यूपी में मौसम का ड्रामा जारी: उत्तर प्रदेश में जनवरी की शुरुआत ने मौसम को पूरी तरह से उलट-पुलट कर दिया है। एक तरफ पश्चिमी यूपी के कई जिलों में बारिश के साथ ओलावृष्टि ने लोगों को ठंड की चपेट में ले लिया है, वहीं पूर्वी और मध्य भाग में घना कोहरा और शीतलहर ने जनजीवन को ठप कर दिया है। राजधानी लखनऊ में सुबह हल्की धुंध के साथ दिन साफ रहा, लेकिन वायु प्रदूषण का स्तर लगातार खराब बना हुआ है। AQI आज 170 से 190 के बीच घूम रहा है, जो ‘Unhealthy’ कैटेगरी में है, और कई जगहों पर यह ‘Hazardous’ स्तर तक पहुंच गया है।
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के असर से मथुरा, हाथरस, बुलंदशहर, गाजियाबाद और आसपास के इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ ओले गिरे। मथुरा में तो ओलों की बौछार इतनी तेज थी कि सड़कें सफेद हो गईं और स्थानीय लोगों को घरों में रहना पड़ा। किसानों की फसलों को नुकसान का खतरा बढ़ गया है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले 2-3 दिनों में पश्चिमी यूपी में ऐसी गतिविधियां जारी रह सकती हैं।
दूसरी ओर, पूर्वी यूपी में कोहरा अपना रौद्र रूप दिखा रहा है। गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज, कानपुर और देवरिया जैसे जिलों में सुबह visibility जीरो से 50-100 मीटर तक रह गई। कई ट्रेनें 4-5 घंटे लेट चल रही हैं, जबकि लखनऊ एयरपोर्ट पर कुछ फ्लाइट्स प्रभावित हुईं। IMD ने पूर्वी यूपी में अगले 4-5 दिनों तक घने कोहरे का येलो अलर्ट जारी किया है। न्यूनतम तापमान कई जगहों पर 4-5 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है, जैसे सोनभद्रा में 4°C, गोरखपुर और काशी में 4.8°C दर्ज किया गया।
लखनऊ में आज न्यूनतम तापमान 10-11 डिग्री के आसपास रहा, जबकि अधिकतम 23 डिग्री तक पहुंचा। सुबह कोहरा था, लेकिन दिन चढ़ने के साथ धूप निकली और मौसम सुहाना हो गया। लेकिन प्रदूषण की समस्या कम नहीं हुई। शहर का AQI सुबह ‘Poor’ से शुरू होकर ‘Unhealthy’ तक पहुंच गया, PM2.5 का स्तर 80-140 µg/m³ के बीच रहा। ठंडी हवाओं और कोहरे के कारण प्रदूषक कण हवा में ठहर जाते हैं, जिससे स्मॉग जैसी स्थिति बन जाती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि बुजुर्ग, बच्चे और सांस की बीमारी वाले लोग बाहर कम निकलें, N95 मास्क जरूर पहनें।
प्रदेश के कई जिलों में स्कूलों की छुट्टियां बढ़ा दी गई हैं। लखनऊ, मेरठ, कौशांबी, मथुरा, प्रयागराज जैसे जिलों में कक्षा 8 या 12 तक के स्कूल 10 जनवरी तक बंद हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि सुबह-सुबह यात्रा करने से बचें, क्योंकि कोहरे के कारण सड़क हादसों का खतरा बढ़ जाता है।
यह मौसम परिवर्तन सिर्फ ठंड तक सीमित नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिमी विक्षोभ और जलवायु परिवर्तन के कारण उत्तर भारत में सर्दी ज्यादा तीव्र हो रही है। पिछले सालों की तुलना में इस बार जनवरी में तापमान 3-5 डिग्री कम दर्ज हो रहा है। बारिश और ओलों से फसलों को नुकसान, कोहरे से ट्रैफिक जाम और प्रदूषण से स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ रही हैं।
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले हफ्ते से कोहरे में थोड़ी कमी आएगी और तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है। लेकिन फिलहाल सर्दी का कहर जारी रहेगा। लोगों से अपील है कि गर्म कपड़े पहनें, हाइड्रेटेड रहें और मौसम अपडेट पर नजर रखें। उत्तर प्रदेश के लोग इस बदलते मौसम से जूझ रहे हैं, लेकिन उम्मीद है कि जल्द ही मौसम थोड़ा नरम पड़ेगा।