेहरान के बीचोंबीच गूंजे धमाके; पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट

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Javed Haider Zaidi

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तेहरान के मध्य इलाके में धमाकों के बाद सुरक्षा बल तैनात, इजरायल द्वारा ईरान पर सैन्य हमले के बीच शहर में हाई अलर्ट का माहौल

इजरायल और ईरान के बीच तनाव अब खुले सैन्य टकराव की दिशा में बढ़ता दिखाई दे रहा है। इजरायल ने ईरान पर बड़े स्तर पर हमला शुरू करने की पुष्टि की है, जिसे उसने “पहले से किया गया हमला” करार दिया है। इस कार्रवाई के बाद पश्चिम एशिया में हालात बेहद संवेदनशील हो गए हैं।

तेहरान के बीचोंबीच धमाके

ईरान की राजधानी तेहरान के मध्य क्षेत्र में देर रात तीन जोरदार धमाकों की आवाज सुनी गई। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, धमाकों के तुरंत बाद सुरक्षा बल और आपातकालीन सेवाएं मौके पर पहुंच गईं।

ईरानी समाचार एजेंसी फार्स न्यूज एजेंसी ने दावा किया है कि तेहरान के रिपब्लिक इलाके में कई मिसाइलें गिरी हैं। हालांकि अब तक किसी बड़े नुकसान या हताहतों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक धमाकों की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई, जिससे शहर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कुछ इलाकों में लोगों को घरों से बाहर निकलते भी देखा गया।

इजरायल ने बताया ‘पहले से किया गया हमला’

इजरायल की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि यह कार्रवाई संभावित खतरे को रोकने के लिए की गई है। इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने पूरे देश में “विशेष और स्थायी आपातकाल” लागू करने की घोषणा की है।

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उन्होंने नागरिकों से सतर्क रहने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है। इजरायल में सैन्य और नागरिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

क्षेत्रीय तनाव चरम पर

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात नहीं संभले तो यह टकराव पूरे क्षेत्र को अपनी चपेट में ले सकता है। पश्चिम एशिया पहले से ही कई मोर्चों पर अस्थिरता झेल रहा है और ऐसे में दो प्रमुख क्षेत्रीय शक्तियों के बीच सीधा हमला हालात को और गंभीर बना सकता है।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि ईरान इस हमले का किस तरह जवाब देता है। संभावित जवाबी कार्रवाई से हालात और बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है।

आधिकारिक पुष्टि का इंतजार

दोनों देशों की ओर से सीमित जानकारी साझा की गई है। जमीन पर वास्तविक स्थिति को लेकर स्पष्ट तस्वीर सामने आना अभी बाकी है।

फिलहाल, तेहरान समेत कई इलाकों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और हालात पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। दुनिया की निगाहें अब इस बढ़ते टकराव पर टिकी हुई हैं, जो आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय राजनीति की दिशा तय कर सकता है।

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इजरायल-अमेरिका के हमले के बाद ईरान की कड़ी चेतावनी: खाड़ी देशों पर मंडराया विकिरण का खतरा

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ईरान के बुशहर परमाणु संयंत्र पर हमले के बाद मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव

मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते टकराव ने अब एक खतरनाक मोड़ ले लिया है। ईरान ने आरोप लगाया है कि उसके महत्वपूर्ण परमाणु संयंत्र पर बार-बार हमले किए जा रहे हैं, जिसके गंभीर परिणाम पूरे खाड़ी क्षेत्र को भुगतने पड़ सकते हैं।

बुशहर परमाणु संयंत्र पर हमले का दावा

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि इजरायल और अमेरिका ने ईरान के बुशहर परमाणु संयंत्र पर अब तक चार बार हमला किया है। उनका कहना है कि यदि इन हमलों के कारण रेडियोएक्टिव फॉलआउट (विकिरण का प्रसार) होता है, तो इसका असर ईरान की राजधानी तेहरान से ज्यादा खाड़ी देशों पर पड़ेगा।

खाड़ी देशों के लिए बड़ी चेतावनी

ईरान ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि संभावित विकिरण का असर सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत, बहरीन, कतर और ओमान जैसे देशों की राजधानियों तक पहुंच सकता है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति में वहां “जीवन पूरी तरह समाप्त हो सकता है”, जो पूरे क्षेत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

ईरान का दावा: अमेरिका को हुआ नुकसान

ईरान ने यह भी दावा किया है कि उसने पिछले 24 घंटों में अमेरिकी सैन्य ताकत को बड़ा नुकसान पहुंचाया है। ईरानी पक्ष के अनुसार, उन्होंने अमेरिका के दो फाइटर जेट, एक A-10 एयरक्राफ्ट, कई हेलीकॉप्टर, दो MQ-9 ड्रोन और कई क्रूज मिसाइलों को मार गिराया है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है।

पश्चिमी देशों पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप

अब्बास अराघची ने पश्चिमी देशों पर दोहरे मापदंड अपनाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने ज़ापोरिज्जिया न्यूक्लियर पावर प्लांट का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां की स्थिति पर पश्चिमी देशों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी, लेकिन ईरान के परमाणु संयंत्र पर हमलों को लेकर वही संवेदनशीलता नहीं दिखाई जा रही।

क्षेत्रीय स्थिरता पर मंडराता खतरा

विशेषज्ञों का मानना है कि परमाणु संयंत्रों पर हमले न केवल सैन्य बल्कि पर्यावरणीय दृष्टि से भी बेहद खतरनाक होते हैं। यदि विकिरण फैलता है, तो इसका असर सीमाओं से परे जाकर लाखों लोगों के जीवन और स्वास्थ्य पर पड़ सकता है।

स्थायी समाधान की मांग

ईरान ने कहा है कि उस पर यह युद्ध थोपा गया है और वह इसका “स्थायी और सशर्त समाधान” चाहता है। ईरान के विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया कि अस्थायी युद्धविराम से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि इसके लिए दीर्घकालिक रणनीति और कूटनीतिक प्रयास जरूरी हैं।

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