माघ मेला 2026: प्रयागराज रेलवे ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रमुख ट्रेनों का अस्थायी ठहराव बढ़ाया

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Javed Haider Zaidi

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"माघ मेला 2026 के दौरान प्रयागराज रेलवे स्टेशन, भीड़ भरे प्लेटफॉर्म पर श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में,

प्रयागराज में आयोजित होने वाले माघ मेला 2026 में श्रद्धालुओं की सुविधा और भीड़ प्रबंधन को देखते हुए भारतीय रेलवे ने कई प्रमुख ट्रेनों का अस्थायी ठहराव तय किया है। रेलवे ने यह कदम श्रद्धालुओं के सहज आवागमन और स्टेशन पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए उठाया है।

इस व्यवस्था के तहत जयनगर-नई दिल्ली 12561 और नई दिल्ली-जयनगर 12562 स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस, दरभंगा-पुणे 11034 और पुणे-दरभंगा 11033 एक्सप्रेस, रक्सौल-लोकमान्य तिलक 15267 और लोकमान्य तिलक-रक्सौल 15268 अंत्योदय एक्सप्रेस तथा दरभंगा-अहमदाबाद 15559 और अहमदाबाद-दरभंगा 15560 अंत्योदय एक्सप्रेसको रामबाग और झूसी रेलवे स्टेशनों पर अस्थायी रूप से रोका जाएगा।

माघ मेला 2026 – अस्थायी ट्रेन ठहराव समय-सारणी

क्र.सं.ट्रेन का नामप्रस्थान स्टेशनगंतव्य स्टेशनअस्थायी ठहराव स्टेशन
1स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेसजयनगर (12561)नई दिल्लीरामबाग / झूसी
2स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेसनई दिल्ली (12562)जयनगररामबाग / झूसी
3दरभंगा-पुणे एक्सप्रेसदरभंगा (11034)पुणेरामबाग / झूसी
4पुणे-दरभंगा एक्सप्रेसपुणे (11033)दरभंगारामबाग / झूसी
5अंत्योदय एक्सप्रेसरक्सौल (15267)लोकमान्य तिलकरामबाग / झूसी
6अंत्योदय एक्सप्रेसलोकमान्य तिलक (15268)रक्सौलरामबाग / झूसी
7अंत्योदय एक्सप्रेसदरभंगा (15559)अहमदाबादरामबाग / झूसी
8अंत्योदय एक्सप्रेसअहमदाबाद (15560)दरभंगारामबाग / झूसी

श्रद्धालुओं की सुविधा और भीड़ प्रबंधन के लिए इन प्रमुख ट्रेनों को रामबाग और झूसी रेलवे स्टेशनों पर अस्थायी रूप से रोका जाएगा।

रेलवे और प्रशासन की तैयारी

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि यह अस्थायी ठहराव माघ मेले की पूरी अवधि के दौरान लागू रहेगा और भीड़ और श्रद्धालुओं की संख्या के हिसाब से समायोजित किया जाएगा। प्रशासन ने स्टेशन पर सुरक्षा, शटल बस सेवाएं, पार्किंग और यातायात नियंत्रण जैसी व्यवस्थाएं भी तेज कर दी हैं।

श्रद्धालु इस कदम से संतुष्ट हैं, क्योंकि अब उन्हें मेले के नजदीक पहुंचने में आसानी होगी और स्टेशन पर लंबा इंतजार करने की समस्या कम होगी। रेलवे और प्रशासन का यह कदम भीड़ और सुरक्षा दोनों दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है।

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राजपाल यादव की तिहाड़ से रिहाई पर सस्पेंस: बेल हियरिंग आज, चेक बाउंस केस में ₹9 करोड़ बकाया पर टिकी निगाहें

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तिहाड़ जेल में बंद अभिनेता राजपाल यादव, चेक बाउंस केस में जमानत सुनवाई से पहले रिहाई को लेकर सस्पेंस।

राजपाल यादव: दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद अभिनेता राजपाल यादव (Rajpal Yadav) की रिहाई को लेकर फिल्म इंडस्ट्री और उनके प्रशंसकों के बीच उत्सुकता बनी हुई है। चेक बाउंस मामले में कानूनी कार्रवाई के बाद हिरासत में लिए गए राजपाल यादव की जमानत याचिका पर जल्द सुनवाई होनी है। उनके मैनेजर गोल्डी ने उम्मीद जताई है कि अदालत से राहत मिल सकती है और वह जल्द बाहर आ सकते हैं।

राजपाल यादव का नाम लंबे समय से इस वित्तीय विवाद से जुड़ा हुआ है, जिसकी जड़ें साल 2010 तक जाती हैं। यह मामला उनकी डायरेक्टोरियल डेब्यू फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के दौरान लिए गए कर्ज से जुड़ा है। फिल्म की असफलता के बाद कर्ज चुकाने में देरी हुई और मामला अदालत तक पहुंच गया।

इंडस्ट्री का साथ, परिवार की उम्मीद

राजपाल यादव के मैनेजर गोल्डी ने हालिया बातचीत में बताया कि फिल्म इंडस्ट्री के कई बड़े नाम इस मुश्किल समय में उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि सोनू सूद, सलमान खान, अजय देवगन, डेविड धवन, रतन जैन और वरुण धवन जैसे लोग समर्थन जता चुके हैं। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि आर्थिक सहायता किस स्तर पर दी जा रही है, लेकिन इतना जरूर कहा कि सभी ने सकारात्मक प्रतिबद्धता जताई है।

गोल्डी के मुताबिक, ऐसे वित्तीय लेन-देन में समय लगता है और परिवार मानसिक रूप से खुद को मजबूत बनाए हुए है। फरवरी के अंत में परिवार में कुछ निजी कार्यक्रम भी निर्धारित हैं और सभी की इच्छा है कि राजपाल यादव तब तक रिहा हो जाएं। उन्होंने यह भी बताया कि बेल हियरिंग तय है और अदालत के फैसले पर सबकी निगाहें टिकी हैं।

क्या है पूरा कानूनी मामला?

साल 2010 में राजपाल यादव ने अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के लिए दिल्ली की कंपनी मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से लगभग 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। फिल्म के बॉक्स ऑफिस पर असफल होने के बाद वह समय पर भुगतान नहीं कर सके। इसके बाद कंपनी ने कानूनी कार्रवाई शुरू की।

अप्रैल 2018 में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने राजपाल यादव और उनकी पत्नी राधा यादव को नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत दोषी ठहराया। आरोप था कि उनके द्वारा जारी किए गए सात चेक बाउंस हो गए थे। अदालत ने उन्हें छह महीने की साधारण कारावास की सजा सुनाई।

बढ़ती बकाया राशि और अदालत का रुख

जून 2024 में दिल्ली हाई कोर्ट ने उनकी सजा को अस्थायी रूप से निलंबित करते हुए बकाया राशि चुकाने के लिए ठोस प्रयास दिखाने का निर्देश दिया था। समय के साथ ब्याज और अन्य शुल्क जुड़ने से बकाया रकम करीब 9 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।

रिपोर्ट्स के अनुसार, अक्टूबर 2025 तक राजपाल यादव ने लगभग 75 लाख रुपये जमा किए थे, लेकिन अदालत ने माना कि कुल बकाया का बड़ा हिस्सा अभी भी बाकी है। फरवरी 2025 में अदालत ने उन्हें सरेंडर करने का आदेश दिया था। अतिरिक्त समय मांगने की उनकी अर्जी भी खारिज कर दी गई, जिसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया।

रिहाई कब तक?

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि राजपाल यादव को अदालत से जमानत कब तक मिल सकती है। उनके मैनेजर ने उम्मीद जताई है कि सुनवाई के बाद सकारात्मक फैसला आ सकता है। हालांकि अंतिम निर्णय अदालत के विवेक पर निर्भर करेगा।

फिलहाल, फिल्म इंडस्ट्री से मिल रहा समर्थन और परिवार की उम्मीदें इस कानूनी संघर्ष के बीच एक मानवीय पक्ष को सामने लाती हैं। आने वाले दिनों में अदालत का फैसला ही तय करेगा कि राजपाल यादव की तिहाड़ से रिहाई कब संभव हो पाएगी।

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