UP और Delhi में ठंड व कोहरे के कारण 5 जनवरी को स्कूल बंद, बच्चों की सुरक्षा को लेकर फैसला

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Javed Haider Zaidi

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यूपी और दिल्ली में घने कोहरे और ठंड के बीच 5 जनवरी को बंद स्कूल का दृश्य, बच्चे सर्द कपड़ों में स्कूल गेट के बाहर खड़े हैं और "स्कूल बंद" का बोर्ड देख रहे हैं।

उत्तर प्रदेश और दिल्ली में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का असर लगातार बना हुआ है। मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए UP और Delhi के कई इलाकों में 5 जनवरी को स्कूलों में छुट्टी रखने का निर्णय लिया गया है, ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

सुबह के समय घना कोहरा, ठंडी हवाएं और गिरता तापमान जनजीवन को प्रभावित कर रहा है। दृश्यता कम होने के कारण सड़कों पर आवागमन मुश्किल हो रहा है, जिससे स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए जोखिम बढ़ गया है। इसी कारण प्रशासन और शिक्षा विभाग ने एहतियातन यह कदम उठाया है।

किन-किन क्षेत्रों में लागू होगा आदेश

यह फैसला दिल्ली और उत्तर प्रदेश के नोएडा, गाजियाबाद सहित कई जिलों में लागू किया गया है। आदेश के अनुसार सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों पर यह निर्णय समान रूप से प्रभावी रहेगा। प्राथमिक कक्षाओं के छात्रों को विशेष रूप से ध्यान में रखते हुए छुट्टी दी गई है।

अभिभावकों को राहत

ठंड और कोहरे के बीच बच्चों को स्कूल भेजना अभिभावकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ था। 5 जनवरी को स्कूल बंद रहने की सूचना से अभिभावकों ने राहत महसूस की है। उनका कहना है कि इस मौसम में बच्चों की सेहत और सुरक्षा सबसे अधिक जरूरी है।

आगे की स्थिति मौसम पर निर्भर

प्रशासन की ओर से साफ किया गया है कि यह छुट्टी केवल 5 जनवरी के लिए घोषित की गई है। मौसम की स्थिति में सुधार होने पर अगले दिन से स्कूल सामान्य रूप से खोले जा सकते हैं। हालांकि, अगर ठंड और कोहरे का असर और बढ़ता है तो आगे के दिनों को लेकर अलग से फैसला लिया जा सकता है।

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अभिभावकों से अपील की गई है कि वे अपने-अपने स्कूलों और प्रशासन की ओर से जारी सूचनाओं पर नियमित रूप से नजर बनाए रखें।

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पीएम मोदी 28 मार्च को करेंगे नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन, सीएम योगी ने लिया तैयारियों का जायजा

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नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे

नोएडा में बने नए अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के उद्घाटन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को हवाई अड्डे का निरीक्षण किया और उद्घाटन समारोह की तैयारियों का जायजा लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस हवाई अड्डे का उद्घाटन 28 मार्च को करेंगे, जिससे नोएडा और आसपास के क्षेत्रों के लिए हवाई यातायात में नई गति आने की संभावना है।

जेवर स्थित हवाई अड्डे का दौरा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ से गाजियाबाद के हिंडन हवाई अड्डे पहुंचे और वहां से हेलीकॉप्टर के माध्यम से जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचे। लगभग डेढ़ घंटे तक चली बैठक में अधिकारियों ने उद्घाटन समारोह की रूपरेखा, सुरक्षा योजना, जनसभा के लिए संभावित संख्या, बैठने की व्यवस्था और अन्य तैयारियों की जानकारी दी।

सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियां

सीएम योगी ने हवाई अड्डे और जनसभा स्थल का निरीक्षण किया और सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इस दौरान उत्तर प्रदेश शासन के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार और विशेष सचिव ईशान प्रताप सिंह भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री के आगमन के दौरान सुरक्षा, साफ-सफाई, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, चिकित्सा सुविधा, अग्नि सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा।

पार्किंग और जनसभा व्यवस्थाओं पर ध्यान

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसभा स्थल पर पार्किंग व्यवस्था सुव्यवस्थित रूप से बनाई जाए। इसके अलावा, सभी आवश्यक व्यवस्थाओं का समुचित इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति

इस अवसर पर गौतमबुद्ध नगर के सांसद डॉक्टर महेश शर्मा, प्रभारी मंत्री कुंवर बृजेश सिंह, जेवर के विधायक धीरेंद्र सिंह, पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह, जिलाधिकारी मेघा रूपम, यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के CEO राकेश कुमार सिंह, नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा लिमिटेड के CEO क्रिस्टोफ श्रेलमैन और COO किरण जैन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के संचालन से न केवल प्रदेश बल्कि पूरे उत्तर भारत के लिए हवाई यात्रा और वाणिज्यिक अवसरों में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, हवाई अड्डे के शुरू होने से व्यापार, पर्यटन और रोजमर्रा की यातायात सुविधा में उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिलेगा।

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