कार्बाइन से बरसी गोलियां, बुलेटप्रूफ जैकेट ने बचाई जान – जानिए कौन हैं IPS संजय कुमार जिन्होंने 50 हजार के इनामी बदमाश को मुठभेड़ में ढेर किया

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Javed Haider Zaidi

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मुजफ्फरनगर में मुठभेड़ के दौरान पुलिस टीम के साथ ऑपरेशन की अगुवाई करते एसएसपी संजय कुमार, अंधाधुंध फायरिंग के बाद घटनास्थल पर पुलिस वाहन और सुरक्षा व्यवस्था का दृश्य।

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में हुई एक बड़ी मुठभेड़ ने पूरे प्रदेश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। कुख्यात अपराधी अमजद ने पुलिस टीम पर उस वक्त अंधाधुंध फायरिंग कर दी, जब एसएसपी संजय कुमार खुद टीम की अगुवाई करते हुए घेराबंदी के लिए निकले थे। बदमाश ने कार्बाइन और पिस्टल से पुलिस वाहन को निशाना बनाया, लेकिन जवाबी कार्रवाई में वह मारा गया। इस घटना के बाद हर किसी के मन में सवाल है – आखिर कौन हैं IPS संजय कुमार, जिनकी अगुवाई में यह बड़ा ऑपरेशन सफल हुआ?

मुठभेड़ की पूरी कहानी

पुलिस को खुफिया सूचना मिली थी कि 50 हजार रुपये का इनामी अपराधी अमजद तितावी और शाहपुर क्षेत्र के जंगलों में छिपा हुआ है। सूचना मिलते ही एसएसपी संजय कुमार ने खुद ऑपरेशन की कमान संभाली। टीम पहले से तैयार थी और सभी पुलिसकर्मी बुलेटप्रूफ जैकेट पहनकर निकले थे।

घेराबंदी के दौरान अमजद ने अचानक कार्बाइन से पुलिस वाहन पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। गोलियों से गाड़ी के शीशे चकनाचूर हो गए। इस हमले में उप निरीक्षक संदीप कुमार और कांस्टेबल अशफाक को गोली लगी, लेकिन बुलेटप्रूफ जैकेट की वजह से वे गंभीर रूप से घायल होने से बच गए।

पुलिस ने खुद को सुरक्षित रखते हुए जवाबी फायरिंग की। मुठभेड़ में अमजद घायल होकर गिर पड़ा। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मौके से एक बाइक, एक पिस्टल और एक कार्बाइन बरामद की गई।

कौन था अमजद?

26 वर्षीय अमजद एक शातिर अपराधी और शार्प शूटर के तौर पर जाना जाता था। उसके खिलाफ उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, उत्तराखंड और दिल्ली-एनसीआर में हत्या, लूट और डकैती जैसे 40 से अधिक संगीन मामले दर्ज थे। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी और उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था।

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पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान उसके खिलाफ दर्ज मामलों की संख्या और बढ़ सकती है।

कौन हैं IPS संजय कुमार?

इस पूरे ऑपरेशन के केंद्र में रहे IPS संजय कुमार उत्तर प्रदेश कैडर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी हैं। उनका पूरा नाम संजय कुमार (Sanjai Kumar) है। वे 2014 बैच के IPS अधिकारी हैं और मूल रूप से उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के रहने वाले हैं। उनका जन्म 14 जुलाई 1970 को हुआ था। उनके पिता का नाम अनंत प्रसाद है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि की बात करें तो उन्होंने दर्शनशास्त्र (Philosophy) में स्नातक की डिग्री हासिल की है। वर्ष 1997 में उन्होंने पुलिस सेवा में प्रवेश किया और 2014 में उन्हें प्रोन्नति के बाद IPS (SPS) बैच में शामिल किया गया।

5 मई 2025 से वे मुजफ्फरनगर में एसएसपी के पद पर तैनात हैं। अपने करियर में उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिलों में जिम्मेदारी संभाली है और अपराध के खिलाफ सख्त रुख के लिए जाने जाते हैं।

खतरे के बीच नेतृत्व

इस मुठभेड़ की सबसे अहम बात यह रही कि एसएसपी संजय कुमार ने खुद टीम की अगुवाई की। जब अचानक फायरिंग शुरू हुई तो उन्होंने संयम बनाए रखा और टीम को सुरक्षित रणनीति के तहत जवाबी कार्रवाई के निर्देश दिए। यह घटना दिखाती है कि वरिष्ठ अधिकारी केवल कार्यालय तक सीमित नहीं रहते, बल्कि जरूरत पड़ने पर मैदान में उतरकर ऑपरेशन का नेतृत्व करते हैं।

घायल पुलिसकर्मियों का इलाज जारी है और उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।

सख्त कार्रवाई का संदेश

मुजफ्फरनगर की यह मुठभेड़ सिर्फ एक अपराधी के मारे जाने की खबर नहीं है, बल्कि यह कानून-व्यवस्था को लेकर पुलिस की सक्रियता का संदेश भी है। लगातार बढ़ते अपराध के बीच ऐसे ऑपरेशन यह दर्शाते हैं कि पुलिस अपराधियों के खिलाफ सख्त और त्वरित कार्रवाई के लिए तैयार है।

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पीएम मोदी 28 मार्च को करेंगे नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन, सीएम योगी ने लिया तैयारियों का जायजा

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नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे

नोएडा में बने नए अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के उद्घाटन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को हवाई अड्डे का निरीक्षण किया और उद्घाटन समारोह की तैयारियों का जायजा लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस हवाई अड्डे का उद्घाटन 28 मार्च को करेंगे, जिससे नोएडा और आसपास के क्षेत्रों के लिए हवाई यातायात में नई गति आने की संभावना है।

जेवर स्थित हवाई अड्डे का दौरा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ से गाजियाबाद के हिंडन हवाई अड्डे पहुंचे और वहां से हेलीकॉप्टर के माध्यम से जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचे। लगभग डेढ़ घंटे तक चली बैठक में अधिकारियों ने उद्घाटन समारोह की रूपरेखा, सुरक्षा योजना, जनसभा के लिए संभावित संख्या, बैठने की व्यवस्था और अन्य तैयारियों की जानकारी दी।

सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियां

सीएम योगी ने हवाई अड्डे और जनसभा स्थल का निरीक्षण किया और सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इस दौरान उत्तर प्रदेश शासन के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार और विशेष सचिव ईशान प्रताप सिंह भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री के आगमन के दौरान सुरक्षा, साफ-सफाई, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, चिकित्सा सुविधा, अग्नि सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा।

पार्किंग और जनसभा व्यवस्थाओं पर ध्यान

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसभा स्थल पर पार्किंग व्यवस्था सुव्यवस्थित रूप से बनाई जाए। इसके अलावा, सभी आवश्यक व्यवस्थाओं का समुचित इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति

इस अवसर पर गौतमबुद्ध नगर के सांसद डॉक्टर महेश शर्मा, प्रभारी मंत्री कुंवर बृजेश सिंह, जेवर के विधायक धीरेंद्र सिंह, पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह, जिलाधिकारी मेघा रूपम, यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के CEO राकेश कुमार सिंह, नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा लिमिटेड के CEO क्रिस्टोफ श्रेलमैन और COO किरण जैन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के संचालन से न केवल प्रदेश बल्कि पूरे उत्तर भारत के लिए हवाई यात्रा और वाणिज्यिक अवसरों में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, हवाई अड्डे के शुरू होने से व्यापार, पर्यटन और रोजमर्रा की यातायात सुविधा में उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिलेगा।

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