मार्च में ही बढ़ी तपिश, बदल रहा है मौसम का मिजाज
Weather Update: देश में मार्च का महीना अभी शुरू ही हुआ है, लेकिन कई राज्यों में लोगों को अप्रैल जैसी गर्मी का अहसास होने लगा है। बसंत ऋतु के साथ मौसम में बदलाव तो सामान्य बात है, लेकिन इस बार तापमान में हो रही तेज बढ़ोतरी ने चिंता बढ़ा दी है। उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के मैदानी इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य से 2 से 5 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया जा रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार, सूखी और गर्म उत्तर-पश्चिमी हवाएं तापमान को तेजी से ऊपर ले जा रही हैं। फिलहाल आधिकारिक रूप से हीटवेव घोषित नहीं की गई है, लेकिन कई इलाकों में तापमान 35 से 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है, जो मार्च के पहले सप्ताह के लिए असामान्य माना जा रहा है।
किन राज्यों में ज्यादा असर?
उत्तर-पश्चिम भारत के बड़े हिस्से में अगले एक सप्ताह तक अधिकतम तापमान सामान्य से 3 से 5 डिग्री सेल्सियस अधिक रहने की संभावना है।
राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र के कई हिस्सों में तापमान 35-37 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है। वहीं मध्य प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड और ओडिशा में अधिकतम तापमान 30 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा रहा है।
न्यूनतम तापमान भी कई जगहों पर सामान्य से अधिक है और 12 से 15 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। इससे दिन और रात के तापमान में अंतर कम हो रहा है, जिससे गर्मी का असर और ज्यादा महसूस हो रहा है।
देश के मैदानी क्षेत्रों में सबसे अधिक तापमान 37 डिग्री सेल्सियस तमिलनाडु के मदुरै में दर्ज किया गया।
गुजरात और मध्य भारत में गर्म और उमस भरे हालात
मौसम विभाग का अनुमान है कि 4 और 5 मार्च को गुजरात के कुछ हिस्सों में गर्म और उमस भरे हालात बने रह सकते हैं। मध्य भारत में अगले 24 घंटों में अधिकतम तापमान में खास बदलाव की संभावना नहीं है, लेकिन उसके बाद आने वाले 5 से 6 दिनों में तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है।
सप्ताह के अंत तक मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र में तापमान सामान्य से 2 से 4 डिग्री अधिक रहने की संभावना जताई गई है। इससे खेतों में काम करने वाले किसानों और खुले में काम करने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होगी।
क्या अभी हीटवेव का खतरा है?
मौसम विभाग ने फिलहाल किसी भी क्षेत्र में आधिकारिक रूप से हीटवेव की घोषणा नहीं की है। हालांकि तापमान में लगातार वृद्धि इस ओर संकेत दे रही है कि अगर यही रुझान जारी रहा तो मार्च के दूसरे या तीसरे सप्ताह में कुछ इलाकों में हीटवेव जैसे हालात बन सकते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, मार्च के पहले पखवाड़े में इतनी गर्मी सामान्य नहीं मानी जाती। यदि पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय नहीं हुए और बारिश का दायरा सीमित रहा, तो तापमान और तेजी से बढ़ सकता है।
पहाड़ी और पूर्वोत्तर राज्यों में राहत
जहां मैदानी इलाकों में गर्मी बढ़ रही है, वहीं पहाड़ी राज्यों में मौसम कुछ हद तक राहत दे सकता है। दो कमजोर पश्चिमी विक्षोभों के प्रभाव से जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना है।
सब-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी हल्की वर्षा हो सकती है। 28 फरवरी को अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में हल्की बारिश के आसार जताए गए हैं, जिससे पूर्वोत्तर भारत में तापमान में मामूली गिरावट आ सकती है।
दिल्ली-एनसीआर में कैसा रहेगा मौसम?
दिल्ली-एनसीआर में फिलहाल आसमान साफ रहने की संभावना है। अधिकतम तापमान 30 से 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 13 से 15 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है।
कई इलाकों में न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया जा सकता है। दोपहर के समय धूप तेज रहने से बाहर निकलने वाले लोगों को गर्मी का असर अधिक महसूस हो सकता है।
क्यों जल्दी बढ़ रही है गर्मी?
विशेषज्ञों के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी सूखी हवाएं और पश्चिमी विक्षोभों की कमजोरी तापमान बढ़ने की बड़ी वजह है। बादलों की कमी और साफ आसमान के कारण सूर्य की किरणें सीधे जमीन तक पहुंच रही हैं, जिससे दिन का तापमान तेजी से बढ़ रहा है।
यदि आने वाले दिनों में कोई मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय नहीं हुआ, तो तापमान में और तेजी से वृद्धि हो सकती है।
लोगों के लिए क्या है सलाह?
• दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच धूप में निकलने से बचें।
• पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
• हल्के और सूती कपड़े पहनें।
• बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।
क्या मार्च बनेगा रिकॉर्ड तोड़ गर्म?
फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि मार्च रिकॉर्ड तोड़ गर्म रहेगा, लेकिन शुरुआती रुझान यह संकेत दे रहे हैं कि इस बार गर्मी जल्दी दस्तक दे सकती है। यदि तापमान में इसी तरह बढ़ोतरी जारी रही, तो मार्च के अंत तक हालात अप्रैल जैसे हो सकते हैं।