Lucknow Weather Alert: साल की सबसे सर्द रात, घना कोहरा छाया, विजिबिलिटी शून्य के करीब

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Javed Haider Zaidi

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Lucknow weather: dense fog and cold wave at Rumi Gate

शीतलहर ने बढ़ाई मुश्किलें, सुबह की शुरुआत ही धुंध के साथ

Lucknow Weather: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में ठंड ने इस सीजन का अब तक का सबसे कड़ा रूप दिखाया है। बीती रात तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई, जिससे यह इस सर्दी की सबसे ठंडी रात मानी जा रही है। शहर और आसपास के इलाकों में घना कोहरा छाया रहा, जिससे कई जगहों पर विजिबिलिटी लगभग शून्य हो गई।

सुबह के समय हालात ऐसे रहे कि सड़क पर सामने चल रहा वाहन भी मुश्किल से दिखाई दे रहा था। मौसम विभाग ने इसे लेकर अलर्ट जारी किया है और लोगों को खास सतर्कता बरतने की सलाह दी है।

तापमान में गिरावट, शीतलहर का असर तेज

मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर भारत से आ रही ठंडी हवाओं के कारण न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट देखी जा रही है। ठंडी हवा और नमी के कारण कोहरे की परत और ज्यादा घनी हो गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले 24 से 48 घंटे तक ठंड से राहत मिलने के आसार कम हैं।

यातायात और उड़ानों पर पड़ा असर

घने कोहरे की वजह से सुबह के समय सड़क यातायात प्रभावित रहा। हाईवे पर वाहनों की रफ्तार धीमी रही और कई जगहों पर जाम जैसी स्थिति बन गई। वहीं, विजिबिलिटी कम होने के कारण कुछ ट्रेनों और फ्लाइट्स की समय-सारिणी पर भी असर पड़ा।

मौसम विभाग की सलाह

मौसम विभाग ने लोगों को सुबह और रात के समय अनावश्यक बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। खासतौर पर बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। वाहन चलाते समय फॉग लाइट का उपयोग करने और सुरक्षित दूरी बनाए रखने की भी अपील की गई है।

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आने वाले दिनों में कैसी रहेगी ठंड?

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक कोहरा और ठंड दोनों बने रह सकते हैं। रात के तापमान में और गिरावट संभव है, जिससे ठंड का असर और बढ़ सकता है।

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भर्ती परीक्षाओं में जाति-धर्म पर टिप्पणी बर्दाश्त नहीं: सीएम योगी का सख्त निर्देश, पेपर सेटर्स पर होगी कड़ी निगरानी

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा भर्ती बोर्डों को प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों में जाति, धर्म या संप्रदाय पर अमर्यादित टिप्पणी न करने का निर्देश देते हुए।

भर्ती परीक्षाओं में विवादित सवालों पर सख्ती, सीएम योगी का स्पष्ट संदेश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों को लेकर समय-समय पर उठने वाले विवादों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने सभी भर्ती बोर्डों के चेयरपर्सन्स को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा है कि किसी भी परीक्षा के प्रश्नपत्र में किसी व्यक्ति, जाति, पंथ या संप्रदाय की आस्था और सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली कोई भी अमर्यादित टिप्पणी नहीं होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह निर्देश केवल भर्ती बोर्डों तक सीमित न रहे, बल्कि इसे सभी पेपर सेटर्स तक सख्ती से पहुंचाया जाए और उसका पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई व्यक्ति बार-बार इस तरह की गलती करता है तो उसे हैबिचुअल ऑफेंडर मानते हुए तुरंत प्रतिबंधित किया जाए।

पेपर सेटर्स के एमओयू में भी शामिल होगा नियम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भर्ती बोर्डों को यह भी निर्देश दिया कि प्रश्नपत्र तैयार करने से जुड़े विशेषज्ञों और संस्थानों के साथ होने वाले समझौतों यानी एमओयू में भी इस नियम को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए।

सरकार का मानना है कि इस तरह की व्यवस्था लागू होने से भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं में किसी भी समुदाय या व्यक्ति की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले सवालों की संभावना काफी हद तक कम हो जाएगी।

विवादित प्रश्नों से उपजा था आक्रोश

दरअसल हाल के समय में कई ऐसी घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों में पूछे गए कुछ सवालों को लेकर सामाजिक और राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था।

हाल ही में आयोजित यूपी पुलिस एसआई भर्ती परीक्षा के एक प्रश्न में ‘पंडित’ शब्द से जुड़े एक विकल्प को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। इस पर विभिन्न संगठनों और राजनीतिक दलों की ओर से आपत्ति जताई गई थी। मामला तूल पकड़ने के बाद सरकार ने इस तरह की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए भविष्य के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने का फैसला किया।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश को लेकर भी निर्देश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में बदलते मौसम और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जारी वर्षा को लेकर भी प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने सभी जिलाधिकारियों से कहा है कि वे अपने-अपने जिलों में फील्ड में जाकर फसलों को हुए संभावित नुकसान का तत्काल आकलन कराएं। मुख्यमंत्री ने राहत आयुक्त को भी निर्देश दिए कि वे स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर नुकसान की रिपोर्ट जल्द से जल्द तैयार कराएं।

किसानों को समय पर मिले मुआवजा

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि यदि बारिश या अन्य प्राकृतिक कारणों से किसानों की फसलों को नुकसान हुआ है तो उसका आकलन समय पर किया जाए और प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा दिया जाए।

सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को किसी भी प्रकार की आर्थिक कठिनाई का सामना न करना पड़े और राहत राशि समय पर उनके खाते में पहुंच सके।

परीक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक जिम्मेदारी पर जोर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इन निर्देशों को प्रशासनिक सख्ती और संवेदनशीलता दोनों के रूप में देखा जा रहा है। एक ओर जहां भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता और मर्यादा बनाए रखने पर जोर दिया गया है, वहीं दूसरी ओर प्राकृतिक परिस्थितियों से प्रभावित किसानों के लिए त्वरित राहत सुनिश्चित करने की बात कही गई है।

सरकार का मानना है कि भर्ती परीक्षाओं में सवालों की भाषा और विषयवस्तु बेहद संवेदनशील होती है, इसलिए उन्हें तैयार करते समय सामाजिक सौहार्द और सम्मान का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए। इसी उद्देश्य से अब भर्ती बोर्डों को स्पष्ट और कड़े दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

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