Sikkim में एक घंटे के भीतर दो बार भूकंप, दहशत में लोग घरों से बाहर निकले

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Javed Haider Zaidi

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दिल्ली-एनसीआर में सुबह भूकंप के हल्के झटके महसूस, हरियाणा के रेवाड़ी में था भूकंप का केंद्र

Sikkim: पूर्वोत्तर भारत के पहाड़ी राज्य Sikkim में गुरुवार को एक घंटे के भीतर दो बार भूकंप के झटके महसूस किए गए। पहले 4.6 और उसके बाद 3.5 तीव्रता के झटकों ने लोगों को दहशत में डाल दिया। अचानक धरती हिलने से कई इलाकों में लोग घबराकर घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए। हालांकि फिलहाल किसी तरह के जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है।

11:24 बजे पहला तेज झटका, 12:17 बजे दूसरा भूकंप

राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के मुताबिक, पहला भूकंप पूर्वाह्न 11 बजकर 24 मिनट पर आया, जिसकी तीव्रता 4.6 मापी गई। इसका केंद्र Gyalshing district के Yuksom से लगभग 4 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में और 10 किलोमीटर की गहराई पर था। झटका इतना तेज था कि राजधानी Gangtok समेत Namchi, Mangan और Pelling में भी इसे स्पष्ट रूप से महसूस किया गया।

पहले झटके के करीब एक घंटे बाद दोपहर 12 बजकर 17 मिनट पर 3.5 तीव्रता का दूसरा भूकंप आया। इसका केंद्र Gangtok से लगभग 11 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में 10 किलोमीटर की गहराई पर बताया गया है।

डर के मारे सड़कों पर पहुंचे लोग

भूकंप के झटके महसूस होते ही कई इलाकों में लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए। कुछ जगहों पर लोग चीखते हुए खुले स्थानों की ओर भागते नजर आए। बाजारों और दफ्तरों में भी कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल रहा। हालांकि प्रशासन ने तुरंत स्थिति पर नजर रखी और अब हालात सामान्य बताए जा रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि झटके कुछ सेकंड तक ही महसूस हुए, लेकिन अचानक आए कंपन ने भय का माहौल बना दिया। पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों में खासतौर पर चिंता देखी गई।

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भूकंप के लिहाज से संवेदनशील है सिक्किम

विशेषज्ञों के अनुसार, Sikkim भूकंप की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र में आता है। यह हिमालयी भूभाग का हिस्सा है, जहां भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों की लगातार टक्कर होती रहती है। यही कारण है कि यहां समय-समय पर मध्यम तीव्रता के भूकंप आते रहते हैं।

भूवैज्ञानिकों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में छोटे और मध्यम तीव्रता के भूकंप असामान्य नहीं हैं, लेकिन सतर्क रहना बेहद जरूरी है।

फिलहाल नुकसान की कोई खबर नहीं

अधिकारियों के मुताबिक, दोनों झटकों के बाद किसी तरह के बड़े नुकसान या हताहत होने की सूचना नहीं मिली है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

भूकंप के दौरान क्या करें? जानें जरूरी सावधानियां

भूकंप कभी भी और बिना चेतावनी के आ सकता है। ऐसे में कुछ जरूरी सावधानियां जीवन बचा सकती हैं—

  • ड्रॉप, कवर और होल्ड ऑन: झटका महसूस होते ही जमीन पर बैठ जाएं, मजबूत टेबल या डेस्क के नीचे छिपें और सिर को हाथों से ढक लें।
  • खिड़कियों और भारी सामान से दूर रहें: कांच, अलमारी या लटकते सामान से दूरी बनाए रखें।
  • घबराकर बाहर न भागें: झटकों के दौरान सीढ़ियों या लिफ्ट की ओर न दौड़ें।
  • बिजली और गैस बंद करें: झटके रुकने के बाद यदि संभव हो तो गैस और बिजली के कनेक्शन बंद कर दें।
  • आपातकालीन किट तैयार रखें: घर में पानी, सूखा राशन, दवाइयां, टॉर्च और जरूरी दस्तावेज सुरक्षित रखें।

प्रशासन की अपील

राज्य प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय आपदा प्रबंधन विभाग से संपर्क करने की अपील की है।

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PPF निवेशकों के लिए अहम खबर: अप्रैल में इस तारीख को भूलना पड़ सकता है महंगा

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"PPF निवेश करने वाले निवेशकों के लिए अप्रैल में जरूरी तारीख की जानकारी, सही समय पर जमा करने पर ज्यादा ब्याज, देर से निवेश करने पर नुकसान, PPF की ब्याज दर और फायदे, सुरक्षित लंबी अवधि की निवेश योजना, 1 से 5 तारीख के बीच निवेश करने के लाभ।"

अगर आप सुरक्षित और लंबे समय के निवेश की सोच रहे हैं, तो पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) आपके लिए सबसे भरोसेमंद विकल्पों में से एक है। यह सरकारी योजना न सिर्फ आपका पैसा सुरक्षित रखती है, बल्कि समय के साथ अच्छा रिटर्न भी देती है। लेकिन PPF में निवेश करते समय एक छोटी-सी तारीख की अनदेखी आपको सालभर के ब्याज में नुकसान पहुँचा सकती है। खासतौर पर अप्रैल महीने में यह बहुत अहम है।

PPF में निवेश का सही समय क्यों है जरूरी?

PPF में ब्याज की गणना हर महीने 5 तारीख से लेकर महीने के आखिरी दिन के बीच के न्यूनतम बैलेंस के आधार पर होती है। इसका मतलब साफ है:

  • अगर आप 1 से 5 अप्रैल के बीच निवेश करते हैं, तो आपको उस महीने का पूरा ब्याज मिलेगा।
  • लेकिन अगर आप 5 अप्रैल के बाद पैसा जमा करते हैं, तो ब्याज केवल अगले महीने से जुड़ना शुरू होगा।

यानी सिर्फ कुछ दिनों की देरी भी आपके सालभर के रिटर्न को कम कर सकती है।

देरी से निवेश करने पर कितना नुकसान हो सकता है?

आइए इसे एक उदाहरण से समझते हैं।

मान लीजिए आपने PPF अकाउंट में 1.5 लाख रुपये जमा किए।

  • अगर राशि 1 से 5 तारीख के बीच जमा होती है, तो सालाना ब्याज लगभग ₹10,650 होगा।
  • वहीं, अगर आप 5 तारीख के बाद निवेश करते हैं, तो सालाना ब्याज घटकर लगभग ₹9,763 रह जाता है।

यानी केवल एक दिन की देरी से लगभग ₹887 का नुकसान हो सकता है।

यह नुकसान छोटा लग सकता है, लेकिन PPF लंबी अवधि की योजना है, इसलिए समय पर निवेश करने से लंबे समय में काफी बड़ा फर्क पड़ता है।

PPF योजना के फायदे और खासियतें

PPF योजना को खासतौर पर सुरक्षित निवेश की तलाश करने वाले लोग पसंद करते हैं। इसकी कुछ मुख्य खूबियां हैं:

  • लंबी अवधि का निवेश: 15 साल
  • न्यूनतम निवेश राशि: ₹500
  • अधिकतम निवेश राशि: ₹1.5 लाख सालाना
  • ब्याज दर: करीब 7.1% (वर्तमान में)
  • टैक्स लाभ: धारा 80C के तहत पूरी तरह टैक्स-फ्री

यह योजना उन निवेशकों के लिए आदर्श है, जो बिना जोखिम लिए लंबे समय में अच्छा फंड बनाना चाहते हैं।

निवेश करते समय ध्यान रखने योग्य बातें

  1. कोशिश करें कि 1 से 5 तारीख के बीच ही पैसा जमा करें।
  2. अगर पूरे साल की एकमुश्त राशि जमा करना संभव नहीं है, तो हर महीने की शुरुआत में निवेश करें।
  3. PPF को लंबी अवधि की योजना मानकर ही निवेश करें।
  4. समय पर निवेश करने से आपके सालभर के ब्याज में बढ़ोतरी होगी।
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