मुरादाबाद में सास की गोली मारकर हत्या: तमंचा ‘खिलौना’ समझ बैठीं रुखसाना, दामाद ने सीने में उतारी गोली, दोस्त गिरफ्तार

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Javed Haider Zaidi

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मुरादाबाद के मझोला क्षेत्र में सास की गोली मारकर हत्या के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और जुटी भीड़ का दृश्य

घरेलू कलह और नशे को लेकर हुई तकरार ने एक परिवार को हमेशा के लिए उजाड़ दिया। मुरादाबाद के थाना मझोला क्षेत्र में दामाद ने अपनी सास को गोली मार दी। चौंकाने वाली बात यह रही कि जब दामाद ने तमंचा लहराया तो सास ने उसे खिलौना समझकर अंदर रखने को कह दिया। इसी बात से नाराज़ होकर दामाद ने सीने में गोली दाग दी। महिला की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी की तलाश जारी है।

क्या है पूरा मामला?

घटना मुरादाबाद के थाना मझोला क्षेत्र के जयंतीपुर मोहल्ले की है। यहां रहने वाली 50 वर्षीय रुखसाना, पत्नी शकील, अपने परिवार के साथ रहती थीं। उनके चार बेटियां और तीन बेटे हैं। बड़ी बेटी साहिबा की शादी गुलनवाज से हुई थी और वह कुछ समय से मायके में रह रही थी।

बताया गया कि गुलनवाज अपने दोस्त मुस्तफा के साथ ससुराल पहुंचा। घर में पत्नी साहिबा से किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। इसी दौरान सास रुखसाना ने दामाद को नशा करने को लेकर टोका और कुछ खरी-खोटी सुना दी। यह बात गुलनवाज को नागवार गुजरी।

गुस्से में उसने तमंचा निकाल लिया और धमकाने लगा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रुखसाना ने तमंचे को गंभीरता से नहीं लिया और कहा, “यह खिलौना अंदर रख लो।” इसी बात पर भड़के गुलनवाज ने उनके सीने में गोली मार दी। गोली लगते ही रुखसाना जमीन पर गिर पड़ीं और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

वारदात के बाद फरार हुआ दामाद

घटना को अंजाम देने के बाद गुलनवाज अपने साथी मुस्तफा के साथ मौके से फरार हो गया। गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। सूचना मिलते ही थाना मझोला पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। साक्ष्य जुटाए गए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।

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मृतका की बेटी और आरोपी की पत्नी साहिबा की तहरीर पर गुलनवाज और मुस्तफा के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है।

पुलिस का बयान

एसपी सिटी रणविजय सिंह ने बताया कि दामाद द्वारा सास की हत्या के मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी के साथी मुस्तफा को गिरफ्तार कर लिया गया है। मुख्य आरोपी गुलनवाज की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं और जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

इस घटना ने पूरे परिवार को सदमे में डाल दिया है। जिस घर में रिश्तों के सहारे जिंदगी चल रही थी, वहीं एक क्षणिक गुस्से और अहंकार ने एक मां की जान ले ली। पड़ोसियों के मुताबिक, रुखसाना शांत स्वभाव की महिला थीं और परिवार को संभालने में लगी रहती थीं।

बढ़ती घरेलू हिंसा पर सवाल

यह घटना एक बार फिर घरेलू विवादों में बढ़ती हिंसा और अवैध हथियारों की उपलब्धता पर सवाल खड़े करती है। मामूली कहासुनी किस तरह जानलेवा रूप ले सकती है, यह मामला उसका दर्दनाक उदाहरण है।

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PPF निवेशकों के लिए अहम खबर: अप्रैल में इस तारीख को भूलना पड़ सकता है महंगा

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"PPF निवेश करने वाले निवेशकों के लिए अप्रैल में जरूरी तारीख की जानकारी, सही समय पर जमा करने पर ज्यादा ब्याज, देर से निवेश करने पर नुकसान, PPF की ब्याज दर और फायदे, सुरक्षित लंबी अवधि की निवेश योजना, 1 से 5 तारीख के बीच निवेश करने के लाभ।"

अगर आप सुरक्षित और लंबे समय के निवेश की सोच रहे हैं, तो पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) आपके लिए सबसे भरोसेमंद विकल्पों में से एक है। यह सरकारी योजना न सिर्फ आपका पैसा सुरक्षित रखती है, बल्कि समय के साथ अच्छा रिटर्न भी देती है। लेकिन PPF में निवेश करते समय एक छोटी-सी तारीख की अनदेखी आपको सालभर के ब्याज में नुकसान पहुँचा सकती है। खासतौर पर अप्रैल महीने में यह बहुत अहम है।

PPF में निवेश का सही समय क्यों है जरूरी?

PPF में ब्याज की गणना हर महीने 5 तारीख से लेकर महीने के आखिरी दिन के बीच के न्यूनतम बैलेंस के आधार पर होती है। इसका मतलब साफ है:

  • अगर आप 1 से 5 अप्रैल के बीच निवेश करते हैं, तो आपको उस महीने का पूरा ब्याज मिलेगा।
  • लेकिन अगर आप 5 अप्रैल के बाद पैसा जमा करते हैं, तो ब्याज केवल अगले महीने से जुड़ना शुरू होगा।

यानी सिर्फ कुछ दिनों की देरी भी आपके सालभर के रिटर्न को कम कर सकती है।

देरी से निवेश करने पर कितना नुकसान हो सकता है?

आइए इसे एक उदाहरण से समझते हैं।

मान लीजिए आपने PPF अकाउंट में 1.5 लाख रुपये जमा किए।

  • अगर राशि 1 से 5 तारीख के बीच जमा होती है, तो सालाना ब्याज लगभग ₹10,650 होगा।
  • वहीं, अगर आप 5 तारीख के बाद निवेश करते हैं, तो सालाना ब्याज घटकर लगभग ₹9,763 रह जाता है।

यानी केवल एक दिन की देरी से लगभग ₹887 का नुकसान हो सकता है।

यह नुकसान छोटा लग सकता है, लेकिन PPF लंबी अवधि की योजना है, इसलिए समय पर निवेश करने से लंबे समय में काफी बड़ा फर्क पड़ता है।

PPF योजना के फायदे और खासियतें

PPF योजना को खासतौर पर सुरक्षित निवेश की तलाश करने वाले लोग पसंद करते हैं। इसकी कुछ मुख्य खूबियां हैं:

  • लंबी अवधि का निवेश: 15 साल
  • न्यूनतम निवेश राशि: ₹500
  • अधिकतम निवेश राशि: ₹1.5 लाख सालाना
  • ब्याज दर: करीब 7.1% (वर्तमान में)
  • टैक्स लाभ: धारा 80C के तहत पूरी तरह टैक्स-फ्री

यह योजना उन निवेशकों के लिए आदर्श है, जो बिना जोखिम लिए लंबे समय में अच्छा फंड बनाना चाहते हैं।

निवेश करते समय ध्यान रखने योग्य बातें

  1. कोशिश करें कि 1 से 5 तारीख के बीच ही पैसा जमा करें।
  2. अगर पूरे साल की एकमुश्त राशि जमा करना संभव नहीं है, तो हर महीने की शुरुआत में निवेश करें।
  3. PPF को लंबी अवधि की योजना मानकर ही निवेश करें।
  4. समय पर निवेश करने से आपके सालभर के ब्याज में बढ़ोतरी होगी।
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