शादी की खुशियां मातम में बदली: लखनऊ में हर्ष फायरिंग, LDA कर्मी की मौत

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लखनऊ गोमती नगर में शादी समारोह के दौरान हर्ष फायरिंग में घायल LDA कर्मचारी सुनील यादव

लखनऊ के गोमती नगर क्षेत्र में एक शादी समारोह हर्ष फायरिंग की घटना का शिकार बन गया। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के 49 वर्षीय कर्मचारी सुनील यादव को गोली लग गई, जिससे उनकी इलाज के दौरान मौत हो गई। सुनील यादव अपने दोस्त के बेटे की शादी में शामिल होने गए थे, लेकिन यह खुशी उनका और उनके परिवार का जीवन काल के लिए मातम में बदल गई।

घटना का पूरा विवरण

घटना गोमती नगर के विराट खंड में शुक्रवार रात हुई। जानकारी के अनुसार, सुनील यादव अपने मित्र शाश्वत सिंह और कुछ अन्य लोगों के साथ जयमाल स्टेज के पीछे पार्किंग में मौजूद थे। इसी दौरान शाश्वत सिंह ने पिस्टल से गोली चला दी। गोली सीधे सुनील यादव के पैर में लगी। घायल अवस्था में सुनील पंडाल के अंदर पहुंचे, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई।

पंडाल में मौजूद लोग तुरंत उनकी मदद के लिए दौड़े और उन्हें निजी अस्पताल मैक्स पहुंचाया। चिकित्सकों ने उन्हें जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही सुनील के बेटे नमन यादव और परिवार के अन्य सदस्य अस्पताल पहुंचे, लेकिन तब तक उनकी हालत गंभीर हो चुकी थी।

पुलिस कार्रवाई और मामला दर्ज

सुनील यादव के बेटे नमन यादव की तहरीर पर गोमती नगर पुलिस ने शाश्वत सिंह के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया। पुलिस ने बताया कि शाश्वत सिंह वर्तमान में गोमती नगर इलाके में रह रहा है और घटना के बाद से फरार है। आरोपी का फोन बंद है, जिसकी तलाश के लिए क्राइम ब्रांच, सर्विलांस टीम और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमें लगाई गई हैं।

गोमती नगर इंस्पेक्टर ब्रजेश चंद्र तिवारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि शाश्वत सरकारी विद्यालय में शिक्षक हैं। गोली मृतक के पैर में लगी थी, लेकिन अधिक खून बहने या घबराहट के कारण उनकी मौत हुई या नहीं, यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होगा।

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परिवार की प्रतिक्रिया

घटना के बाद शादी का माहौल पूरी तरह मातम में बदल गया। सुनील यादव की पत्नी सुमन, बेटे नमन और बेटी नयन गहरे सदमे में हैं। भांजी स्नेहा ने आरोप लगाया कि मामा को जानबूझकर गोली मारी गई है और उन्होंने कड़ी कार्रवाई की मांग की है। परिवार का कहना है कि यह घटना उनके लिए एक बड़ा झटका है और उन्होंने न्याय की उम्मीद जताई है।

घटना से पहले का सीन

सुनील यादव, अलिगंज के बड़ा चांदगंज निवासी थे और एलडीए में चालक के पद पर कार्यरत थे। शुक्रवार की रात लगभग 9 बजे वे घर से निकले और विनय खंड निवासी राम कुमार के यहां आयोजित दोस्त के बेटे की शादी में शामिल होने गए। रात 11:45 बजे उनके बेटे नमन को पिता के घायल होने की जानकारी मिली।

विशेषज्ञों का कहना

शादी समारोह में हर्ष फायरिंग जैसी घटनाएं अक्सर गंभीर परिणामों को जन्म देती हैं। पुलिस और सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि हर्ष फायरिंग न केवल कानूनी अपराध है बल्कि इससे किसी की जान भी जा सकती है। विशेषज्ञों ने ऐसे मामलों में कड़े दंड और सुरक्षा उपायों की आवश्यकता पर जोर दिया है।

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भर्ती परीक्षाओं में जाति-धर्म पर टिप्पणी बर्दाश्त नहीं: सीएम योगी का सख्त निर्देश, पेपर सेटर्स पर होगी कड़ी निगरानी

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा भर्ती बोर्डों को प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों में जाति, धर्म या संप्रदाय पर अमर्यादित टिप्पणी न करने का निर्देश देते हुए।

भर्ती परीक्षाओं में विवादित सवालों पर सख्ती, सीएम योगी का स्पष्ट संदेश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों को लेकर समय-समय पर उठने वाले विवादों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने सभी भर्ती बोर्डों के चेयरपर्सन्स को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा है कि किसी भी परीक्षा के प्रश्नपत्र में किसी व्यक्ति, जाति, पंथ या संप्रदाय की आस्था और सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली कोई भी अमर्यादित टिप्पणी नहीं होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह निर्देश केवल भर्ती बोर्डों तक सीमित न रहे, बल्कि इसे सभी पेपर सेटर्स तक सख्ती से पहुंचाया जाए और उसका पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई व्यक्ति बार-बार इस तरह की गलती करता है तो उसे हैबिचुअल ऑफेंडर मानते हुए तुरंत प्रतिबंधित किया जाए।

पेपर सेटर्स के एमओयू में भी शामिल होगा नियम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भर्ती बोर्डों को यह भी निर्देश दिया कि प्रश्नपत्र तैयार करने से जुड़े विशेषज्ञों और संस्थानों के साथ होने वाले समझौतों यानी एमओयू में भी इस नियम को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए।

सरकार का मानना है कि इस तरह की व्यवस्था लागू होने से भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं में किसी भी समुदाय या व्यक्ति की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले सवालों की संभावना काफी हद तक कम हो जाएगी।

विवादित प्रश्नों से उपजा था आक्रोश

दरअसल हाल के समय में कई ऐसी घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों में पूछे गए कुछ सवालों को लेकर सामाजिक और राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था।

हाल ही में आयोजित यूपी पुलिस एसआई भर्ती परीक्षा के एक प्रश्न में ‘पंडित’ शब्द से जुड़े एक विकल्प को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। इस पर विभिन्न संगठनों और राजनीतिक दलों की ओर से आपत्ति जताई गई थी। मामला तूल पकड़ने के बाद सरकार ने इस तरह की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए भविष्य के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने का फैसला किया।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश को लेकर भी निर्देश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में बदलते मौसम और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जारी वर्षा को लेकर भी प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने सभी जिलाधिकारियों से कहा है कि वे अपने-अपने जिलों में फील्ड में जाकर फसलों को हुए संभावित नुकसान का तत्काल आकलन कराएं। मुख्यमंत्री ने राहत आयुक्त को भी निर्देश दिए कि वे स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर नुकसान की रिपोर्ट जल्द से जल्द तैयार कराएं।

किसानों को समय पर मिले मुआवजा

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि यदि बारिश या अन्य प्राकृतिक कारणों से किसानों की फसलों को नुकसान हुआ है तो उसका आकलन समय पर किया जाए और प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा दिया जाए।

सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को किसी भी प्रकार की आर्थिक कठिनाई का सामना न करना पड़े और राहत राशि समय पर उनके खाते में पहुंच सके।

परीक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक जिम्मेदारी पर जोर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इन निर्देशों को प्रशासनिक सख्ती और संवेदनशीलता दोनों के रूप में देखा जा रहा है। एक ओर जहां भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता और मर्यादा बनाए रखने पर जोर दिया गया है, वहीं दूसरी ओर प्राकृतिक परिस्थितियों से प्रभावित किसानों के लिए त्वरित राहत सुनिश्चित करने की बात कही गई है।

सरकार का मानना है कि भर्ती परीक्षाओं में सवालों की भाषा और विषयवस्तु बेहद संवेदनशील होती है, इसलिए उन्हें तैयार करते समय सामाजिक सौहार्द और सम्मान का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए। इसी उद्देश्य से अब भर्ती बोर्डों को स्पष्ट और कड़े दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

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