CNG-PNG की कीमतों पर राहत: अदाणी टोटल गैस ने आम उपभोक्ताओं के दाम स्थिर रखे, उद्योगों के लिए नई सीमा लागू

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Javed Haider Zaidi

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मध्य पूर्व संकट के बीच अदाणी टोटल गैस ने CNG और PNG की कीमतें स्थिर रखीं, आम उपभोक्ताओं को राहत जबकि औद्योगिक ग्राहकों के लिए गैस उपयोग पर सीमा तय।

मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और गैस आपूर्ति में संभावित बाधाओं के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिला है। कई देशों में ऊर्जा कीमतों के बढ़ने की आशंका के बीच भारत में भी CNG और PNG के महंगे होने की चर्चा तेज थी। हालांकि इस बीच अदाणी समूह की कंपनी अदाणी टोटल गैस लिमिटेड (ATGL) ने आम उपभोक्ताओं को राहत देते हुए स्पष्ट किया है कि फिलहाल CNG और घरेलू पाइप्ड गैस (PNG) की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की जाएगी।

कंपनी के इस फैसले से कार चलाने वाले लाखों लोगों और घरों में पाइपलाइन से गैस का इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है। ATGL के मुताबिक, कंपनी की कुल गैस आपूर्ति का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा घरेलू स्रोतों से आता है। यही गैस मुख्य रूप से वाहनों के लिए CNG और घरों की रसोई में इस्तेमाल होने वाली PNG के रूप में सप्लाई की जाती है।

कंपनी ने साफ किया है कि इन दोनों श्रेणियों के उपभोक्ताओं के लिए मौजूदा कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। इसका मतलब यह है कि फिलहाल आम लोगों के परिवहन और रसोई के बजट पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा।

हालांकि कंपनी ने औद्योगिक और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं के लिए गैस उपयोग को लेकर नई व्यवस्था लागू की है। ATGL अपनी कुल गैस का करीब 30 प्रतिशत हिस्सा विदेशों से आयात करती है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से उद्योगों और व्यावसायिक संस्थानों द्वारा किया जाता है।

मध्य पूर्व में जारी तनाव और समुद्री मार्गों पर बढ़ते जोखिम के कारण गैस आपूर्ति प्रभावित हुई है। विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही में आई बाधाओं ने अंतरराष्ट्रीय गैस बाजार को अस्थिर बना दिया है। इसी वजह से विदेशी गैस की कीमतों में तेज उछाल आया है।

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इस स्थिति को देखते हुए कंपनी ने औद्योगिक ग्राहकों के लिए गैस उपयोग की सीमा तय कर दी है। नई व्यवस्था के तहत उद्योगों को उनकी जरूरत का अधिकतम 40 प्रतिशत गैस पुरानी निर्धारित दरों पर ही उपलब्ध कराया जाएगा। यह कीमत लगभग 40 रुपये प्रति यूनिट के आसपास बनी रहेगी।

लेकिन यदि कोई उद्योग इस सीमा से अधिक गैस की मांग करता है, तो उसे अतिरिक्त गैस के लिए स्पॉट मार्केट की ऊंची कीमत चुकानी होगी। वर्तमान अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में यह कीमत 119 रुपये प्रति यूनिट तक पहुंच सकती है।

दरअसल, वैश्विक बाजार में गैस की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। कुछ समय पहले तक जो गैस लगभग 10 डॉलर प्रति यूनिट के आसपास उपलब्ध थी, उसकी कीमत बढ़कर करीब 25 डॉलर प्रति यूनिट तक पहुंच गई है। इसका सीधा असर आयातित गैस पर पड़ रहा है।

कंपनी का कहना है कि चुनौतीपूर्ण अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के बावजूद वह आम उपभोक्ताओं को राहत देने और गैस की निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। ATGL के अनुसार, प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि घरों और वाहनों के लिए आवश्यक गैस आपूर्ति प्रभावित न हो।

ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय तनाव लंबे समय तक बना रहता है, तो भविष्य में गैस बाजार पर दबाव और बढ़ सकता है। हालांकि फिलहाल अदाणी टोटल गैस के इस फैसले से आम लोगों को राहत जरूर मिली है और उनके दैनिक खर्च पर तत्काल कोई असर नहीं पड़ेगा।

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फारस की खाड़ी में कतर का सैन्य हेलीकॉप्टर क्रैश, 6 की मौत; युद्ध के बीच हादसे ने बढ़ाई चिंता

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फारस की खाड़ी में क्रैश हुआ कतर का सैन्य हेलीकॉप्टर, बचाव टीमें तलाश अभियान में जुटी

मध्य पूर्व में जारी तनावपूर्ण माहौल के बीच एक बड़ी घटना सामने आई है। कतर का एक सैन्य हेलीकॉप्टर रविवार को फारस की खाड़ी में दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें 6 लोगों की मौत की पुष्टि की गई है। हादसे के बाद से एक व्यक्ति अब भी लापता है, जिसकी तलाश जारी है।

कतर के आंतरिक मंत्रालय के मुताबिक यह दुर्घटना देश के क्षेत्रीय जल में हुई। बचाव अभियान तेजी से चलाया जा रहा है, जिसमें कोस्ट गार्ड और आंतरिक सुरक्षा बल की टीमें शामिल हैं। हालांकि अब तक मृतकों की पहचान और उनकी राष्ट्रीयता को लेकर आधिकारिक रूप से कोई स्पष्ट जानकारी साझा नहीं की गई है।

रक्षा मंत्रालय ने इस हादसे के पीछे प्रारंभिक कारण “तकनीकी खराबी” बताया है। जानकारी के अनुसार हेलीकॉप्टर नियमित ड्यूटी पर था और उसी दौरान अचानक नियंत्रण खो बैठा, जिसके बाद वह समुद्र में गिर गया। मंत्रालय ने यह भी कहा है कि दुर्घटना के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।

यह घटना ऐसे समय में हुई है जब ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच तनाव चरम पर है। खाड़ी क्षेत्र में लगातार बढ़ती सैन्य गतिविधियों और हमलों के बीच इस हादसे ने सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं।

हालांकि कतर सरकार ने साफ किया है कि इस हेलीकॉप्टर क्रैश में किसी भी तरह की दुश्मन कार्रवाई के संकेत नहीं मिले हैं। अधिकारियों का कहना है कि अभी तक उपलब्ध जानकारी के आधार पर इसे एक तकनीकी दुर्घटना ही माना जा रहा है।

बीते दिनों खाड़ी क्षेत्र में ईरान द्वारा अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाए जाने की खबरें भी सामने आई थीं, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। ऐसे में इस दुर्घटना को लेकर शुरुआती स्तर पर कई तरह की आशंकाएं जताई गईं, लेकिन कतर ने उन्हें खारिज कर दिया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि भले ही यह एक तकनीकी हादसा हो, लेकिन मौजूदा हालात में इस तरह की घटनाएं क्षेत्रीय अस्थिरता को और बढ़ा सकती हैं। खाड़ी क्षेत्र वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का एक महत्वपूर्ण केंद्र है, ऐसे में किसी भी प्रकार की असामान्य घटना का असर व्यापक स्तर पर देखने को मिल सकता है।

फिलहाल कतर सरकार ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है और जांच पूरी होने तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से बचने की अपील की है। बचाव दल लापता व्यक्ति की तलाश में लगातार जुटे हुए हैं।

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