शालीमार बाग में विकास की नई लहर: सीएम रेखा गुप्ता ने सड़कों, नालियों, पार्कों और नई पार्किंग सहित कई परियोजनाओं का किया शुभारंभ

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मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता शालीमार बाग में सड़कों, नालियों, पार्कों और नई पार्किंग परियोजनाओं का उद्घाटन करती हुईं

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता Rekha Gupta ने शनिवार को शालीमार बाग विधानसभा क्षेत्र में नागरिक सुविधाओं और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों का उद्घाटन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार का उद्देश्य केवल निर्माण कार्य करना नहीं है, बल्कि नागरिकों के जीवन को अधिक सुविधाजनक, सुरक्षित और गरिमापूर्ण बनाना है।

मुख्यमंत्री ने एसी ब्लॉक और एसडी (सी) क्षेत्र में सड़कों, नालियों और ड्रेनों के निर्माण एवं सुधार कार्यों का शुभारंभ किया। इन कार्यों में आरएमसी (रेडी मिक्स कंक्रीट) सड़कों का निर्माण, आरसीसी तकनीक से नालियों का निर्माण, सड़क सुदृढ़ीकरण और जल निकासी की बेहतर व्यवस्था शामिल है। इसका उद्देश्य बरसात के मौसम में जलभराव की समस्या को स्थायी रूप से समाप्त करना है।

विशेष रूप से, एसडी (सी) ब्लॉक से एलडी कोहाट मेट्रो स्टेशन तक नई नाली का निर्माण आरसीसी तकनीक से किया जाएगा, जिससे जल निकासी संबंधी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित होगा। इसके अलावा, शालीमार बाग स्थित नेहरू पार्क, अपना पार्क और सेंट्रल पार्क में वॉकवे, वॉकिंग ट्रैक, बाउंड्री वॉल और सौंदर्यीकरण कार्यों की भी शुरुआत की गई है।

मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि एसी ब्लॉक में नई सरफेस पार्किंग का निर्माण किया जाएगा, ताकि पार्किंग की समस्या से निवासियों को राहत मिल सके। ये पार्किंग और सौंदर्यीकरण परियोजनाएँ नागरिकों को सुरक्षित, सुविधाजनक और आकर्षक सार्वजनिक स्थान प्रदान करेंगी।

शालीमार बाग के एडी, एजे, एएल, एई, एएफ और एसडी (सी) ब्लॉकों में गलियों, ड्रेनों और पार्कों से जुड़े विभिन्न विकास कार्यों को भी स्वीकृति दी गई है। इन कार्यों में गलियों और नालियों का पक्कीकरण, पार्कों में वॉकवे और बाउंड्री वॉल की मरम्मत, सार्वजनिक स्थलों का सौंदर्यीकरण और स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार आधारभूत नागरिक सुविधाओं का विस्तार शामिल है।

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मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि ये सभी परियोजनाएँ स्थायी और दीर्घकालिक विकास को ध्यान में रखते हुए शुरू की गई हैं, ताकि शालीमार बाग के निवासी एक सुविधाजनक, सुरक्षित और समृद्ध वातावरण का लाभ उठा सकें।

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मथुरा में सामूहिक आत्महत्या से हिला गांव: पति-पत्नी और तीन मासूम बच्चों की जहर खाकर मौत, सुसाइड नोट और वीडियो मिले

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मथुरा के खप्परपुर गांव में एक घर के बाहर जमा भीड़ और तैनात पुलिस बल, जहां पति-पत्नी और तीन बच्चों की सामूहिक आत्महत्या की घटना सामने आई।

मथुरा जिले में एक ही परिवार के पांच लोगों की सामूहिक आत्महत्या की दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। महावन थाना क्षेत्र के खप्परपुर गांव में मंगलवार सुबह पति, पत्नी और उनके तीन छोटे बच्चों के शव घर के कमरे में मिले। शुरुआती जांच में सामने आया है कि सभी ने दूध में जहर मिलाकर सेवन किया था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाने का काम शुरू किया गया।

सुबह देर तक नहीं खुला दरवाजा, तब हुआ खुलासा
जानकारी के मुताबिक, यह परिवार सोमवार रात सामान्य रूप से घर में मौजूद था। मंगलवार सुबह जब घर का दरवाजा देर तक नहीं खुला तो पड़ोसियों को शक हुआ। कई बार आवाज देने के बाद भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने दरवाजा खुलवाया तो कमरे के अंदर पति-पत्नी और तीन बच्चों के शव पड़े मिले।

दूध में मिलाया गया जहर, पोस्टमार्टम से होगी पुष्टि
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि परिवार ने रात में दूध में जहर मिलाकर पिया था। हालांकि, मौत के सटीक कारण और जहर के प्रकार की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

दीवार पर लिखा सुसाइड नोट, वीडियो भी मिला
एसएसपी श्लोक कुमार सिंह ने बताया कि जिस कमरे में यह घटना हुई, वहां दीवार पर लिखा मिला है कि परिवार अपनी मर्जी से आत्महत्या कर रहा है। मृतक द्वारा बनाया गया एक वीडियो भी पुलिस को मिला है। सभी डिजिटल और भौतिक साक्ष्यों को सुरक्षित कर लिया गया है और उन्हें जांच का हिस्सा बनाया गया है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

मृतकों की पहचान और गांव में मातम
पुलिस के अनुसार, मृतकों में पति मनीष, पत्नी सीमा और उनके तीन बच्चे शामिल हैं—एक बेटा और दो बेटियां। घटना की खबर फैलते ही गांव में मातम पसर गया। मृतक के घर के बाहर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई है। एहतियात के तौर पर इलाके में पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे।

आत्महत्या के कारणों पर सस्पेंस
फिलहाल आत्महत्या के पीछे के कारण स्पष्ट नहीं हो सके हैं। आर्थिक, पारिवारिक या अन्य किसी दबाव की बात अभी पुष्टि के साथ सामने नहीं आई है। पुलिस परिजनों, पड़ोसियों और गांव के लोगों से पूछताछ कर रही है ताकि पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा सकें।

जांच जारी, हर पहलू खंगाल रही पुलिस
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है। फॉरेंसिक रिपोर्ट, पोस्टमार्टम और वीडियो की जांच के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा। इस घटना ने न सिर्फ खप्परपुर गांव, बल्कि पूरे जिले को गहरे सदमे में डाल दिया है।

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