New Year’s Eve 2026: आज साल 2025 को अलविदा, आधी रात से नए साल 2026 की शुरुआत

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Javed Haider Zaidi

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“New Year’s Eve 2026 celebration with fireworks, countdown clock at 12 AM, Goodbye 2025 Welcome 2026 festive scene”

New Year’s Eve 2026: देश और दुनिया आज New Year’s Eve 2026 का स्वागत करने की तैयारी में है। 31 दिसंबर की रात जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे लोगों में नए साल को लेकर उत्साह और उम्मीदें दोनों बढ़ती जा रही हैं। आधी रात के बाद 2026 की शुरुआत होगी और साल 2025 इतिहास बन जाएगा।

नए साल की पूर्व संध्या पर बाजारों, पर्यटन स्थलों, धार्मिक स्थलों और घरों में अलग-अलग अंदाज़ में तैयारियाँ देखने को मिल रही हैं।

देशभर में New Year’s Eve को लेकर उत्साह

महानगरों से लेकर छोटे शहरों तक New Year’s Eve का माहौल साफ नजर आ रहा है।

  • होटल और रेस्टोरेंट में विशेष इंतज़ाम
  • पर्यटन स्थलों पर भारी भीड़
  • घरों में पारिवारिक आयोजन
  • धार्मिक स्थलों पर शांति और दुआओं का माहौल

लोग इस मौके पर सिर्फ जश्न ही नहीं, बल्कि बीते साल की यादों को समेटकर नए साल का स्वागत करने की तैयारी कर रहे हैं।

2025 को लेकर लोगों के मिले-जुले अनुभव

साल 2025 कई मायनों में लोगों के लिए यादगार रहा।

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  • किसी के लिए तरक्की का साल
  • किसी के लिए संघर्ष और सब्र की परीक्षा
  • तो किसी के लिए रिश्तों को समझने का मौका

New Year’s Eve की रात लोग बीते साल की सफलताओं और चुनौतियों दोनों को याद कर रहे हैं।

New Year’s Eve 2026: लोगों की उम्मीदें क्या हैं?

नए साल 2026 को लेकर लोगों की उम्मीदें साफ दिखाई दे रही हैं।

  • बेहतर आर्थिक स्थिति
  • मानसिक शांति और स्थिरता
  • परिवार और रिश्तों के लिए समय
  • सुरक्षित और संतुलित जीवन

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में लोग भौतिक सुखों के साथ-साथ मानसिक सुकून को भी प्राथमिकता दे रहे हैं।

प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था सख्त

New Year’s Eve के मद्देनज़र प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।

  • प्रमुख शहरों में पुलिस की अतिरिक्त तैनाती
  • सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा जांच
  • यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष प्लान
  • देर रात तक निगरानी

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नए साल का जश्न शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से मनाएं।

धार्मिक स्थलों पर दुआ और इबादत

जहाँ एक ओर लोग जश्न की तैयारी में हैं, वहीं कई लोग New Year’s Eve पर धार्मिक स्थलों का रुख कर रहे हैं।

  • मंदिरों में विशेष प्रार्थनाएं
  • मस्जिदों में दुआ
  • चर्चों में प्रार्थना सभाएं

लोग 2026 के लिए बेहतर भविष्य और शांति की कामना कर रहे हैं।

सोशल मीडिया पर New Year’s Eve 2026 ट्रेंड में

New Year’s Eve 2026 को लेकर सोशल मीडिया पर भी जबरदस्त गतिविधि देखने को मिल रही है।

  • #NewYearsEve2026
  • #Welcome2026
  • #Goodbye2025

यूज़र्स भावनात्मक पोस्ट, वीडियो और शुभकामनाएं साझा कर रहे हैं।

विशेषज्ञों की राय

मनोवैज्ञानिकों के अनुसार, New Year’s Eve आत्ममंथन का एक स्वाभाविक अवसर होता है।

“साल के अंत में लोग अपने जीवन का मूल्यांकन करते हैं और नए लक्ष्य तय करते हैं, जो मानसिक रूप से सकारात्मक प्रभाव डालता है।”

New Year’s Eve 2026: आधी रात का इंतज़ार

जैसे-जैसे घड़ी की सुइयाँ 12 की ओर बढ़ रही हैं, लोगों का उत्साह अपने चरम पर है।
आधी रात के बाद 2026 की शुरुआत होगी और लोग एक-दूसरे को नए साल की शुभकामनाएं देंगे।

New Year’s Eve 2026 का संदेश

New Year’s Eve सिर्फ जश्न का नहीं, बल्कि नई शुरुआत, आत्मचिंतन और उम्मीदों का प्रतीक है।
साल 2026 को लेकर लोगों की यही कामना है कि आने वाला समय बेहतर, सुरक्षित और खुशहाल हो।

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वॉशिंगटन पोस्ट की बड़ी छंटनी में शशि थरूर के बेटे ईशान थरूर की नौकरी गई, 12 साल का सफर अचानक थमा

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वॉशिंगटन पोस्ट की छंटनी की खबर के बीच कांग्रेस सांसद शशि थरूर के बेटे और वरिष्ठ पत्रकार ईशान थरूर की फाइल फोटो, जो अखबार से 12 साल की सेवा के बाद नौकरी से हटाए गए।

अमेरिका के प्रतिष्ठित अखबार वॉशिंगटन पोस्ट में बड़े पैमाने पर हुई छंटनी ने अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता जगत को झकझोर कर रख दिया है। इस फैसले की चपेट में कांग्रेस सांसद शशि थरूर के बेटे और जाने-माने विदेशी मामलों के पत्रकार ईशान थरूर भी आ गए हैं। करीब 12 वर्षों तक अखबार से जुड़े रहने के बाद ईशान को नौकरी से हटा दिया गया है। उन्होंने खुद सोशल मीडिया के जरिए इस मुश्किल दौर की जानकारी दी और अपने दर्द को शब्दों में साझा किया।

एक तिहाई कर्मचारियों की छंटनी

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वॉशिंगटन पोस्ट ने अपने कुल कर्मचारियों के लगभग एक तिहाई हिस्से को नौकरी से निकाल दिया है। इस प्रक्रिया में अखबार का खेल विभाग बंद कर दिया गया है, जबकि कई विदेशी कार्यालयों पर भी ताले लग गए हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट बताती है कि लगभग 800 पत्रकारों की टीम में से 300 से अधिक कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया गया है।

ईशान थरूर ने क्या कहा

ईशान थरूर ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि आज उन्हें वॉशिंगटन पोस्ट से हटा दिया गया है और उनके साथ अधिकांश अंतरराष्ट्रीय स्टाफ और कई बेहद प्रतिभाशाली सहकर्मियों की भी छुट्टी कर दी गई है। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने न्यूज रूम और खासतौर पर उन पत्रकारों के लिए गहरा दुख है, जिन्होंने वर्षों तक अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टिंग में अखबार की पहचान बनाई।
ईशान ने यह भी कहा कि लगभग 12 वर्षों तक जिन संपादकों और संवाददाताओं के साथ उन्होंने काम किया, वे केवल सहकर्मी नहीं बल्कि दोस्त रहे, और उनके साथ काम करना उनके लिए सम्मान की बात रही।

‘वर्ल्डव्यू’ कॉलम और पाठकों का साथ

ईशान थरूर ने जनवरी 2017 में वर्ल्डव्यू नाम से कॉलम शुरू किया था, जिसका उद्देश्य दुनिया की घटनाओं और उसमें अमेरिका की भूमिका को सरल और स्पष्ट तरीके से पाठकों तक पहुंचाना था। उन्होंने बताया कि करीब पांच लाख वफादार पाठकों ने वर्षों तक सप्ताह में कई बार इस कॉलम को पढ़ा, जिसके लिए वह हमेशा आभारी रहेंगे।

वॉशिंगटन पोस्ट में भूमिका

ईशान थरूर वॉशिंगटन पोस्ट में विदेश मामलों के लेखक के तौर पर काम कर रहे थे। भारतीय राजनीति और वैश्विक घटनाओं पर उनकी पकड़ को लेकर उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली। हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद जब भारतीय प्रतिनिधिमंडल अमेरिका के दौरे पर था, तब ईशान अपने पिता शशि थरूर से सवाल पूछने को लेकर चर्चा में भी आए थे।

सोशल मीडिया पर समर्थन

ईशान थरूर की छंटनी की खबर सामने आते ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कई पत्रकारों और पाठकों ने उनके समर्थन में आवाज उठाई। लोगों ने उन्हें एक बेहतरीन और गंभीर पत्रकार बताया और वॉशिंगटन पोस्ट के इस फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया।

अखबार प्रबंधन की सफाई

अखबार के कार्यकारी संपादक मैट मरे ने इस फैसले को “दुखद लेकिन जरूरी” बताया है। उनका कहना है कि बदलती तकनीक, डिजिटल मीडिया के प्रभाव और पाठकों की आदतों में आए बदलावों के अनुरूप खुद को ढालने के लिए यह कदम उठाना जरूरी था, ताकि अखबार को भविष्य के लिए बेहतर दिशा दी जा सके।

मालिकाना हक और पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि वॉशिंगटन पोस्ट के मालिक अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस हैं। उन्होंने साल 2013 में यह अखबार ग्राहम परिवार से करीब 25 करोड़ डॉलर में खरीदा था। तब से अखबार डिजिटल बदलाव के दौर से गुजर रहा है, लेकिन हालिया छंटनी ने पत्रकारिता के भविष्य और मीडिया संस्थानों की स्थिरता पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

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