तीन दिन तक बदलेगा मौसम का मिजाज: 21 राज्यों में आंधी-बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट, जानिए आपके शहर का हाल

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Javed Haider Zaidi

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देश के कई राज्यों में काले बादल, तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के दौरान बदलता मौसम का दृश्य

पूरे देश में बदला मौसम का मिजाज, तीन दिन भारी पड़ सकते हैं

देश के कई हिस्सों में पिछले दो दिनों से मौसम सुहावना बना हुआ है, लेकिन अब यही बदला हुआ मौसम कई राज्यों के लिए मुश्किलें भी ला सकता है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 19 मार्च से 22 मार्च तक देश के 21 राज्यों में आंधी-तूफान, बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग के अनुसार, 20 मार्च को स्थिति सबसे ज्यादा प्रभावी और गंभीर रह सकती है। इस दौरान तेज हवाएं, गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ सकती हैं।

पश्चिमी विक्षोभ बना बदलाव की बड़ी वजह

मौसम में इस बड़े बदलाव के पीछे मुख्य कारण पश्चिमी विक्षोभ है। इसके सक्रिय होने से उत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में तेज आंधी, बारिश और ओले गिरने की संभावना है।

पहाड़ी राज्यों में इसका असर और भी ज्यादा देखने को मिल रहा है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी हो रही है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है।

दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत में अलर्ट

राजधानी दिल्ली और एनसीआर में गुरुवार को बारिश के बाद मौसम सुहावना रहा और शुक्रवार को भी यही स्थिति बनी रह सकती है।

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20 मार्च को दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में:

  • धूल भरी आंधी
  • तेज बारिश
  • ओलावृष्टि
  • आकाशीय बिजली गिरने का खतरा

जताया गया है।

हवा की रफ्तार 30 से 40 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे तापमान में गिरावट और गर्मी से राहत मिलेगी।

उत्तर प्रदेश के इन जिलों में खास सतर्कता जरूरी

उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और कुछ मध्य जिलों में मौसम ज्यादा प्रभावी रहेगा।

नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, आगरा, मथुरा, अलीगढ़, बरेली समेत कई जिलों में:

  • मेघ गर्जन
  • तेज आंधी
  • बारिश
  • ओलावृष्टि

का अलर्ट जारी किया गया है।

कुछ जगहों पर बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

बिहार में भी तेज मौसम गतिविधियां

बिहार के लगभग सभी प्रमुख जिलों—पटना, गया, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, पूर्णिया समेत—में:

  • तेज आंधी
  • भारी बारिश
  • ओलावृष्टि
  • ठनका (बिजली गिरना)

का अलर्ट जारी किया गया है।

राजस्थान, हरियाणा और पंजाब में भी असर

राजस्थान के जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, अजमेर, उदयपुर और कोटा संभाग में तेज हवाओं के साथ बारिश और ओले गिर सकते हैं।

वहीं हरियाणा और पंजाब में भी अगले दो दिनों तक आंधी, बारिश और वज्रपात की संभावना है।

पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और ऑरेंज अलर्ट

पहाड़ी राज्यों में मौसम और ज्यादा सख्त हो गया है:

  • उत्तराखंड के केदारनाथ, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी में लगातार गतिविधियां
  • हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति, शिमला, कुल्लू, कांगड़ा में भारी बारिश और बर्फबारी
  • जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में ताजा हिमपात

इन क्षेत्रों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में भी बारिश के संकेत

मौसम का असर सिर्फ उत्तर भारत तक सीमित नहीं है।

कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में भी बारिश की संभावना जताई गई है।

वहीं पूर्वी और पूर्वोत्तर राज्यों—ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल, असम, छत्तीसगढ़ और सिक्किम—में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

क्या रखें सावधानियां?

  • खुले मैदान या पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें
  • बिजली गिरने के समय मोबाइल या धातु की वस्तुओं से दूरी रखें
  • तेज हवा में वाहन सावधानी से चलाएं
  • मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखें
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PPF निवेशकों के लिए अहम खबर: अप्रैल में इस तारीख को भूलना पड़ सकता है महंगा

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"PPF निवेश करने वाले निवेशकों के लिए अप्रैल में जरूरी तारीख की जानकारी, सही समय पर जमा करने पर ज्यादा ब्याज, देर से निवेश करने पर नुकसान, PPF की ब्याज दर और फायदे, सुरक्षित लंबी अवधि की निवेश योजना, 1 से 5 तारीख के बीच निवेश करने के लाभ।"

अगर आप सुरक्षित और लंबे समय के निवेश की सोच रहे हैं, तो पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) आपके लिए सबसे भरोसेमंद विकल्पों में से एक है। यह सरकारी योजना न सिर्फ आपका पैसा सुरक्षित रखती है, बल्कि समय के साथ अच्छा रिटर्न भी देती है। लेकिन PPF में निवेश करते समय एक छोटी-सी तारीख की अनदेखी आपको सालभर के ब्याज में नुकसान पहुँचा सकती है। खासतौर पर अप्रैल महीने में यह बहुत अहम है।

PPF में निवेश का सही समय क्यों है जरूरी?

PPF में ब्याज की गणना हर महीने 5 तारीख से लेकर महीने के आखिरी दिन के बीच के न्यूनतम बैलेंस के आधार पर होती है। इसका मतलब साफ है:

  • अगर आप 1 से 5 अप्रैल के बीच निवेश करते हैं, तो आपको उस महीने का पूरा ब्याज मिलेगा।
  • लेकिन अगर आप 5 अप्रैल के बाद पैसा जमा करते हैं, तो ब्याज केवल अगले महीने से जुड़ना शुरू होगा।

यानी सिर्फ कुछ दिनों की देरी भी आपके सालभर के रिटर्न को कम कर सकती है।

देरी से निवेश करने पर कितना नुकसान हो सकता है?

आइए इसे एक उदाहरण से समझते हैं।

मान लीजिए आपने PPF अकाउंट में 1.5 लाख रुपये जमा किए।

  • अगर राशि 1 से 5 तारीख के बीच जमा होती है, तो सालाना ब्याज लगभग ₹10,650 होगा।
  • वहीं, अगर आप 5 तारीख के बाद निवेश करते हैं, तो सालाना ब्याज घटकर लगभग ₹9,763 रह जाता है।

यानी केवल एक दिन की देरी से लगभग ₹887 का नुकसान हो सकता है।

यह नुकसान छोटा लग सकता है, लेकिन PPF लंबी अवधि की योजना है, इसलिए समय पर निवेश करने से लंबे समय में काफी बड़ा फर्क पड़ता है।

PPF योजना के फायदे और खासियतें

PPF योजना को खासतौर पर सुरक्षित निवेश की तलाश करने वाले लोग पसंद करते हैं। इसकी कुछ मुख्य खूबियां हैं:

  • लंबी अवधि का निवेश: 15 साल
  • न्यूनतम निवेश राशि: ₹500
  • अधिकतम निवेश राशि: ₹1.5 लाख सालाना
  • ब्याज दर: करीब 7.1% (वर्तमान में)
  • टैक्स लाभ: धारा 80C के तहत पूरी तरह टैक्स-फ्री

यह योजना उन निवेशकों के लिए आदर्श है, जो बिना जोखिम लिए लंबे समय में अच्छा फंड बनाना चाहते हैं।

निवेश करते समय ध्यान रखने योग्य बातें

  1. कोशिश करें कि 1 से 5 तारीख के बीच ही पैसा जमा करें।
  2. अगर पूरे साल की एकमुश्त राशि जमा करना संभव नहीं है, तो हर महीने की शुरुआत में निवेश करें।
  3. PPF को लंबी अवधि की योजना मानकर ही निवेश करें।
  4. समय पर निवेश करने से आपके सालभर के ब्याज में बढ़ोतरी होगी।
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