सुल्तानपुर में युवती हत्याकांड का आरोपी पुलिस मुठभेड़ में घायल, आधे एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार

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Javed Haider Zaidi

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"सुल्तानपुर में युवती हत्याकांड के आरोपी को पुलिस मुठभेड़ के बाद घायल अवस्था में गिरफ्तार करते हुए पुलिसकर्मी। आरोपी को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया जा रहा है, मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है।"

सुल्तानपुर। उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में युवती की हत्या के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी को पुलिस ने बुधवार देर रात आधे एनकाउंटर में घायल कर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके जवाब में की गई कार्रवाई में वह घायल हो गया।

घटना जिले के एक सुनसान इलाके में हुई, जहां पुलिस को आरोपी की मौजूदगी की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने घेराबंदी की, लेकिन खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस पर गोली चला दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली आरोपी के पैर में लगी, जिससे वह मौके पर ही घायल हो गया।

अस्पताल में भर्ती, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

घायल आरोपी को तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। अस्पताल परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की हालत स्थिर है और इलाज के बाद उससे पूछताछ की जाएगी।

युवती की हत्या से इलाके में था आक्रोश

गौरतलब है कि हाल ही में सुल्तानपुर में एक युवती की निर्मम हत्या की घटना सामने आई थी, जिससे इलाके में भारी आक्रोश फैल गया था। परिजनों और स्थानीय लोगों ने आरोपी की जल्द गिरफ्तारी की मांग की थी। पुलिस पर भी मामले को सुलझाने का दबाव लगातार बढ़ रहा था।

पुलिस का बयान

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था। तकनीकी सर्विलांस और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने यह कार्रवाई की। अधिकारी ने स्पष्ट किया कि पुलिस की कार्रवाई आत्मरक्षा में की गई और पूरी प्रक्रिया कानूनी दायरे में हुई है।

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आगे की कार्रवाई

पुलिस का कहना है कि आरोपी के ठीक होते ही उससे हत्या के मामले में विस्तृत पूछताछ की जाएगी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस अपराध में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए हर संभव कदम उठाया जाएगा।

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राजपाल यादव की तिहाड़ से रिहाई पर सस्पेंस: बेल हियरिंग आज, चेक बाउंस केस में ₹9 करोड़ बकाया पर टिकी निगाहें

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तिहाड़ जेल में बंद अभिनेता राजपाल यादव, चेक बाउंस केस में जमानत सुनवाई से पहले रिहाई को लेकर सस्पेंस।

राजपाल यादव: दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद अभिनेता राजपाल यादव (Rajpal Yadav) की रिहाई को लेकर फिल्म इंडस्ट्री और उनके प्रशंसकों के बीच उत्सुकता बनी हुई है। चेक बाउंस मामले में कानूनी कार्रवाई के बाद हिरासत में लिए गए राजपाल यादव की जमानत याचिका पर जल्द सुनवाई होनी है। उनके मैनेजर गोल्डी ने उम्मीद जताई है कि अदालत से राहत मिल सकती है और वह जल्द बाहर आ सकते हैं।

राजपाल यादव का नाम लंबे समय से इस वित्तीय विवाद से जुड़ा हुआ है, जिसकी जड़ें साल 2010 तक जाती हैं। यह मामला उनकी डायरेक्टोरियल डेब्यू फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के दौरान लिए गए कर्ज से जुड़ा है। फिल्म की असफलता के बाद कर्ज चुकाने में देरी हुई और मामला अदालत तक पहुंच गया।

इंडस्ट्री का साथ, परिवार की उम्मीद

राजपाल यादव के मैनेजर गोल्डी ने हालिया बातचीत में बताया कि फिल्म इंडस्ट्री के कई बड़े नाम इस मुश्किल समय में उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि सोनू सूद, सलमान खान, अजय देवगन, डेविड धवन, रतन जैन और वरुण धवन जैसे लोग समर्थन जता चुके हैं। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि आर्थिक सहायता किस स्तर पर दी जा रही है, लेकिन इतना जरूर कहा कि सभी ने सकारात्मक प्रतिबद्धता जताई है।

गोल्डी के मुताबिक, ऐसे वित्तीय लेन-देन में समय लगता है और परिवार मानसिक रूप से खुद को मजबूत बनाए हुए है। फरवरी के अंत में परिवार में कुछ निजी कार्यक्रम भी निर्धारित हैं और सभी की इच्छा है कि राजपाल यादव तब तक रिहा हो जाएं। उन्होंने यह भी बताया कि बेल हियरिंग तय है और अदालत के फैसले पर सबकी निगाहें टिकी हैं।

क्या है पूरा कानूनी मामला?

साल 2010 में राजपाल यादव ने अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के लिए दिल्ली की कंपनी मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से लगभग 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। फिल्म के बॉक्स ऑफिस पर असफल होने के बाद वह समय पर भुगतान नहीं कर सके। इसके बाद कंपनी ने कानूनी कार्रवाई शुरू की।

अप्रैल 2018 में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने राजपाल यादव और उनकी पत्नी राधा यादव को नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत दोषी ठहराया। आरोप था कि उनके द्वारा जारी किए गए सात चेक बाउंस हो गए थे। अदालत ने उन्हें छह महीने की साधारण कारावास की सजा सुनाई।

बढ़ती बकाया राशि और अदालत का रुख

जून 2024 में दिल्ली हाई कोर्ट ने उनकी सजा को अस्थायी रूप से निलंबित करते हुए बकाया राशि चुकाने के लिए ठोस प्रयास दिखाने का निर्देश दिया था। समय के साथ ब्याज और अन्य शुल्क जुड़ने से बकाया रकम करीब 9 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।

रिपोर्ट्स के अनुसार, अक्टूबर 2025 तक राजपाल यादव ने लगभग 75 लाख रुपये जमा किए थे, लेकिन अदालत ने माना कि कुल बकाया का बड़ा हिस्सा अभी भी बाकी है। फरवरी 2025 में अदालत ने उन्हें सरेंडर करने का आदेश दिया था। अतिरिक्त समय मांगने की उनकी अर्जी भी खारिज कर दी गई, जिसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया।

रिहाई कब तक?

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि राजपाल यादव को अदालत से जमानत कब तक मिल सकती है। उनके मैनेजर ने उम्मीद जताई है कि सुनवाई के बाद सकारात्मक फैसला आ सकता है। हालांकि अंतिम निर्णय अदालत के विवेक पर निर्भर करेगा।

फिलहाल, फिल्म इंडस्ट्री से मिल रहा समर्थन और परिवार की उम्मीदें इस कानूनी संघर्ष के बीच एक मानवीय पक्ष को सामने लाती हैं। आने वाले दिनों में अदालत का फैसला ही तय करेगा कि राजपाल यादव की तिहाड़ से रिहाई कब संभव हो पाएगी।

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