बॉलीवुड के जाने-माने कॉमेडियन और अभिनेता राजपाल यादव Rajpal Yadav एक समय अचानक उस वक्त सुर्खियों में आ गए थे, जब उन्होंने अदालत के आदेश पर जेल में सरेंडर किया। लोगों को यह खबर सुनकर हैरानी हुई, क्योंकि राजपाल यादव को हमेशा हंसाने वाले और हल्की-फुल्की भूमिकाओं के लिए जाना जाता है। ऐसे में सवाल उठा कि आखिर राजपाल यादव जेल क्यों गए थे।इस पूरे मामले का संबंध किसी आपराधिक गतिविधि से नहीं, बल्कि फिल्म निर्माण के लिए लिए गए लोन और उससे जुड़े कानूनी विवाद से था।
कब और क्यों शुरू हुआ विवाद
मामला साल 2010 से जुड़ा हुआ है। राजपाल यादव ने उस समय अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ का निर्माण शुरू किया था। फिल्म बनाने के लिए उन्होंने एक निजी कंपनी मुरली प्रोजेक्ट्स से करीब 5 करोड़ रुपये का लोन लिया था। लोन लेने के दौरान दोनों पक्षों के बीच एक समझौता हुआ था, जिसके तहत तय समय पर रकम लौटानी थी। फिल्म बनकर रिलीज भी हुई, लेकिन इसके बाद आर्थिक परेशानियों के कारण लोन की पूरी रकम समय पर वापस नहीं हो पाई।
भुगतान न होने पर बढ़ा मामला
लोन की रकम तय समय पर न लौटाए जाने के बाद मुरली प्रोजेक्ट्स ने राजपाल यादव से संपर्क किया। जब बातचीत से समाधान नहीं निकला, तो कंपनी ने कानूनी रास्ता अपनाया और मामला अदालत में पहुंच गया।अदालत में सुनवाई के दौरान कंपनी ने आरोप लगाया कि समझौते की शर्तों का उल्लंघन किया गया है और भुगतान नहीं किया जा रहा है।
कोर्ट में चली लंबी सुनवाई
इस मामले में अदालत में कई बार सुनवाई हुई। कोर्ट ने राजपाल यादव को भुगतान से जुड़े निर्देश भी दिए। हालांकि, किसी कारणवश शर्तें पूरी नहीं हो सकीं।इसके बाद अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए राजपाल यादव को सरेंडर करने का आदेश दे दिया।
अदालत के आदेश पर किया सरेंडर
कोर्ट के आदेश के बाद राजपाल यादव ने दिल्ली की अदालत में आत्मसमर्पण किया। इसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। जैसे ही यह खबर सामने आई, मीडिया और सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गई। लोग यह जानने की कोशिश करने लगे कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि एक फिल्म अभिनेता को जेल जाना पड़ा।
कोई आपराधिक मामला नहीं
यह बात साफ तौर पर सामने आई कि राजपाल यादव का यह मामला किसी अपराध से जुड़ा नहीं था।
यह पूरी तरह से वित्तीय लेन-देन और लोन विवाद का केस था।
इसका फिल्मों में काम, किसी गैरकानूनी गतिविधि या आपराधिक मामले से कोई लेना-देना नहीं था।
फैंस और फिल्म इंडस्ट्री की प्रतिक्रिया
राजपाल यादव के जेल जाने की खबर से उनके फैंस काफी चिंतित हो गए थे। कई लोगों को लगा कि शायद मामला बहुत गंभीर है, लेकिन जैसे-जैसे सच्चाई सामने आई, स्थिति साफ होती चली गई।
फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों ने भी इसे एक कानूनी और आर्थिक विवाद बताया।
बाद में मिली कानूनी राहत
सरेंडर के कुछ समय बाद राजपाल यादव को अदालत से कानूनी राहत मिल गई। इसके बाद वे जेल से बाहर आ गए। जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने फिर से अपने काम पर ध्यान दिया और फिल्मों व अन्य प्रोजेक्ट्स में सक्रिय हो गए।
राजपाल यादव का पक्ष
इस पूरे मामले पर राजपाल यादव ने कहा था कि उनका किसी को धोखा देने का इरादा नहीं था।
उन्होंने बताया कि आर्थिक दिक्कतों के चलते भुगतान में परेशानी आई, लेकिन वे कानून और अदालत का पूरा सम्मान करते हैं।
क्यों आज भी चर्चा में रहता है यह मामला
राजपाल यादव का जेल जाना आज भी चर्चा में रहता है, क्योंकि आमतौर पर लोग फिल्मी सितारों को ऐसे मामलों में नहीं देखते। यही वजह है कि यह खबर आज भी लोगों के मन में सवाल पैदा करती है।