Sambhal murder: पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर पति की हत्या की, शव के टुकड़े किए

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Javed Haider Zaidi

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पुलिस जांच के दौरान अपराध स्थल का दृश्य, जहां अधिकारी सबूत जुटाते नजर आ रहे हैं और हत्या मामले से जुड़े संदिग्धों की तस्वीरें दिखाई दे रही हैं।

Sambhal murder: संभल जिले से सामने आया एक सनसनीखेज हत्याकांड न सिर्फ रिश्तों पर सवाल खड़े कर रहा है, बल्कि इंसानियत को भी झकझोर देने वाला है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि चंदौसी क्षेत्र में रहने वाले एक युवक की हत्या उसी की पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर की। वारदात के बाद पहचान छिपाने के लिए शव के टुकड़े किए गए और उन्हें अलग-अलग स्थानों पर फेंक दिया गया।

बताया जा रहा है कि मृतक कई दिनों से लापता था। परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने तलाश शुरू की, इसी दौरान एक स्थान से मानव शरीर का एक हिस्सा बरामद हुआ। शरीर पर बने टैटू और अन्य निशानों के आधार पर उसकी पहचान की गई। इसके बाद पुलिस की जांच की दिशा पूरी तरह बदल गई और शक की सुई सीधे मृतक की पत्नी पर जा टिकी।

पूछताछ में पत्नी और उसके करीबी युवक ने जो कहानी बताई, वह रोंगटे खड़े कर देने वाली थी। पुलिस के अनुसार दोनों के बीच लंबे समय से नजदीकी संबंध थे और इसी वजह से पति को रास्ते से हटाने की साजिश रची गई। हत्या के बाद एक मशीन की मदद से शव को काटा गया, ताकि सबूत मिटाए जा सकें और पहचान न हो सके।

पुलिस ने जांच के दौरान वारदात में इस्तेमाल किए गए उपकरण और अन्य अहम सबूत भी बरामद किए हैं। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। जेल प्रशासन के मुताबिक महिला आरोपी के व्यवहार में किसी तरह का पश्चाताप नजर नहीं आया, जबकि उसका साथी लगातार कानूनी कार्रवाई को लेकर परेशान दिखा।

इस घटना के सामने आने के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। पड़ोसी और स्थानीय लोग इस बात से हैरान हैं कि जिस घर को वे सामान्य समझते थे, उसके भीतर इतनी खौफनाक साजिश पल रही थी। पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच जारी है और चार्जशीट के लिए सभी साक्ष्यों को मजबूती से इकट्ठा किया जा रहा है।

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संभल का यह मामला एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करता है कि जब रिश्तों में भरोसा टूटता है, तो उसका अंजाम कितना भयावह हो सकता है।

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राजपाल यादव की तिहाड़ से रिहाई पर सस्पेंस: बेल हियरिंग आज, चेक बाउंस केस में ₹9 करोड़ बकाया पर टिकी निगाहें

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तिहाड़ जेल में बंद अभिनेता राजपाल यादव, चेक बाउंस केस में जमानत सुनवाई से पहले रिहाई को लेकर सस्पेंस।

राजपाल यादव: दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद अभिनेता राजपाल यादव (Rajpal Yadav) की रिहाई को लेकर फिल्म इंडस्ट्री और उनके प्रशंसकों के बीच उत्सुकता बनी हुई है। चेक बाउंस मामले में कानूनी कार्रवाई के बाद हिरासत में लिए गए राजपाल यादव की जमानत याचिका पर जल्द सुनवाई होनी है। उनके मैनेजर गोल्डी ने उम्मीद जताई है कि अदालत से राहत मिल सकती है और वह जल्द बाहर आ सकते हैं।

राजपाल यादव का नाम लंबे समय से इस वित्तीय विवाद से जुड़ा हुआ है, जिसकी जड़ें साल 2010 तक जाती हैं। यह मामला उनकी डायरेक्टोरियल डेब्यू फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के दौरान लिए गए कर्ज से जुड़ा है। फिल्म की असफलता के बाद कर्ज चुकाने में देरी हुई और मामला अदालत तक पहुंच गया।

इंडस्ट्री का साथ, परिवार की उम्मीद

राजपाल यादव के मैनेजर गोल्डी ने हालिया बातचीत में बताया कि फिल्म इंडस्ट्री के कई बड़े नाम इस मुश्किल समय में उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि सोनू सूद, सलमान खान, अजय देवगन, डेविड धवन, रतन जैन और वरुण धवन जैसे लोग समर्थन जता चुके हैं। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि आर्थिक सहायता किस स्तर पर दी जा रही है, लेकिन इतना जरूर कहा कि सभी ने सकारात्मक प्रतिबद्धता जताई है।

गोल्डी के मुताबिक, ऐसे वित्तीय लेन-देन में समय लगता है और परिवार मानसिक रूप से खुद को मजबूत बनाए हुए है। फरवरी के अंत में परिवार में कुछ निजी कार्यक्रम भी निर्धारित हैं और सभी की इच्छा है कि राजपाल यादव तब तक रिहा हो जाएं। उन्होंने यह भी बताया कि बेल हियरिंग तय है और अदालत के फैसले पर सबकी निगाहें टिकी हैं।

क्या है पूरा कानूनी मामला?

साल 2010 में राजपाल यादव ने अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के लिए दिल्ली की कंपनी मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से लगभग 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। फिल्म के बॉक्स ऑफिस पर असफल होने के बाद वह समय पर भुगतान नहीं कर सके। इसके बाद कंपनी ने कानूनी कार्रवाई शुरू की।

अप्रैल 2018 में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने राजपाल यादव और उनकी पत्नी राधा यादव को नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत दोषी ठहराया। आरोप था कि उनके द्वारा जारी किए गए सात चेक बाउंस हो गए थे। अदालत ने उन्हें छह महीने की साधारण कारावास की सजा सुनाई।

बढ़ती बकाया राशि और अदालत का रुख

जून 2024 में दिल्ली हाई कोर्ट ने उनकी सजा को अस्थायी रूप से निलंबित करते हुए बकाया राशि चुकाने के लिए ठोस प्रयास दिखाने का निर्देश दिया था। समय के साथ ब्याज और अन्य शुल्क जुड़ने से बकाया रकम करीब 9 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।

रिपोर्ट्स के अनुसार, अक्टूबर 2025 तक राजपाल यादव ने लगभग 75 लाख रुपये जमा किए थे, लेकिन अदालत ने माना कि कुल बकाया का बड़ा हिस्सा अभी भी बाकी है। फरवरी 2025 में अदालत ने उन्हें सरेंडर करने का आदेश दिया था। अतिरिक्त समय मांगने की उनकी अर्जी भी खारिज कर दी गई, जिसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया।

रिहाई कब तक?

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि राजपाल यादव को अदालत से जमानत कब तक मिल सकती है। उनके मैनेजर ने उम्मीद जताई है कि सुनवाई के बाद सकारात्मक फैसला आ सकता है। हालांकि अंतिम निर्णय अदालत के विवेक पर निर्भर करेगा।

फिलहाल, फिल्म इंडस्ट्री से मिल रहा समर्थन और परिवार की उम्मीदें इस कानूनी संघर्ष के बीच एक मानवीय पक्ष को सामने लाती हैं। आने वाले दिनों में अदालत का फैसला ही तय करेगा कि राजपाल यादव की तिहाड़ से रिहाई कब संभव हो पाएगी।

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