दिल्ली के पास महसूस हुए भूकंप के झटके, हरियाणा के रेवाड़ी में था केंद्र; रिक्टर स्केल पर 2.8 रही तीव्रता

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Javed Haider Zaidi

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दिल्ली-एनसीआर में सुबह भूकंप के हल्के झटके महसूस, हरियाणा के रेवाड़ी में था भूकंप का केंद्र

देश की राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में सोमवार सुबह भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। अचानक आए इन झटकों से लोगों में कुछ देर के लिए दहशत का माहौल बन गया। हालांकि भूकंप की तीव्रता कम होने के कारण किसी तरह के नुकसान की खबर सामने नहीं आई है।

मिली जानकारी के मुताबिक भूकंप का केंद्र हरियाणा के रेवाड़ी जिले में था। यह भूकंप सुबह करीब 7 बजकर 1 मिनट पर आया। भूगर्भीय आंकड़ों के अनुसार भूकंप का केंद्र जमीन से लगभग 5 किलोमीटर की गहराई में स्थित था। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 2.8 मापी गई, जिसे सामान्य तौर पर हल्के झटकों की श्रेणी में रखा जाता है।

झटके महसूस होते ही कई इलाकों में लोग एहतियात के तौर पर अपने घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए। कुछ सेकंड तक जमीन में हल्की कंपन महसूस हुई, जिसके बाद स्थिति सामान्य हो गई। फिलहाल कहीं से किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है।

क्यों आते हैं भूकंप?

भूकंप धरती के अंदर मौजूद टेक्टोनिक प्लेट्स की हलचल के कारण आते हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार पृथ्वी की सतह कई बड़ी और छोटी टेक्टोनिक प्लेट्स से बनी हुई है। ये प्लेट्स लगातार गतिशील रहती हैं और जब इन प्लेट्स के बीच टकराव, दबाव या घर्षण होता है तो धरती के अंदर जमा ऊर्जा अचानक बाहर निकलती है। इसी प्रक्रिया के कारण भूकंप के झटके महसूस होते हैं।

हाल के वर्षों में दुनिया के कई हिस्सों में भूकंप की घटनाएं बढ़ती नजर आ रही हैं। कई बार इन झटकों की तीव्रता अधिक होने पर भारी तबाही भी हो सकती है। बड़े भूकंप की स्थिति में इमारतों को नुकसान पहुंचने के साथ-साथ जनजीवन भी बुरी तरह प्रभावित हो सकता है।

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भारत में भूकंप के जोन

भूगर्भ विशेषज्ञों के अनुसार भारत का लगभग 59 प्रतिशत हिस्सा भूकंप के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। इसी आधार पर देश को चार भूकंपीय जोन में बांटा गया है—जोन-2, जोन-3, जोन-4 और जोन-5।

इनमें जोन-5 को सबसे अधिक संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है, जबकि जोन-2 अपेक्षाकृत कम जोखिम वाला क्षेत्र है। देश की राजधानी दिल्ली जोन-4 में आती है, जिसे उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में गिना जाता है। इस जोन में कभी-कभी 7 या उससे अधिक तीव्रता वाले भूकंप आने की भी संभावना रहती है।

भारत में हिमालय क्षेत्र, कच्छ क्षेत्र और पूर्वोत्तर भारत भूकंप की दृष्टि से ज्यादा सक्रिय माने जाते हैं। इसकी प्रमुख वजह यह है कि भारतीय प्लेट लगातार यूरेशियन प्लेट से टकरा रही है, जिससे इन क्षेत्रों में भूकंपीय गतिविधियां ज्यादा देखी जाती हैं।

रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता का असर

भूकंप की तीव्रता को रिक्टर स्केल पर मापा जाता है। यह स्केल भूकंप से निकलने वाली ऊर्जा के आधार पर उसकी ताकत को दर्शाता है।

रिक्टर स्केल पर 4 से 4.9 तीव्रता वाले भूकंप में घरों के अंदर रखा सामान हिल सकता है या गिर सकता है। 5 से 5.9 तीव्रता के भूकंप में भारी फर्नीचर भी हिलने लगता है। 6 से 6.9 तीव्रता वाले भूकंप में इमारतों को नुकसान पहुंच सकता है और उनकी नींव में दरारें आ सकती हैं।

अगर तीव्रता 7 से 7.9 के बीच होती है तो इमारतें गिरने लगती हैं और बड़े पैमाने पर तबाही हो सकती है। वहीं 8 से 8.9 तीव्रता वाले भूकंप समुद्र में सुनामी का खतरा पैदा कर सकते हैं। 9 या उससे अधिक तीव्रता के भूकंप को सबसे विनाशकारी माना जाता है, जिनसे बड़े स्तर पर जनहानि और तबाही हो सकती है।

हालांकि दिल्ली-एनसीआर में सोमवार सुबह आया भूकंप बेहद हल्की श्रेणी का था, इसलिए इससे किसी तरह के नुकसान की खबर नहीं है। फिर भी विशेषज्ञों का मानना है कि भूकंप संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को हमेशा सतर्क रहना चाहिए और आपदा प्रबंधन से जुड़े दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए।

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पीएम मोदी 28 मार्च को करेंगे नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन, सीएम योगी ने लिया तैयारियों का जायजा

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नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे

नोएडा में बने नए अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के उद्घाटन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को हवाई अड्डे का निरीक्षण किया और उद्घाटन समारोह की तैयारियों का जायजा लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस हवाई अड्डे का उद्घाटन 28 मार्च को करेंगे, जिससे नोएडा और आसपास के क्षेत्रों के लिए हवाई यातायात में नई गति आने की संभावना है।

जेवर स्थित हवाई अड्डे का दौरा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ से गाजियाबाद के हिंडन हवाई अड्डे पहुंचे और वहां से हेलीकॉप्टर के माध्यम से जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचे। लगभग डेढ़ घंटे तक चली बैठक में अधिकारियों ने उद्घाटन समारोह की रूपरेखा, सुरक्षा योजना, जनसभा के लिए संभावित संख्या, बैठने की व्यवस्था और अन्य तैयारियों की जानकारी दी।

सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियां

सीएम योगी ने हवाई अड्डे और जनसभा स्थल का निरीक्षण किया और सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इस दौरान उत्तर प्रदेश शासन के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार और विशेष सचिव ईशान प्रताप सिंह भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री के आगमन के दौरान सुरक्षा, साफ-सफाई, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, चिकित्सा सुविधा, अग्नि सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा।

पार्किंग और जनसभा व्यवस्थाओं पर ध्यान

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसभा स्थल पर पार्किंग व्यवस्था सुव्यवस्थित रूप से बनाई जाए। इसके अलावा, सभी आवश्यक व्यवस्थाओं का समुचित इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति

इस अवसर पर गौतमबुद्ध नगर के सांसद डॉक्टर महेश शर्मा, प्रभारी मंत्री कुंवर बृजेश सिंह, जेवर के विधायक धीरेंद्र सिंह, पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह, जिलाधिकारी मेघा रूपम, यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के CEO राकेश कुमार सिंह, नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा लिमिटेड के CEO क्रिस्टोफ श्रेलमैन और COO किरण जैन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के संचालन से न केवल प्रदेश बल्कि पूरे उत्तर भारत के लिए हवाई यात्रा और वाणिज्यिक अवसरों में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, हवाई अड्डे के शुरू होने से व्यापार, पर्यटन और रोजमर्रा की यातायात सुविधा में उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिलेगा।

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