Weather Update: दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय, 6 राज्यों में बारिश–तेज हवाओं का अलर्ट; पूर्वी भारत में बढ़ेगा तापमान

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Javed Haider Zaidi

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दो नए पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर भारत में बारिश और बर्फबारी, मौसम विभाग ने कई राज्यों में तेज हवाओं और बदलते मौसम की चेतावनी जारी की

दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय, 6 राज्यों में बारिश–तेज हवाओं का अलर्ट; पूर्वी भारत में बढ़ेगा तापमान

Weather Update: देश में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलता नजर आ रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में दो नए पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गए हैं, जिनके असर से उत्तर भारत के कई राज्यों में बारिश और बर्फबारी की संभावना है। वहीं पूर्वी भारत में आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है, जिससे गर्मी धीरे-धीरे दस्तक देगी।

अगले 48 घंटे में कहां बदलेगा मौसम

मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 48 घंटों के दौरान देश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। खासतौर पर उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत के पर्वतीय इलाकों में मौसम ज्यादा सक्रिय रहेगा। इसके साथ ही पूर्वोत्तर भारत के कुछ राज्यों में सुबह के समय घना कोहरा छाए रहने की संभावना है।

पश्चिमी विक्षोभ का असर: इन राज्यों में बारिश-बर्फबारी

IMD के अनुसार, 11 फरवरी को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो सकती है।
इसके अलावा 14 और 15 फरवरी को भी इन राज्यों के कुछ हिस्सों में बारिश और बर्फबारी की संभावना बनी रहेगी। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और कहीं-कहीं बिजली गिरने की भी आशंका है।
16 फरवरी को पश्चिमी विक्षोभ का असर मैदानी इलाकों तक पहुंच सकता है, जिससे हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ में हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है।

पूर्वी भारत में बढ़ेगी गर्मी

मौसम विभाग का कहना है कि अगले तीन दिनों के दौरान पूर्वी भारत में न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है। इसके बाद तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। इसका साफ मतलब है कि पूर्वी भारत में ठंड कमजोर पड़ रही है और गर्मी की शुरुआत हो रही है।

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इन राज्यों में अभी बनी रहेगी ठंड

हालांकि देश के कई हिस्सों में तापमान बढ़ने लगा है, लेकिन अभी भी पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तरी राजस्थान, उत्तरी मध्य प्रदेश, उत्तरी छत्तीसगढ़, झारखंड और पूर्वोत्तर भारत में रात के तापमान 5 से 10 डिग्री सेल्सियस के बीच बने हुए हैं।
वहीं पश्चिमी और पूर्वी भारत के कई इलाकों में न्यूनतम तापमान 10 से 15 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जा रहा है। मैदानी इलाकों में सबसे कम तापमान पश्चिमी राजस्थान के पाली में 5.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है।

कोहरे की चेतावनी

मेघालय में सुबह के समय घना कोहरा देखने को मिल सकता है। इसके अलावा देश के कई अन्य राज्यों में भी सुबह हल्का कोहरा छाए रहने की संभावना है, जिससे दृश्यता प्रभावित हो सकती है।

दिल्ली-एनसीआर का मौसम

दिल्ली-एनसीआर में फिलहाल मौसम शुष्क बना रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, आज आसमान ज्यादातर साफ रहेगा और सुबह के समय हल्की धुंध देखने को मिल सकती है।
दिल्ली में अधिकतम तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 10 से 12 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। न्यूनतम तापमान सामान्य के करीब बना रहेगा।
दिन के समय 10 से 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। गुरुवार को भी मौसम साफ रहने का अनुमान है और दिल्ली-एनसीआर में बारिश की कोई संभावना नहीं है।

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PPF निवेशकों के लिए अहम खबर: अप्रैल में इस तारीख को भूलना पड़ सकता है महंगा

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"PPF निवेश करने वाले निवेशकों के लिए अप्रैल में जरूरी तारीख की जानकारी, सही समय पर जमा करने पर ज्यादा ब्याज, देर से निवेश करने पर नुकसान, PPF की ब्याज दर और फायदे, सुरक्षित लंबी अवधि की निवेश योजना, 1 से 5 तारीख के बीच निवेश करने के लाभ।"

अगर आप सुरक्षित और लंबे समय के निवेश की सोच रहे हैं, तो पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) आपके लिए सबसे भरोसेमंद विकल्पों में से एक है। यह सरकारी योजना न सिर्फ आपका पैसा सुरक्षित रखती है, बल्कि समय के साथ अच्छा रिटर्न भी देती है। लेकिन PPF में निवेश करते समय एक छोटी-सी तारीख की अनदेखी आपको सालभर के ब्याज में नुकसान पहुँचा सकती है। खासतौर पर अप्रैल महीने में यह बहुत अहम है।

PPF में निवेश का सही समय क्यों है जरूरी?

PPF में ब्याज की गणना हर महीने 5 तारीख से लेकर महीने के आखिरी दिन के बीच के न्यूनतम बैलेंस के आधार पर होती है। इसका मतलब साफ है:

  • अगर आप 1 से 5 अप्रैल के बीच निवेश करते हैं, तो आपको उस महीने का पूरा ब्याज मिलेगा।
  • लेकिन अगर आप 5 अप्रैल के बाद पैसा जमा करते हैं, तो ब्याज केवल अगले महीने से जुड़ना शुरू होगा।

यानी सिर्फ कुछ दिनों की देरी भी आपके सालभर के रिटर्न को कम कर सकती है।

देरी से निवेश करने पर कितना नुकसान हो सकता है?

आइए इसे एक उदाहरण से समझते हैं।

मान लीजिए आपने PPF अकाउंट में 1.5 लाख रुपये जमा किए।

  • अगर राशि 1 से 5 तारीख के बीच जमा होती है, तो सालाना ब्याज लगभग ₹10,650 होगा।
  • वहीं, अगर आप 5 तारीख के बाद निवेश करते हैं, तो सालाना ब्याज घटकर लगभग ₹9,763 रह जाता है।

यानी केवल एक दिन की देरी से लगभग ₹887 का नुकसान हो सकता है।

यह नुकसान छोटा लग सकता है, लेकिन PPF लंबी अवधि की योजना है, इसलिए समय पर निवेश करने से लंबे समय में काफी बड़ा फर्क पड़ता है।

PPF योजना के फायदे और खासियतें

PPF योजना को खासतौर पर सुरक्षित निवेश की तलाश करने वाले लोग पसंद करते हैं। इसकी कुछ मुख्य खूबियां हैं:

  • लंबी अवधि का निवेश: 15 साल
  • न्यूनतम निवेश राशि: ₹500
  • अधिकतम निवेश राशि: ₹1.5 लाख सालाना
  • ब्याज दर: करीब 7.1% (वर्तमान में)
  • टैक्स लाभ: धारा 80C के तहत पूरी तरह टैक्स-फ्री

यह योजना उन निवेशकों के लिए आदर्श है, जो बिना जोखिम लिए लंबे समय में अच्छा फंड बनाना चाहते हैं।

निवेश करते समय ध्यान रखने योग्य बातें

  1. कोशिश करें कि 1 से 5 तारीख के बीच ही पैसा जमा करें।
  2. अगर पूरे साल की एकमुश्त राशि जमा करना संभव नहीं है, तो हर महीने की शुरुआत में निवेश करें।
  3. PPF को लंबी अवधि की योजना मानकर ही निवेश करें।
  4. समय पर निवेश करने से आपके सालभर के ब्याज में बढ़ोतरी होगी।
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