शीतलहर और घने कोहरे की मार: दिल्ली–नोएडा में 15 जनवरी तक स्कूल बंद, बच्चों की सेहत को लेकर बड़ा फैसला

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Javed Haider Zaidi

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Delhi-NCR में घने कोहरे और शीतलहर के बीच गर्म कपड़ों में स्कूल जाते बच्चे, पृष्ठभूमि में धुंध और स्कूल बस

शीतलहर और घने कोहरे की मार: राजधानी दिल्ली और उससे सटे नोएडा–ग्रेटर नोएडा में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। लगातार गिरते तापमान और शीतलहर के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए दिल्ली शिक्षा निदेशालय (DoE) ने नर्सरी से लेकर कक्षा 8वीं तक के सभी सरकारी और निजी स्कूलों को 15 जनवरी तक बंद रखने का आदेश जारी किया है। यह फैसला बच्चों की सुरक्षा और सेहत को प्राथमिकता देते हुए लिया गया है।

दिल्ली-एनसीआर में बीते कई दिनों से सुबह के समय घना कोहरा छाया रहता है, जिससे दृश्यता बेहद कम हो गई है। ऐसे हालात में स्कूल बसों और निजी वाहनों से बच्चों का सफर जोखिम भरा हो गया है। मौसम विभाग ने भी आने वाले दिनों में कोल्ड वेव जारी रहने की चेतावनी दी है।

बच्चों की सेहत सर्वोपरि, शीतकालीन अवकाश बढ़ाया गया

शिक्षा निदेशालय के अनुसार, छोटे बच्चों पर ठंड का असर ज्यादा पड़ता है। सुबह की ठंडी हवाएं, कोहरा और गिरता तापमान बच्चों में सर्दी, खांसी, सांस संबंधी दिक्कतों और वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ा सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए शीतकालीन अवकाश को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।
यह आदेश दिल्ली के साथ-साथ नोएडा और ग्रेटर नोएडा के सभी स्कूलों पर भी लागू किया गया है।

मौसम की मार से बेहाल दिल्ली-एनसीआर

दिल्ली-एनसीआर में ठंड और कोहरे ने आम लोगों की दिनचर्या को भी प्रभावित किया है। सुबह और देर रात के समय विजिबिलिटी बेहद कम रहने से सड़क और रेल यातायात पर भी असर पड़ रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक, मौजूदा मौसम हालात बच्चों और बुजुर्गों के लिए ज्यादा संवेदनशील बने हुए हैं।

अभिभावकों की नाराजगी, प्राइवेट स्कूलों पर सवाल

इस बीच सोशल मीडिया पर कई अभिभावकों ने नाराजगी जाहिर की है। उनका आरोप है कि सरकारी आदेश के बावजूद कुछ निजी स्कूल ऑफलाइन कक्षाएं शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं
पैरेंट्स का कहना है कि सुबह की ठंड में बच्चों को स्कूल भेजना उनकी सेहत के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने सरकार से अपील की है कि ऐसे स्कूलों पर सख्त कार्रवाई की जाए जो आदेश का पालन नहीं कर रहे हैं।

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शिक्षा निदेशालय ने साफ किया है कि नर्सरी से कक्षा 8वीं तक किसी भी तरह की ऑफलाइन क्लास नहीं लगाई जाएगी और आदेश का उल्लंघन करने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।

9वीं से 12वीं तक क्या रहेगा नियम?

शिक्षा निदेशालय के आदेश के अनुसार, 9वीं से 12वीं कक्षा के लिए स्कूल पूरी तरह बंद नहीं किए गए हैं। हालांकि, इन कक्षाओं के लिए भी लचीलापन रखा गया है।
कई स्कूल बोर्ड परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए ऑनलाइन क्लासेस पर जोर दे रहे हैं, ताकि छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो और उन्हें ठंड में स्कूल आने की मजबूरी न झेलनी पड़े।

अन्य राज्यों में भी सख्ती

दिल्ली के अलावा पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भी भीषण ठंड को देखते हुए स्कूलों की छुट्टियां बढ़ाने या समय में बदलाव जैसे फैसले लिए गए हैं। प्रशासन लगातार मौसम पर नजर बनाए हुए है और हालात के अनुसार आगे भी फैसले लिए जा सकते हैं।

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मथुरा में सामूहिक आत्महत्या से हिला गांव: पति-पत्नी और तीन मासूम बच्चों की जहर खाकर मौत, सुसाइड नोट और वीडियो मिले

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मथुरा के खप्परपुर गांव में एक घर के बाहर जमा भीड़ और तैनात पुलिस बल, जहां पति-पत्नी और तीन बच्चों की सामूहिक आत्महत्या की घटना सामने आई।

मथुरा जिले में एक ही परिवार के पांच लोगों की सामूहिक आत्महत्या की दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। महावन थाना क्षेत्र के खप्परपुर गांव में मंगलवार सुबह पति, पत्नी और उनके तीन छोटे बच्चों के शव घर के कमरे में मिले। शुरुआती जांच में सामने आया है कि सभी ने दूध में जहर मिलाकर सेवन किया था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाने का काम शुरू किया गया।

सुबह देर तक नहीं खुला दरवाजा, तब हुआ खुलासा
जानकारी के मुताबिक, यह परिवार सोमवार रात सामान्य रूप से घर में मौजूद था। मंगलवार सुबह जब घर का दरवाजा देर तक नहीं खुला तो पड़ोसियों को शक हुआ। कई बार आवाज देने के बाद भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने दरवाजा खुलवाया तो कमरे के अंदर पति-पत्नी और तीन बच्चों के शव पड़े मिले।

दूध में मिलाया गया जहर, पोस्टमार्टम से होगी पुष्टि
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि परिवार ने रात में दूध में जहर मिलाकर पिया था। हालांकि, मौत के सटीक कारण और जहर के प्रकार की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

दीवार पर लिखा सुसाइड नोट, वीडियो भी मिला
एसएसपी श्लोक कुमार सिंह ने बताया कि जिस कमरे में यह घटना हुई, वहां दीवार पर लिखा मिला है कि परिवार अपनी मर्जी से आत्महत्या कर रहा है। मृतक द्वारा बनाया गया एक वीडियो भी पुलिस को मिला है। सभी डिजिटल और भौतिक साक्ष्यों को सुरक्षित कर लिया गया है और उन्हें जांच का हिस्सा बनाया गया है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

मृतकों की पहचान और गांव में मातम
पुलिस के अनुसार, मृतकों में पति मनीष, पत्नी सीमा और उनके तीन बच्चे शामिल हैं—एक बेटा और दो बेटियां। घटना की खबर फैलते ही गांव में मातम पसर गया। मृतक के घर के बाहर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई है। एहतियात के तौर पर इलाके में पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे।

आत्महत्या के कारणों पर सस्पेंस
फिलहाल आत्महत्या के पीछे के कारण स्पष्ट नहीं हो सके हैं। आर्थिक, पारिवारिक या अन्य किसी दबाव की बात अभी पुष्टि के साथ सामने नहीं आई है। पुलिस परिजनों, पड़ोसियों और गांव के लोगों से पूछताछ कर रही है ताकि पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा सकें।

जांच जारी, हर पहलू खंगाल रही पुलिस
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है। फॉरेंसिक रिपोर्ट, पोस्टमार्टम और वीडियो की जांच के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा। इस घटना ने न सिर्फ खप्परपुर गांव, बल्कि पूरे जिले को गहरे सदमे में डाल दिया है।

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