Weather Update: जम्मू-हिमाचल में बारिश और बर्फबारी का अलर्ट, यूपी-उत्तराखंड में घना कोहरा, आईएमडी का ताज़ा मौसम अपडेट

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Javed Haider Zaidi

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जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में बारिश व बर्फबारी की चेतावनी, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में घना कोहरा, तमिलनाडु के तटीय इलाकों में कोहरे का अलर्ट जारी।

 Weather Update: देश के कई हिस्सों में मौसम ने एक बार फिर करवट लेने के संकेत दे दिए हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव को देखते हुए जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में बारिश और बर्फबारी की चेतावनी जारी की है, जबकि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में घने कोहरे को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में भी कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है।

मौसम विभाग के अनुसार, 9 से 11 फरवरी के बीच पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में छिटपुट से लेकर व्यापक स्तर पर वर्षा और बर्फबारी की संभावना है। जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की से मध्यम बर्फबारी हो सकती है, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है और सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।

उत्तर भारत के मैदानी इलाकों की बात करें तो उत्तर प्रदेश में घने कोहरे को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि उत्तराखंड के लिए येलो अलर्ट घोषित किया गया है। सुबह और रात के समय दृश्यता काफी कम रहने की संभावना है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है। मौसम विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।

दक्षिण भारत में भी मौसम का असर देखने को मिल सकता है। तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में घना कोहरा छाए रहने की चेतावनी दी गई है। यहां सुबह के समय विजिबिलिटी कम रहने से स्थानीय परिवहन पर असर पड़ सकता है। हालांकि, देश के बाकी हिस्सों में अगले सात दिनों तक किसी बड़ी मौसम गतिविधि की संभावना नहीं जताई गई है।

तापमान में उतार-चढ़ाव का अनुमान

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आईएमडी के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत में अगले दो दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे करीब दो डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है। इसके बाद अगले दो दिनों में तापमान में लगभग दो डिग्री की गिरावट दर्ज की जा सकती है। इसके बाद तीन दिनों तक तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है।

मध्य भारत में अगले 24 घंटों के दौरान न्यूनतम तापमान में कोई खास परिवर्तन नहीं होगा, लेकिन उसके बाद अगले चार दिनों में तापमान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। पूर्वी भारत में भी अगले तीन दिनों तक तापमान स्थिर रहने के आसार हैं, जबकि उसके बाद 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी संभव है। महाराष्ट्र में अगले 24 घंटों तक तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन इसके बाद दो दिनों तक 2 से 3 डिग्री की गिरावट आ सकती है, फिर पारा दोबारा बढ़ने की संभावना है।

अगले सप्ताह नया पश्चिमी विक्षोभ संभव

मौसम विभाग ने बताया है कि 9 और 10 फरवरी के बीच पश्चिमी विक्षोभ के असर से जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है। हालांकि, इसके बाद अगले कुछ दिनों तक मौसम में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। वहीं, 17 फरवरी के आसपास एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिसका असर उत्तर भारत के मौसम पर देखने को मिल सकता है।

पंजाब और हरियाणा में कड़ाके की ठंड

पंजाब और हरियाणा में ठंड का असर अभी भी बना हुआ है। पंजाब के कई इलाकों में न्यूनतम तापमान पांच डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया। फरीदकोट और होशियारपुर में न्यूनतम तापमान पांच डिग्री रहा, जबकि फिरोजपुर में 5.6 डिग्री, अमृतसर में 5.7 डिग्री और बठिंडा में 6.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लुधियाना और पटियाला में तापमान करीब नौ डिग्री के आसपास रहा। पंजाब और हरियाणा की साझा राजधानी चंडीगढ़ में न्यूनतम तापमान आठ डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

हरियाणा में करनाल का न्यूनतम तापमान 7.2 डिग्री, गुरुग्राम में 8.1 डिग्री, नारनौल में 8.5 डिग्री और हिसार में 8.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अंबाला में तापमान 9.2 डिग्री सेल्सियस रहा।

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PPF निवेशकों के लिए अहम खबर: अप्रैल में इस तारीख को भूलना पड़ सकता है महंगा

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"PPF निवेश करने वाले निवेशकों के लिए अप्रैल में जरूरी तारीख की जानकारी, सही समय पर जमा करने पर ज्यादा ब्याज, देर से निवेश करने पर नुकसान, PPF की ब्याज दर और फायदे, सुरक्षित लंबी अवधि की निवेश योजना, 1 से 5 तारीख के बीच निवेश करने के लाभ।"

अगर आप सुरक्षित और लंबे समय के निवेश की सोच रहे हैं, तो पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) आपके लिए सबसे भरोसेमंद विकल्पों में से एक है। यह सरकारी योजना न सिर्फ आपका पैसा सुरक्षित रखती है, बल्कि समय के साथ अच्छा रिटर्न भी देती है। लेकिन PPF में निवेश करते समय एक छोटी-सी तारीख की अनदेखी आपको सालभर के ब्याज में नुकसान पहुँचा सकती है। खासतौर पर अप्रैल महीने में यह बहुत अहम है।

PPF में निवेश का सही समय क्यों है जरूरी?

PPF में ब्याज की गणना हर महीने 5 तारीख से लेकर महीने के आखिरी दिन के बीच के न्यूनतम बैलेंस के आधार पर होती है। इसका मतलब साफ है:

  • अगर आप 1 से 5 अप्रैल के बीच निवेश करते हैं, तो आपको उस महीने का पूरा ब्याज मिलेगा।
  • लेकिन अगर आप 5 अप्रैल के बाद पैसा जमा करते हैं, तो ब्याज केवल अगले महीने से जुड़ना शुरू होगा।

यानी सिर्फ कुछ दिनों की देरी भी आपके सालभर के रिटर्न को कम कर सकती है।

देरी से निवेश करने पर कितना नुकसान हो सकता है?

आइए इसे एक उदाहरण से समझते हैं।

मान लीजिए आपने PPF अकाउंट में 1.5 लाख रुपये जमा किए।

  • अगर राशि 1 से 5 तारीख के बीच जमा होती है, तो सालाना ब्याज लगभग ₹10,650 होगा।
  • वहीं, अगर आप 5 तारीख के बाद निवेश करते हैं, तो सालाना ब्याज घटकर लगभग ₹9,763 रह जाता है।

यानी केवल एक दिन की देरी से लगभग ₹887 का नुकसान हो सकता है।

यह नुकसान छोटा लग सकता है, लेकिन PPF लंबी अवधि की योजना है, इसलिए समय पर निवेश करने से लंबे समय में काफी बड़ा फर्क पड़ता है।

PPF योजना के फायदे और खासियतें

PPF योजना को खासतौर पर सुरक्षित निवेश की तलाश करने वाले लोग पसंद करते हैं। इसकी कुछ मुख्य खूबियां हैं:

  • लंबी अवधि का निवेश: 15 साल
  • न्यूनतम निवेश राशि: ₹500
  • अधिकतम निवेश राशि: ₹1.5 लाख सालाना
  • ब्याज दर: करीब 7.1% (वर्तमान में)
  • टैक्स लाभ: धारा 80C के तहत पूरी तरह टैक्स-फ्री

यह योजना उन निवेशकों के लिए आदर्श है, जो बिना जोखिम लिए लंबे समय में अच्छा फंड बनाना चाहते हैं।

निवेश करते समय ध्यान रखने योग्य बातें

  1. कोशिश करें कि 1 से 5 तारीख के बीच ही पैसा जमा करें।
  2. अगर पूरे साल की एकमुश्त राशि जमा करना संभव नहीं है, तो हर महीने की शुरुआत में निवेश करें।
  3. PPF को लंबी अवधि की योजना मानकर ही निवेश करें।
  4. समय पर निवेश करने से आपके सालभर के ब्याज में बढ़ोतरी होगी।
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