सिक्किम में फिर कांपी धरती: 4.1 तीव्रता के भूकंप से दहशत, दो दिन में कई झटके; जानें वजह और खतरे

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Javed Haider Zaidi

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सिक्किम के मंगन जिले में 4.1 तीव्रता के भूकंप के बाद घरों से बाहर निकलते लोग

सिक्किम में फिर भूकंप के झटके, 4.1 तीव्रता से हिली धरती

देश के पूर्वोत्तर राज्य सिक्किम में एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। शनिवार रात करीब 8 बजकर 41 मिनट पर आए इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.1 दर्ज की गई। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, भूकंप का केंद्र मंगन जिले में जमीन से लगभग 14 किलोमीटर नीचे था।

हालांकि इस भूकंप में किसी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है, लेकिन झटकों के बाद लोग घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आए। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षा उपाय अपनाने की अपील की है।

दो दिन में कई बार हिली धरती, लोगों में बढ़ी चिंता

सिक्किम में यह पहला झटका नहीं है। इससे पहले शुक्रवार तड़के भी लगातार दो बार भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। राजधानी गंगटोक में आए इन झटकों की तीव्रता क्रमशः 3.6 और 2.7 मापी गई थी।

पहला भूकंप सुबह 4:26 बजे गंगटोक से करीब 10.7 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में 5 किलोमीटर की उथली गहराई पर आया था। वहीं दूसरा झटका 10 किलोमीटर की गहराई पर दर्ज किया गया। इन झटकों से भी किसी प्रकार के नुकसान की सूचना नहीं मिली, लेकिन लगातार आ रहे भूकंपों ने लोगों की चिंता जरूर बढ़ा दी है।

क्यों आते हैं भूकंप? समझिए वैज्ञानिक कारण

भूकंप पृथ्वी की सतह के नीचे होने वाली प्राकृतिक हलचलों का परिणाम है। धरती के भीतर सात प्रमुख टेक्टोनिक प्लेट्स लगातार गतिशील रहती हैं। जब ये प्लेट्स आपस में टकराती हैं या इनके बीच घर्षण होता है, तब ऊर्जा निकलती है और भूकंप आता है।

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भारत में भूकंप का सबसे बड़ा कारण भारतीय प्लेट का यूरेशियन प्लेट से टकराना है। यही वजह है कि हिमालयी क्षेत्र और पूर्वोत्तर भारत में भूकंप का खतरा ज्यादा बना रहता है।

भारत के भूकंप जोन: कितना संवेदनशील है आपका इलाका

भूगर्भ वैज्ञानिकों के अनुसार, भारत का लगभग 59 प्रतिशत हिस्सा भूकंप के लिहाज से संवेदनशील है। देश को चार सिस्मिक जोन में बांटा गया है:

  • जोन-2: कम जोखिम वाला क्षेत्र
  • जोन-3: मध्यम जोखिम
  • जोन-4: उच्च जोखिम
  • जोन-5: अत्यधिक जोखिम वाला क्षेत्र

सिक्किम और पूर्वोत्तर भारत का बड़ा हिस्सा जोन-5 में आता है, जो सबसे ज्यादा संवेदनशील माना जाता है। वहीं दिल्ली जोन-4 में स्थित है, जहां भी बड़े भूकंप की आशंका बनी रहती है।

रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता का असर

भूकंप की तीव्रता को रिक्टर स्केल पर मापा जाता है और इसका प्रभाव तीव्रता के अनुसार बदलता है:

  • 4.0–4.9: हल्के झटके, सामान गिर सकता है
  • 5.0–5.9: फर्नीचर हिल सकता है
  • 6.0–6.9: इमारतों में दरारें आ सकती हैं
  • 7.0–7.9: इमारतें गिरने लगती हैं
  • 8.0 से ऊपर: भारी तबाही और सुनामी का खतरा
  • 9.0+: विनाशकारी स्तर का भूकंप

विशेषज्ञों की सलाह: सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव

लगातार आ रहे झटकों को देखते हुए विशेषज्ञों का कहना है कि घबराने की बजाय सतर्क रहना जरूरी है। भूकंप के दौरान खुले स्थान पर जाना, मजबूत टेबल या फर्नीचर के नीचे छिपना और लिफ्ट का इस्तेमाल न करना जैसे बुनियादी नियम जान बचा सकते हैं।

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पीएम मोदी 28 मार्च को करेंगे नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन, सीएम योगी ने लिया तैयारियों का जायजा

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नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे

नोएडा में बने नए अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के उद्घाटन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को हवाई अड्डे का निरीक्षण किया और उद्घाटन समारोह की तैयारियों का जायजा लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस हवाई अड्डे का उद्घाटन 28 मार्च को करेंगे, जिससे नोएडा और आसपास के क्षेत्रों के लिए हवाई यातायात में नई गति आने की संभावना है।

जेवर स्थित हवाई अड्डे का दौरा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ से गाजियाबाद के हिंडन हवाई अड्डे पहुंचे और वहां से हेलीकॉप्टर के माध्यम से जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचे। लगभग डेढ़ घंटे तक चली बैठक में अधिकारियों ने उद्घाटन समारोह की रूपरेखा, सुरक्षा योजना, जनसभा के लिए संभावित संख्या, बैठने की व्यवस्था और अन्य तैयारियों की जानकारी दी।

सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियां

सीएम योगी ने हवाई अड्डे और जनसभा स्थल का निरीक्षण किया और सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इस दौरान उत्तर प्रदेश शासन के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार और विशेष सचिव ईशान प्रताप सिंह भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री के आगमन के दौरान सुरक्षा, साफ-सफाई, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, चिकित्सा सुविधा, अग्नि सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा।

पार्किंग और जनसभा व्यवस्थाओं पर ध्यान

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसभा स्थल पर पार्किंग व्यवस्था सुव्यवस्थित रूप से बनाई जाए। इसके अलावा, सभी आवश्यक व्यवस्थाओं का समुचित इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति

इस अवसर पर गौतमबुद्ध नगर के सांसद डॉक्टर महेश शर्मा, प्रभारी मंत्री कुंवर बृजेश सिंह, जेवर के विधायक धीरेंद्र सिंह, पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह, जिलाधिकारी मेघा रूपम, यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के CEO राकेश कुमार सिंह, नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा लिमिटेड के CEO क्रिस्टोफ श्रेलमैन और COO किरण जैन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के संचालन से न केवल प्रदेश बल्कि पूरे उत्तर भारत के लिए हवाई यात्रा और वाणिज्यिक अवसरों में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, हवाई अड्डे के शुरू होने से व्यापार, पर्यटन और रोजमर्रा की यातायात सुविधा में उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिलेगा।

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