पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस का इस्तीफा, ममता बनर्जी ने जताई हैरानी
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में उस समय हलचल तेज हो गई जब राज्यपाल डॉ. सी.वी. आनंद बोस ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपना इस्तीफा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भेज दिया है। बताया जा रहा है कि वह फिलहाल दिल्ली में हैं और वहीं से उन्होंने अपने पद से हटने का फैसला लिया।
राज्यपाल के इस अचानक फैसले ने राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाओं को जन्म दे दिया है। खास बात यह है कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होने में अब ज्यादा समय बाकी नहीं है और माना जा रहा है कि जल्द ही चुनाव आयोग चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर सकता है। ऐसे समय में राज्यपाल का इस्तीफा कई राजनीतिक सवाल खड़े कर रहा है।
ममता बनर्जी ने जताई हैरानी
राज्यपाल के इस्तीफे की खबर सामने आते ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की प्रतिक्रिया भी सामने आई। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस फैसले को चौंकाने वाला बताया।
ममता बनर्जी ने लिखा कि पश्चिम बंगाल के गवर्नर सी. वी. आनंद बोस के इस्तीफे की अचानक आई खबर से वह हैरान और परेशान हैं। उन्होंने कहा कि अभी तक उन्हें इस्तीफे के पीछे की असली वजह की जानकारी नहीं है।
मुख्यमंत्री ने अपने बयान में यह भी संकेत दिया कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए उन्हें हैरानी नहीं होगी यदि विधानसभा चुनावों से पहले किसी राजनीतिक कारण से दबाव बनाया गया हो। हालांकि उन्होंने इस संबंध में कोई ठोस दावा नहीं किया, लेकिन सवाल जरूर उठाए।
नए राज्यपाल को लेकर भी उठे सवाल
ममता बनर्जी ने अपने पोस्ट में यह भी कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री ने उन्हें जानकारी दी है कि आर. एन. रवि को पश्चिम बंगाल का नया राज्यपाल बनाया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि इस बारे में तय परंपरा के अनुसार उनसे कोई सलाह नहीं ली गई।
उन्होंने कहा कि इस तरह के फैसले संविधान की भावना और देश के संघीय ढांचे को कमजोर करते हैं। ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार से अपील की कि सहकारी संघवाद की भावना का सम्मान किया जाना चाहिए और राज्यों के साथ संवाद कायम रखा जाना चाहिए।
2022 में बने थे पश्चिम बंगाल के राज्यपाल
डॉ. सी.वी. आनंद बोस मूल रूप से केरल के कोट्टायम के रहने वाले हैं। वह 1977 बैच के सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी हैं और प्रशासनिक सेवा में उनका लंबा अनुभव रहा है।
उन्हें 23 नवंबर 2022 को पश्चिम बंगाल का राज्यपाल नियुक्त किया गया था। अपने कार्यकाल के दौरान वह कई बार राज्य सरकार और राजभवन के बीच विवादों को लेकर भी चर्चा में रहे।
अब उनके इस्तीफे के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है। विधानसभा चुनाव से पहले इस बदलाव को राजनीतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि केंद्र सरकार राज्य के नए राज्यपाल के रूप में किसे नियुक्त करती है और इसका राज्य की राजनीति पर क्या असर पड़ता है।