घना कोहरा, सिहरती हवाएं और AQI 350! लखनऊ में ठंड और प्रदूषण ने बढ़ाई मुश्किलें

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Javed Haider Zaidi

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घने कोहरे और सर्द हवाओं के बीच लखनऊ की सड़कें, बेहद कम दृश्यता में चलते वाहन और ठंड से बचाव के लिए अलाव के पास बैठे लोग, खराब AQI के कारण धुंध में ढका शहर का दृश्य

लखनऊ की सुबह इन दिनों मानो धुंध की चादर में लिपटी हुई है। मंगलवार को राजधानी का नज़ारा कुछ ऐसा रहा कि घरों से बाहर निकलते ही लोग ठिठुरन और कोहरे से दो-चार हो गए। घने कोहरे के कारण कई इलाकों में दृश्यता घटकर महज़ 10 मीटर तक सिमट गई, जिससे सड़कों पर चलना जोखिम भरा हो गया।

सुबह-सुबह जब लोग रोज़मर्रा के कामों के लिए निकले, तो सिहरती पछुआ हवाओं ने ठंड का अहसास और गहरा कर दिया। कहीं ओस की बूंदें हल्की बारिश जैसा एहसास करा रही थीं, तो कहीं लोग ठंड से राहत पाने के लिए अलाव का सहारा लेते नजर आए। सड़क किनारे चाय की दुकानों पर भीड़ पहले से ज्यादा दिखी, जहां लोग गर्म चाय के साथ ठंड से लड़ते दिखाई दिए।

मौसम विभाग का अलर्ट

मौसम विभाग ने 7 जनवरी के लिए लखनऊ समेत आसपास के इलाकों में कोल्ड डे का येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, दिन के तापमान में गिरावट और ठंडी हवाओं के कारण ठंड का असर पूरे दिन बना रह सकता है। सुबह और देर रात को कोहरा और घना होने की संभावना जताई गई है, जिससे यातायात पर असर पड़ सकता है।

यातायात पर पड़ा असर

घने कोहरे की वजह से सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए। हाईवे और प्रमुख चौराहों पर गाड़ियों की रफ्तार काफी धीमी रही। कई जगहों पर लोग मोबाइल की टॉर्च या वाहन की हेडलाइट के सहारे रास्ता तलाशते दिखे। रेलवे और बस यात्रियों को भी देरी का सामना करना पड़ा।

AQI 350: हवा भी बनी दुश्मन

ठंड के साथ-साथ हवा की गुणवत्ता (AQI) 350 तक पहुंच गई है, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आती है। प्रदूषण और ठंड के इस दोहरे असर ने बुजुर्गों, बच्चों और सांस के मरीजों की परेशानी बढ़ा दी है। डॉक्टरों की सलाह है कि सुबह के समय अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें और मास्क का इस्तेमाल करें।

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जनजीवन पर असर

ठंड और कोहरे के कारण स्कूल जाने वाले बच्चों से लेकर दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों तक, सभी को खास एहतियात बरतनी पड़ रही है। लोग गर्म कपड़ों में पूरी तरह ढके नजर आए। गरीब और बेघर लोगों के लिए ठंड और ज्यादा चुनौती बन गई है, जिन्हें रातें अलाव और अस्थायी इंतजामों के सहारे गुजारनी पड़ रही हैं।

आने वाले दिनों का हाल

मौसम विभाग के मुताबिक, फिलहाल ठंड से राहत के आसार कम हैं। अगले कुछ दिनों तक कोहरा, ठंडी हवाएं और खराब वायु गुणवत्ता लखनऊवासियों की मुश्किलें बढ़ाए रख सकती हैं। ऐसे में प्रशासन और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की ओर से सतर्क रहने की अपील की जा रही है।

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मौलाना यासूब अब्बास का कड़ा बयान: इस्लामाबाद की शिया मस्जिद में आतंकी हमला, UN से पाकिस्तान को आतंकवादी देश घोषित करने की मांग

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इस्लामाबाद की शिया मस्जिद में आतंकी हमले पर मौलाना यासूब अब्बास का कड़ा बयान, पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए वीडियो संदेश

मौलाना यासूब अब्बास का कड़ा बयान: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में स्थित शिया मस्जिद खदीजतुल कुबरा में शुक्रवार की नमाज़ के दौरान हुए आतंकी हमले ने एक बार फिर पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है। नमाज़ अदा कर रहे मासूम नमाज़ियों को निशाना बनाकर किए गए इस हमले में कई लोगों की शहादत की खबर है, जबकि कई गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।

इस दर्दनाक घटना पर ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड (AISPLB) के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास (Yasoob Abbas) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस हमले को इंसानियत और इस्लाम दोनों के खिलाफ करार देते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सख्त कदम उठाने की अपील की है।

“आतंकियों का इस्लाम से कोई लेना-देना नहीं” — मौलाना यासूब अब्बास

मौलाना यासूब अब्बास ने अपने बयान में कहा कि जो लोग खुद को मुसलमान बताकर मस्जिदों में नमाज़ियों पर गोलियां बरसाते हैं, वे दरअसल इस्लाम के नाम पर छिपे हुए वहशी दरिंदे हैं। उनका कहना था कि इस्लाम किसी भी निर्दोष की हत्या की इजाज़त नहीं देता और ऐसे कृत्य करने वालों का इस्लाम से कोई संबंध नहीं हो सकता।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में शिया समुदाय को लगातार निशाना बनाया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद वहां की सरकार और अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं चुप्पी साधे हुए हैं। यह चुप्पी आतंकवाद को और बढ़ावा दे रही है।

संयुक्त राष्ट्र से पाकिस्तान को आतंकवादी देश घोषित करने की मांग

AISPLB के महासचिव ने संयुक्त राष्ट्र (United Nations) से स्पष्ट शब्दों में मांग की कि पाकिस्तान को एक आतंकवादी देश घोषित किया जाए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की धरती से लगातार आतंकवाद पनप रहा है और वहां अल्पसंख्यकों, खासकर शिया मुसलमानों की जान सुरक्षित नहीं है।

मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि यदि अंतरराष्ट्रीय मंच अब भी सख्त कार्रवाई नहीं करता, तो ऐसे हमले भविष्य में और भयावह रूप ले सकते हैं।

शहीदों के परिवारों के प्रति संवेदना

अपने बयान के अंत में मौलाना यासूब अब्बास ने हमले में शहीद हुए लोगों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वह ईश्वर से दुआ करते हैं कि शहीदों के परिवारों को इस असहनीय दुख को सहने की ताकत मिले और घायलों को जल्द से जल्द स्वास्थ्य लाभ हो।

मानवता पर हमला, पूरी दुनिया के लिए चेतावनी

इस्लामाबाद की शिया मस्जिद में हुआ यह आतंकी हमला सिर्फ एक समुदाय पर नहीं, बल्कि पूरी मानवता और धार्मिक सह-अस्तित्व पर हमला है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते अंतरराष्ट्रीय दबाव नहीं बनाया गया, तो दक्षिण एशिया में सांप्रदायिक आतंकवाद और अधिक खतरनाक रूप ले सकता है।

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