अमेरिका में विंटर स्टॉर्म “डेविन” का कहर: हजारों उड़ानें रद्द, यात्री प्रभावित, मौसम विभाग ने चेताया

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Javed Haider Zaidi

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"अमेरिका में विंटर स्टॉर्म डेविन के दौरान बर्फबारी से ढका एयरपोर्ट, रद्द उड़ानों के बीच खड़े विमान और यात्रियों की परेशानी"

अमेरिका में विंटर स्टॉर्म “डेविन” (Winter Storm Devin) ने देश के उत्तरी और मध्य भागों को प्रभावित करते हुए भारी बर्फबारी, तेज हवाओं और बेहद ठंडे तापमान का सामना करवाया है। इस भयंकर मौसम का सीधा असर यात्रा, विमान सेवाओं और जनजीवन पर पड़ा है। सैकड़ों उड़ानें रद्द की गई हैं और हजारों यात्रियों को अतिरिक्त इंतजार का सामना करना पड़ रहा है।

यह स्टॉर्म विशेष रूप से मिडवेस्ट और उत्तर-पूर्वी राज्यों को निशाना बना रहा है, जिसमें मिनेसोटा, मिशिगन, इलिनॉय, ओहायो और न्यूयॉर्क शामिल हैं। कई राज्यों में स्ट्रीट और हाईवे ब्लॉक हो चुके हैं। मौसम विभाग ने लोगों से घरों में रहने और अनावश्यक यात्रा न करने की चेतावनी जारी की है।

हजारों उड़ानें रद्द, हवाई अड्डों पर यात्रियों को मुश्किलों का सामना

अमेरिका के प्रमुख हवाई अड्डों पर विंटर स्टॉर्म के कारण लाखों यात्रियों की योजनाएं प्रभावित हुई हैं। न्यूपोर्ट, शिकागो O’Hare, डलास/Fort Worth, और न्यूयॉर्क JFK जैसे प्रमुख हब्स पर उड़ान सेवाओं में व्यापक रद्दीकरण और देरी की स्थिति बनी हुई है।

एयरलाइंस ने जैसे ही मौसम के बिगड़ते संकेत देखे, यात्रियों को वैकल्पिक उड़ानों और रिफंड विकल्पों की जानकारी देना शुरू कर दिया। इसके बावजूद कई यात्रियों ने लंबी कतारों में घंटों इंतजार किया और कुछ को तो रात भर एयरपोर्ट पर ही बिताना पड़ा।

एक यात्री, जैसा कि नाम सुरक्षित रखते हुए बताया, ने कहा:

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“हम घर लौटने के लिए तैयार थे, लेकिन अचानक से हमारी फ्लाइट रद्द हो गई। एयरलाइन स्टाफ़ पूरी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन स्थिति गंभीर है। यह मौसम सच में कठिनाई ला रहा है।”

बर्फबारी और सड़क यातायात पर प्रभाव

स्टॉर्म की वजह से कई राज्यों में राज्य और राष्ट्रीय राजमार्गों को बंद करना पड़ा है। कर्मचारियों और यात्रियों की सुरक्षा के लिए सड़क पर विशेष सलाह जारी की गई है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें।

साइक्लोनिक हवाओं और भारी हिमपात ने ट्रक, कार और बस सेवाओं को भी प्रभावित किया है। पुलिस विभाग और आपदा प्रबंधन टीमें लगातार सड़कें साफ़ करने और फंसे यात्रियों की मदद करने में जुटी हैं।

स्कूल और सार्वजनिक सेवाओं पर असर

कई जिलों में स्कूलों को समय से पहले बंद कर दिया गया है, ताकि बच्चे सुरक्षित घर पहुंच सकें। कुछ राज्यों ने सरकारी कार्यालयों के संचालन समय में संशोधन किया है और गंभीर मौसम के कारण आधा कार्य दिवस रखने की व्यवस्था की है।

मौसम विशेषज्ञों ने चेताया है कि आने वाले 24 से 48 घंटों तक यह स्थिति जारी रह सकती है और इसके प्रभाव से तापमान और गिर सकता है।

मौसम विभाग की चेतावनी और सलाह

अमेरिकी नेशनल वेदर सर्विस (NWS) ने सख्त चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि इस विंटर स्टॉर्म के चलते तापमान गिर सकता है, जिससे हाइपोथर्मिया (बहुत कम ताप से स्वास्थ्य पर असर) और सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है। विभाग ने बताया कि:

  • सर्द हवाओं के साथ तापमान और गिर सकता है
  • बर्फबारी कई इंच तक बढ़ सकती है
  • उच्च स्थानों पर देखी जा रही बर्फबारी गंभीर रूप ले सकती है

उनका कहना है कि नागरिकों को घर पर बने रहना चाहिए, अनावश्यक यात्रा टालनी चाहिए और मौसम अपडेट को लगातार फॉलो करना चाहिए।

सामाजिक और आर्थिक प्रभाव

यह स्टॉर्म सिर्फ मौसम से जुड़ी घटना नहीं है; इसका असर आर्थिक गतिविधियों, व्यापार और स्थानीय व्यापारियों पर भी पड़ा है। पर्यटन स्थल, शॉपिंग डिस्ट्रीक्ट और छोटे व्यवसायों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है क्योंकि लोग घरों में सीमित रह रहे हैं।

एक स्थानीय दुकानदार का कहना था:

“हिमपात की वजह से ग्राहक आज कम आए हैं। यह मौसम हमारी आजीविका पर भी असर डाल रहा है।”

लोकप्रिय संरक्षित इलाकों में बर्फबारी का नज़ारा

हालांकि मौसम ने कई मुश्किलें दी हैं, लेकिन कुछ क्षेत्रों में भारी बर्फबारी ने प्राकृतिक दृश्यों को अद्भुत रूप से बदल दिया है। बर्फ की चादर से ढंके पहाड़, जमती नदी और सर्द सूनसान सड़कें—यह सब उन तस्वीरों का हिस्सा हैं, जो इस विंटर स्टॉर्म की विभीषिका और सौंदर्य दोनों को एक साथ दर्शाती हैं।

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इजरायल-अमेरिका के हमले के बाद ईरान की कड़ी चेतावनी: खाड़ी देशों पर मंडराया विकिरण का खतरा

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ईरान के बुशहर परमाणु संयंत्र पर हमले के बाद मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव

मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते टकराव ने अब एक खतरनाक मोड़ ले लिया है। ईरान ने आरोप लगाया है कि उसके महत्वपूर्ण परमाणु संयंत्र पर बार-बार हमले किए जा रहे हैं, जिसके गंभीर परिणाम पूरे खाड़ी क्षेत्र को भुगतने पड़ सकते हैं।

बुशहर परमाणु संयंत्र पर हमले का दावा

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि इजरायल और अमेरिका ने ईरान के बुशहर परमाणु संयंत्र पर अब तक चार बार हमला किया है। उनका कहना है कि यदि इन हमलों के कारण रेडियोएक्टिव फॉलआउट (विकिरण का प्रसार) होता है, तो इसका असर ईरान की राजधानी तेहरान से ज्यादा खाड़ी देशों पर पड़ेगा।

खाड़ी देशों के लिए बड़ी चेतावनी

ईरान ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि संभावित विकिरण का असर सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत, बहरीन, कतर और ओमान जैसे देशों की राजधानियों तक पहुंच सकता है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति में वहां “जीवन पूरी तरह समाप्त हो सकता है”, जो पूरे क्षेत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

ईरान का दावा: अमेरिका को हुआ नुकसान

ईरान ने यह भी दावा किया है कि उसने पिछले 24 घंटों में अमेरिकी सैन्य ताकत को बड़ा नुकसान पहुंचाया है। ईरानी पक्ष के अनुसार, उन्होंने अमेरिका के दो फाइटर जेट, एक A-10 एयरक्राफ्ट, कई हेलीकॉप्टर, दो MQ-9 ड्रोन और कई क्रूज मिसाइलों को मार गिराया है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है।

पश्चिमी देशों पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप

अब्बास अराघची ने पश्चिमी देशों पर दोहरे मापदंड अपनाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने ज़ापोरिज्जिया न्यूक्लियर पावर प्लांट का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां की स्थिति पर पश्चिमी देशों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी, लेकिन ईरान के परमाणु संयंत्र पर हमलों को लेकर वही संवेदनशीलता नहीं दिखाई जा रही।

क्षेत्रीय स्थिरता पर मंडराता खतरा

विशेषज्ञों का मानना है कि परमाणु संयंत्रों पर हमले न केवल सैन्य बल्कि पर्यावरणीय दृष्टि से भी बेहद खतरनाक होते हैं। यदि विकिरण फैलता है, तो इसका असर सीमाओं से परे जाकर लाखों लोगों के जीवन और स्वास्थ्य पर पड़ सकता है।

स्थायी समाधान की मांग

ईरान ने कहा है कि उस पर यह युद्ध थोपा गया है और वह इसका “स्थायी और सशर्त समाधान” चाहता है। ईरान के विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया कि अस्थायी युद्धविराम से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि इसके लिए दीर्घकालिक रणनीति और कूटनीतिक प्रयास जरूरी हैं।

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