बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक बार फिर राज्य के व्यापक दौरे पर निकल रहे हैं। 10 मार्च से उनकी बहुचर्चित ‘समृद्धि यात्रा’ का तीसरा चरण शुरू हो रहा है। इस यात्रा के तहत मुख्यमंत्री पांच दिनों तक सीमांचल और कोसी क्षेत्र के कई जिलों में जाकर विकास योजनाओं की जमीनी स्थिति का जायजा लेंगे। वे विभिन्न सरकारी परियोजनाओं का निरीक्षण करेंगे, नई योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे तथा अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठकें भी करेंगे।
इस बार के दौरे की सबसे खास बात यह है कि मधेपुरा में मुख्यमंत्री किसी सरकारी विश्राम गृह में नहीं ठहरेंगे, बल्कि अपने पुराने मित्र और जनता दल (यूनाइटेड) के विधान परिषद सदस्य ललन सर्राफ के घर पर रुकेंगे। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री लगभग तीन दिनों तक मधेपुरा में ही प्रवास करेंगे और यहीं से आसपास के जिलों के कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री के तौर पर आखिरी प्रवास की चर्चा
राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि मुख्यमंत्री के रूप में यह संभवतः आखिरी बार हो सकता है जब Nitish Kumar (नीतीश कुमार) मधेपुरा में अपने मित्र के घर ठहरेंगे। यही कारण है कि इस दौरे को स्थानीय स्तर पर भी खास महत्व दिया जा रहा है। आम तौर पर मुख्यमंत्री अपने दौरे के दौरान सरकारी गेस्ट हाउस या सर्किट हाउस में रुकते हैं, लेकिन मधेपुरा के मामले में यह परंपरा अलग रही है।
नीतीश कुमार और ललन सर्राफ के बीच लंबे समय से घनिष्ठ संबंध रहे हैं। यही वजह है कि जब भी मुख्यमंत्री कोसी और सीमांचल क्षेत्र के दौरे पर आते हैं, तो कई बार वे अपने मित्र के घर पर ही ठहरना पसंद करते हैं।
पुरानी दोस्ती और राजनीतिक रिश्ते
यह पहला मौका नहीं है जब मुख्यमंत्री ललन सर्राफ के घर ठहरेंगे। इससे पहले भी कई बार चुनाव प्रचार या राजनीतिक कार्यक्रमों के दौरान वे मधेपुरा में उनके घर पर ही रुक चुके हैं। कई बार उनका प्रवास तीन से पांच दिनों तक भी रहा है।
इस दौरान मुख्यमंत्री यहीं से क्षेत्र के नेताओं, पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से मुलाकात करते रहे हैं। स्थानीय लोगों के लिए भी यह गौरव की बात मानी जाती है कि राज्य का मुख्यमंत्री बार-बार इस इलाके में आता है और अपने मित्र के घर पर ठहरता है। अपने प्रवास के दौरान नीतीश कुमार अक्सर पुराने साथियों से मुलाकात करते हैं और कई बार कार्यकर्ताओं के घर भी जाकर उनसे सीधे संवाद करते रहे हैं।
पांच दिनों का विस्तृत कार्यक्रम
समृद्धि यात्रा के तीसरे चरण में मुख्यमंत्री का कार्यक्रम काफी व्यस्त रहने वाला है। यात्रा के पहले दिन वे सुपौल जाएंगे और उसके बाद मधेपुरा पहुंचेंगे। दूसरे दिन उनका कार्यक्रम अररिया और किशनगंज में प्रस्तावित है। तीसरे दिन वे पूर्णिया और कटिहार का दौरा करेंगे।
इसके बाद चौथे दिन सहरसा और खगड़िया में विभिन्न विकास परियोजनाओं का निरीक्षण करेंगे। यात्रा के अंतिम दिन मुख्यमंत्री बेगूसराय और शेखपुरा जाएंगे, जहां कई योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने के साथ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी करेंगे।
विकास योजनाओं पर रहेगा फोकस
इस दौरे के दौरान मुख्यमंत्री जिलों में चल रही ‘सात निश्चय योजना’ समेत कई महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं की प्रगति का स्थल पर जाकर निरीक्षण करेंगे। जहां आवश्यक होगा वहां नई परियोजनाओं की घोषणा भी की जा सकती है। साथ ही जिलास्तर पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठकों का आयोजन किया जाएगा, जिनमें विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे।
सरकार का उद्देश्य है कि विकास योजनाओं की प्रगति को सीधे मौके पर जाकर परखा जाए और जिन क्षेत्रों में काम की गति धीमी है, वहां तुरंत आवश्यक निर्देश दिए जाएं।
सीमांचल और कोसी क्षेत्र पर खास नजर
राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से सीमांचल और कोसी क्षेत्र को बिहार का महत्वपूर्ण इलाका माना जाता है। ऐसे में मुख्यमंत्री का यह दौरा न केवल विकास कार्यों की समीक्षा के लिए अहम माना जा रहा है, बल्कि आने वाले राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से भी इसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मधेपुरा में अपने मित्र के घर तीन दिनों का प्रवास इस दौरे को और अधिक चर्चित बना रहा है, क्योंकि इससे मुख्यमंत्री की व्यक्तिगत रिश्तों को निभाने की शैली भी सामने आती है। यही वजह है कि इस दौरे पर राजनीतिक हलकों के साथ-साथ आम लोगों की भी नजर बनी हुई है।