डकैतों ने 15 साल की उम्र में छीनी थी जिंदगी, 65 साल बाद 80 की उम्र में मायके लौटीं रामश्री; हरदोई में भावुक कर देने वाली घर वापसी

Picture of Javed Haider Zaidi

Javed Haider Zaidi

Share

80 वर्षीय रामश्री देवी 65 साल बाद हरदोई के अपने मायके में रिश्तेदारों से मिलती हुईं, भावुक माहौल में परिवारजन स्वागत करते नजर आ रहे हैं।

हरदोई। उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को भावुक कर दिया। 80 वर्षीय रामश्री देवी 65 साल बाद अपने मायके की चौखट पर लौटीं। गांव की पगडंडियां, कच्चे घरों की यादें और बचपन की आवाजें—सब कुछ जैसे अचानक फिर से जीवित हो उठा। जिन रिश्तेदारों ने उन्हें वर्षों पहले खो दिया था, वे अब उन्हें सामने देखकर स्तब्ध रह गए। यह सिर्फ एक मुलाकात नहीं थी, बल्कि छह दशक से अधिक समय तक अधूरी रही एक कहानी का पूरा होना था।

1961-62 की वह भयावह रात

घटना 1961-62 के आसपास की बताई जाती है। हरदोई के बेहटा गोकुल थाना क्षेत्र के टोलवा आट गांव के बाहर स्थित पुरवा में बलदेव अपने परिवार के साथ रहते थे। गांव से बाहर बने कुछ मकानों को स्थानीय लोग ‘पुरवा’ कहते थे।

एक रात डकैतों के गिरोह ने वहां धावा बोल दिया। उस दौर में ग्रामीण इलाकों में डकैती की घटनाएं आम थीं, लेकिन उस रात जो हुआ उसने एक परिवार की पूरी दुनिया बदल दी। डकैतों को जब बलदेव के घर से कोई खास धन-संपत्ति नहीं मिली तो उन्होंने गुस्से में बलदेव और उनके बेटे शिवलाल पर धारदार हथियार से हमला कर उन्हें घायल कर दिया।

इसके बाद गिरोह के सरदार की नजर 15 वर्षीय रामश्री पर पड़ी। डकैतों ने उन्हें परिवार से छीन लिया और अपने साथ अगवा कर ले गए।

शादी के बाद टूट गई जिंदगी की डोर

रामश्री का विवाह कुछ ही समय पहले सुरसा थाना क्षेत्र के पुनुआवर गांव में हुआ था। वह अभी ससुराल भी ठीक से नहीं जा पाई थीं। अगले महीने उनका गौना होना था। लेकिन उससे पहले ही उनकी जिंदगी ने ऐसा मोड़ लिया, जिसकी किसी ने कल्पना नहीं की थी।

Also Read

डकैतों का गिरोह रामश्री को कई दिनों तक जंगलों में घुमाता रहा। इस दौरान उनके साथ मारपीट भी की गई। भय, असुरक्षा और अपमान ने एक किशोरी की मासूम दुनिया को तहस-नहस कर दिया। बाद में डकैतों ने उन्हें अलीगढ़ में किसी के पास छोड़ दिया।

अलीगढ़ में मिली नई पहचान

अलीगढ़ के थाना दादों क्षेत्र के समेघा गांव के सोहनलाल यादव को खबर मिली कि डकैतों के कब्जे से छूटी एक लड़की इलाके में है। सोहनलाल यादव पहलवानी करते थे और क्षेत्र में उनका प्रभाव था। उन्होंने अपने साथियों के साथ पहुंचकर रामश्री को संरक्षण में लिया।

अपहरण और प्रताड़ना के बाद रामश्री मानसिक रूप से टूट चुकी थीं। ऐसे कठिन समय में सोहनलाल यादव ने उनसे विवाह किया और उन्हें सम्मानजनक जीवन दिया।

समय के साथ रामश्री ने नई जिंदगी स्वीकार की। उनके पांच बेटियां और तीन बेटे हुए। परिवार बसा, बच्चे बड़े हुए, लेकिन दिल के किसी कोने में मायके की याद हमेशा जिंदा रही।

मायके की यादें और बेटी का संकल्प

रामश्री अक्सर अपने बच्चों को अपने बचपन और अपहरण की घटना के बारे में बताती थीं। खासकर उनकी सबसे छोटी बेटी सीमा यादव, जो नोएडा में रहती हैं, मां की इन कहानियों को गंभीरता से सुनती थीं।

80 वर्ष की उम्र में भी रामश्री अपने गांव, अपने पिता बलदेव और भाई शिवलाल का जिक्र करते हुए भावुक हो जाती थीं। सीमा ने तय किया कि वह मां को उनके मायके जरूर पहुंचाएंगी।

65 साल बाद भावुक कर देने वाली वापसी

सीमा यादव अपनी मां को लेकर अलीगढ़ से हरदोई पहुंचीं। पुराने नामों और यादों के सहारे उन्होंने गांव की तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद वे सकाहा इलाके तक पहुंचीं। वहां पहुंचकर रामश्री ने आसपास के परिवेश को पहचान लिया।

जब सीमा ने गांव में अपने रिश्तेदारों के नाम बताए तो उन्हें भाई शिवलाल की बहू मिलीं। धीरे-धीरे खबर पूरे गांव में फैल गई कि 65 साल पहले अगवा हुई रामश्री लौट आई हैं।

कुछ ही देर में घर पर रिश्तेदारों का जमावड़ा लग गया। भाभी से मुलाकात हुई, दूर के रिश्तेदार पहुंचे, और हर कोई भावुक हो उठा। आंसुओं के बीच 65 साल का इंतजार पिघल गया।

Next Post

पीएम मोदी 28 मार्च को करेंगे नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन, सीएम योगी ने लिया तैयारियों का जायजा

Picture of Javed Haider Zaidi

Javed Haider Zaidi

Share

नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे

नोएडा में बने नए अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के उद्घाटन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को हवाई अड्डे का निरीक्षण किया और उद्घाटन समारोह की तैयारियों का जायजा लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस हवाई अड्डे का उद्घाटन 28 मार्च को करेंगे, जिससे नोएडा और आसपास के क्षेत्रों के लिए हवाई यातायात में नई गति आने की संभावना है।

जेवर स्थित हवाई अड्डे का दौरा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ से गाजियाबाद के हिंडन हवाई अड्डे पहुंचे और वहां से हेलीकॉप्टर के माध्यम से जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचे। लगभग डेढ़ घंटे तक चली बैठक में अधिकारियों ने उद्घाटन समारोह की रूपरेखा, सुरक्षा योजना, जनसभा के लिए संभावित संख्या, बैठने की व्यवस्था और अन्य तैयारियों की जानकारी दी।

सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियां

सीएम योगी ने हवाई अड्डे और जनसभा स्थल का निरीक्षण किया और सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इस दौरान उत्तर प्रदेश शासन के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार और विशेष सचिव ईशान प्रताप सिंह भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री के आगमन के दौरान सुरक्षा, साफ-सफाई, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, चिकित्सा सुविधा, अग्नि सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा।

पार्किंग और जनसभा व्यवस्थाओं पर ध्यान

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसभा स्थल पर पार्किंग व्यवस्था सुव्यवस्थित रूप से बनाई जाए। इसके अलावा, सभी आवश्यक व्यवस्थाओं का समुचित इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति

इस अवसर पर गौतमबुद्ध नगर के सांसद डॉक्टर महेश शर्मा, प्रभारी मंत्री कुंवर बृजेश सिंह, जेवर के विधायक धीरेंद्र सिंह, पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह, जिलाधिकारी मेघा रूपम, यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के CEO राकेश कुमार सिंह, नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा लिमिटेड के CEO क्रिस्टोफ श्रेलमैन और COO किरण जैन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के संचालन से न केवल प्रदेश बल्कि पूरे उत्तर भारत के लिए हवाई यात्रा और वाणिज्यिक अवसरों में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, हवाई अड्डे के शुरू होने से व्यापार, पर्यटन और रोजमर्रा की यातायात सुविधा में उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिलेगा।

Next Post

Loading more posts...