अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के ओहायो स्थित घर पर हमला, संदिग्ध गिरफ्तार

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Javed Haider Zaidi

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“अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के ओहायो स्थित आवास पर हमले के बाद सुरक्षा जांच करती पुलिस और यूएस सीक्रेट सर्विस, घटना स्थल पर कड़ी सुरक्षा”

अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance (जेडी वेंस) के ओहायो स्थित आवास पर हमले की सनसनीखेज घटना सामने आई है। सुरक्षा एजेंसियों की त्वरित कार्रवाई के बाद एक संदिग्ध को गिरफ्तार कर लिया गया है। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।

क्या है पूरा मामला?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह घटना रात के समय हुई जब उपराष्ट्रपति जेडी वेंस अपने ओहायो स्थित घर पर मौजूद नहीं थे। अज्ञात व्यक्ति द्वारा घर पर हमला किया गया, जिसमें कई खिड़कियों के शीशे टूट गए। घटना की सूचना मिलते ही यूएस सीक्रेट सर्विस और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंच गई।

सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके को घेरकर जांच शुरू की और कुछ ही समय में एक संदिग्ध को हिरासत में ले लिया गया। हालांकि, अभी तक हमले के पीछे की मंशा और आरोपी की पहचान को लेकर आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है।

परिवार सुरक्षित, कोई हताहत नहीं

राहत की बात यह रही कि घटना के समय उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और उनका परिवार घर पर मौजूद नहीं था, जिससे किसी प्रकार की जान-माल की हानि नहीं हुई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि संदिग्ध घर के अंदर प्रवेश नहीं कर पाया।

जांच जारी, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

यूएस सीक्रेट सर्विस और स्थानीय पुलिस संयुक्त रूप से मामले की जांच कर रही हैं। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह हमला सुनियोजित था या किसी व्यक्ति की व्यक्तिगत हरकत। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और चश्मदीदों से पूछताछ की जा रही है।

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घटना के बाद उपराष्ट्रपति के आवास के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है।

राजनीतिक और सुरक्षा दृष्टि से अहम घटना

विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी उच्च पदस्थ अमेरिकी अधिकारी के आवास पर इस तरह की घटना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से गंभीर मानी जाती है। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस अमेरिका की राजनीति में एक प्रमुख चेहरा हैं और ऐसे में इस घटना ने सुरक्षा एजेंसियों को और सतर्क कर दिया है।

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वॉशिंगटन पोस्ट की बड़ी छंटनी में शशि थरूर के बेटे ईशान थरूर की नौकरी गई, 12 साल का सफर अचानक थमा

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वॉशिंगटन पोस्ट की छंटनी की खबर के बीच कांग्रेस सांसद शशि थरूर के बेटे और वरिष्ठ पत्रकार ईशान थरूर की फाइल फोटो, जो अखबार से 12 साल की सेवा के बाद नौकरी से हटाए गए।

अमेरिका के प्रतिष्ठित अखबार वॉशिंगटन पोस्ट में बड़े पैमाने पर हुई छंटनी ने अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता जगत को झकझोर कर रख दिया है। इस फैसले की चपेट में कांग्रेस सांसद शशि थरूर के बेटे और जाने-माने विदेशी मामलों के पत्रकार ईशान थरूर भी आ गए हैं। करीब 12 वर्षों तक अखबार से जुड़े रहने के बाद ईशान को नौकरी से हटा दिया गया है। उन्होंने खुद सोशल मीडिया के जरिए इस मुश्किल दौर की जानकारी दी और अपने दर्द को शब्दों में साझा किया।

एक तिहाई कर्मचारियों की छंटनी

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वॉशिंगटन पोस्ट ने अपने कुल कर्मचारियों के लगभग एक तिहाई हिस्से को नौकरी से निकाल दिया है। इस प्रक्रिया में अखबार का खेल विभाग बंद कर दिया गया है, जबकि कई विदेशी कार्यालयों पर भी ताले लग गए हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट बताती है कि लगभग 800 पत्रकारों की टीम में से 300 से अधिक कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया गया है।

ईशान थरूर ने क्या कहा

ईशान थरूर ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि आज उन्हें वॉशिंगटन पोस्ट से हटा दिया गया है और उनके साथ अधिकांश अंतरराष्ट्रीय स्टाफ और कई बेहद प्रतिभाशाली सहकर्मियों की भी छुट्टी कर दी गई है। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने न्यूज रूम और खासतौर पर उन पत्रकारों के लिए गहरा दुख है, जिन्होंने वर्षों तक अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टिंग में अखबार की पहचान बनाई।
ईशान ने यह भी कहा कि लगभग 12 वर्षों तक जिन संपादकों और संवाददाताओं के साथ उन्होंने काम किया, वे केवल सहकर्मी नहीं बल्कि दोस्त रहे, और उनके साथ काम करना उनके लिए सम्मान की बात रही।

‘वर्ल्डव्यू’ कॉलम और पाठकों का साथ

ईशान थरूर ने जनवरी 2017 में वर्ल्डव्यू नाम से कॉलम शुरू किया था, जिसका उद्देश्य दुनिया की घटनाओं और उसमें अमेरिका की भूमिका को सरल और स्पष्ट तरीके से पाठकों तक पहुंचाना था। उन्होंने बताया कि करीब पांच लाख वफादार पाठकों ने वर्षों तक सप्ताह में कई बार इस कॉलम को पढ़ा, जिसके लिए वह हमेशा आभारी रहेंगे।

वॉशिंगटन पोस्ट में भूमिका

ईशान थरूर वॉशिंगटन पोस्ट में विदेश मामलों के लेखक के तौर पर काम कर रहे थे। भारतीय राजनीति और वैश्विक घटनाओं पर उनकी पकड़ को लेकर उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली। हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद जब भारतीय प्रतिनिधिमंडल अमेरिका के दौरे पर था, तब ईशान अपने पिता शशि थरूर से सवाल पूछने को लेकर चर्चा में भी आए थे।

सोशल मीडिया पर समर्थन

ईशान थरूर की छंटनी की खबर सामने आते ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कई पत्रकारों और पाठकों ने उनके समर्थन में आवाज उठाई। लोगों ने उन्हें एक बेहतरीन और गंभीर पत्रकार बताया और वॉशिंगटन पोस्ट के इस फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया।

अखबार प्रबंधन की सफाई

अखबार के कार्यकारी संपादक मैट मरे ने इस फैसले को “दुखद लेकिन जरूरी” बताया है। उनका कहना है कि बदलती तकनीक, डिजिटल मीडिया के प्रभाव और पाठकों की आदतों में आए बदलावों के अनुरूप खुद को ढालने के लिए यह कदम उठाना जरूरी था, ताकि अखबार को भविष्य के लिए बेहतर दिशा दी जा सके।

मालिकाना हक और पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि वॉशिंगटन पोस्ट के मालिक अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस हैं। उन्होंने साल 2013 में यह अखबार ग्राहम परिवार से करीब 25 करोड़ डॉलर में खरीदा था। तब से अखबार डिजिटल बदलाव के दौर से गुजर रहा है, लेकिन हालिया छंटनी ने पत्रकारिता के भविष्य और मीडिया संस्थानों की स्थिरता पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

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