बांग्लादेश में BNP की ऐतिहासिक जीत पर पीएम मोदी का बड़ा बयान, तारिक रहमान को दी बधाई; कहा- भारत हर हाल में साथ खड़ा रहेगा

Picture of Javed Haider Zaidi

Javed Haider Zaidi

Share

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांग्लादेश चुनाव में बीएनपी की जीत पर तारिक रहमान को दी बधाई, भारत ने सहयोग जारी रखने का भरोसा जताया

बांग्लादेश के संसदीय चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की बंपर जीत के बाद भारत की ओर से पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने बीएनपी के चेयरमैन Tarique Rahman को ऐतिहासिक जीत के लिए बधाई देते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि भारत लोकतांत्रिक, प्रगतिशील और समावेशी बांग्लादेश के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा।

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपने संदेश में कहा कि वह श्री तारिक रहमान को संसदीय चुनाव में निर्णायक जीत के लिए हार्दिक शुभकामनाएं देते हैं। उन्होंने इस जनादेश को बांग्लादेश की जनता द्वारा नेतृत्व में जताए गए गहरे विश्वास का प्रतीक बताया।

भारत-बांग्लादेश रिश्तों को नई दिशा देने का संकेत

पीएम मोदी ने अपने संदेश में यह भी कहा कि भारत और बांग्लादेश के बीच संबंध बहुआयामी और ऐतिहासिक रहे हैं। उन्होंने दोनों देशों के साझा विकास लक्ष्यों, क्षेत्रीय स्थिरता और आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान दक्षिण एशिया की राजनीति में महत्वपूर्ण संकेत देता है। भारत और बांग्लादेश के बीच व्यापार, कनेक्टिविटी, सुरक्षा सहयोग, ऊर्जा साझेदारी और सांस्कृतिक रिश्तों का लंबा इतिहास रहा है। नई सरकार के गठन के बाद इन संबंधों को और मजबूती मिलने की संभावना जताई जा रही है।

लोकतंत्र और स्थिरता पर जोर

प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत एक लोकतांत्रिक और समावेशी बांग्लादेश का समर्थन करता रहेगा। यह संदेश न केवल नई सरकार के लिए शुभकामना है, बल्कि क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के प्रति भारत की दीर्घकालिक नीति को भी दर्शाता है।

Also Read

बांग्लादेश में हुए इस चुनाव को क्षेत्रीय राजनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है। विश्लेषकों के अनुसार, यह जनादेश देश की आंतरिक राजनीति के साथ-साथ पड़ोसी देशों के साथ संबंधों की दिशा तय करने में भी अहम भूमिका निभाएगा।

साझा विकास और सहयोग की उम्मीद

भारत और बांग्लादेश के बीच पिछले वर्षों में कई अहम परियोजनाएं शुरू हुई हैं, जिनमें सीमा पार रेल संपर्क, सड़क परियोजनाएं और ऊर्जा सहयोग प्रमुख हैं। नई राजनीतिक परिस्थितियों में इन पहलों को नई गति मिलने की उम्मीद है।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश के अंत में कहा कि वह तारिक रहमान के साथ मिलकर दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत करने तथा साझा विकास के एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए उत्सुक हैं।

बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के इस महत्वपूर्ण क्षण पर भारत का यह संदेश स्पष्ट करता है कि पड़ोसी देशों के साथ सहयोग और स्थिरता भारत की विदेश नीति की प्राथमिकता में शामिल है। आने वाले समय में दोनों देशों के रिश्ते किस दिशा में बढ़ते हैं, इस पर पूरे दक्षिण एशिया की नजर रहेगी।

Next Post

जेडीयू अध्यक्ष पद के लिए नीतीश कुमार ने भरा नामांकन, 2028 तक तय होगा कार्यकाल; निर्विरोध चुनाव लगभग पक्का

Picture of Javed Haider Zaidi

Javed Haider Zaidi

Share

जेडीयू अध्यक्ष पद के लिए नीतीश कुमार का नामांकन दाखिल करते हुए संबंधित दस्तावेज जमा करते नेता और पार्टी कार्यकर्ता

जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद को लेकर सियासी तस्वीर लगभग साफ हो चुकी है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बार फिर अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल कर दिया है। पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने उनकी ओर से दो सेट में नामांकन पत्र जमा किए। मौजूदा प्रक्रिया के अनुसार, नए अध्यक्ष का कार्यकाल 2028 तक रहेगा।

नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 22 मार्च निर्धारित की गई है, जबकि 23 मार्च को नामांकन पत्रों की जांच (स्क्रूटनी) होगी। यदि एक से अधिक उम्मीदवार मैदान में आते हैं, तो चुनाव की प्रक्रिया अपनाई जाएगी, अन्यथा नीतीश कुमार का निर्विरोध अध्यक्ष चुना जाना तय माना जा रहा है।

संगठनात्मक चुनाव पूरे, अब केवल औपचारिकता शेष

जेडीयू ने प्रदेश स्तर तक संगठनात्मक चुनाव पहले ही पूरे कर लिए हैं। अब राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की औपचारिक प्रक्रिया ही बची है। 24 मार्च नाम वापसी की अंतिम तारीख है, जिसके बाद स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी। फिलहाल किसी अन्य नेता द्वारा दावेदारी सामने नहीं आने से यह संकेत मिल रहे हैं कि पार्टी में नेतृत्व परिवर्तन की कोई संभावना नहीं है।

पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि संगठन के हर स्तर पर कार्यकर्ताओं की इच्छा है कि नीतीश कुमार ही पार्टी की कमान संभाले रखें। इससे साफ है कि जेडीयू फिलहाल अनुभव और स्थिरता को प्राथमिकता दे रही है।

बिहार की राजनीति में नए संकेत

इस बीच बिहार की राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत भी मिल रहे हैं। नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चाओं के बाद उनके बेटे निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री सुर्खियों में है। साथ ही राज्य में नए मुख्यमंत्री को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।

सूत्रों के मुताबिक, इस बार बिहार में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से मुख्यमंत्री बनने की संभावना जताई जा रही है। एनडीए सहयोगी चिराग पासवान भी सार्वजनिक तौर पर यह कह चुके हैं कि अगला मुख्यमंत्री बीजेपी से होना चाहिए।

इसी कड़ी में नीतीश कुमार कई मंचों से मौजूदा गृह मंत्री सम्राट चौधरी को आगे बढ़ाते हुए दिखाई दिए हैं, जिसे राजनीतिक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

Next Post

Loading more posts...