Lucknow Train Accident में क्या वाकई ट्रेन दुर्घटना हो गई? दो ट्रेनों की टक्कर के दृश्य Viral

Picture of Javed Haider Zaidi

Javed Haider Zaidi

Share

Train Accident

रेलवे यार्ड में मॉक ड्रिल के दौरान कोचों में आग का सिमुलेशन, कोई वास्तविक हादसा नहीं

Lucknow Train Accident: में क्या वाकई ट्रेन दुर्घटना हो गई? दो ट्रेनों की टक्कर के दृश्य Viral राजधानी लखनऊ के आलमबाग रेलवे यार्ड में रेलवे प्रशासन द्वारा आपातकालीन स्थितियों से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए एक मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस अभ्यास के दौरान दो ट्रेनों की टक्कर का सिमुलेशन किया गया, वहीं कुछ कोचों में आग लगने जैसी स्थिति भी दर्शाई गई।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह अभ्यास पूरी तरह नियोजित और नियंत्रित था। इसका उद्देश्य किसी भी संभावित रेल दुर्घटना की स्थिति में राहत और बचाव कार्यों की गति, विभागीय समन्वय और सुरक्षा प्रबंधन को मजबूत करना था।

रेस्क्यू और राहत व्यवस्था की हुई जांच

मॉक ड्रिल में रेलवे, एनडीआरएफ, आरपीएफ, जीआरपी, फायर ब्रिगेड, पुलिस और मेडिकल टीमों ने संयुक्त रूप से हिस्सा लिया। अभ्यास के दौरान घायलों की निकासी, आग पर काबू पाने, और आपात चिकित्सा सहायता की प्रक्रियाओं का परीक्षण किया गया।

यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि

रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया कि इस अभ्यास के दौरान किसी भी यात्री को कोई नुकसान नहीं हुआ और न ही नियमित रेल परिचालन पर कोई असर पड़ा। अधिकारियों ने कहा कि इस तरह की मॉक ड्रिल से आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकती है।

प्रशासन का उद्देश्य

रेलवे का कहना है कि भविष्य में भी ऐसे अभ्यास आयोजित किए जाएंगे, ताकि रेल यात्रियों की सुरक्षा को और बेहतर बनाया जा सके और किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।

Also Read

Next Post

मौलाना यासूब अब्बास का कड़ा बयान: इस्लामाबाद की शिया मस्जिद में आतंकी हमला, UN से पाकिस्तान को आतंकवादी देश घोषित करने की मांग

Picture of Javed Haider Zaidi

Javed Haider Zaidi

Share

इस्लामाबाद की शिया मस्जिद में आतंकी हमले पर मौलाना यासूब अब्बास का कड़ा बयान, पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए वीडियो संदेश

मौलाना यासूब अब्बास का कड़ा बयान: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में स्थित शिया मस्जिद खदीजतुल कुबरा में शुक्रवार की नमाज़ के दौरान हुए आतंकी हमले ने एक बार फिर पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है। नमाज़ अदा कर रहे मासूम नमाज़ियों को निशाना बनाकर किए गए इस हमले में कई लोगों की शहादत की खबर है, जबकि कई गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।

इस दर्दनाक घटना पर ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड (AISPLB) के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास (Yasoob Abbas) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस हमले को इंसानियत और इस्लाम दोनों के खिलाफ करार देते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सख्त कदम उठाने की अपील की है।

“आतंकियों का इस्लाम से कोई लेना-देना नहीं” — मौलाना यासूब अब्बास

मौलाना यासूब अब्बास ने अपने बयान में कहा कि जो लोग खुद को मुसलमान बताकर मस्जिदों में नमाज़ियों पर गोलियां बरसाते हैं, वे दरअसल इस्लाम के नाम पर छिपे हुए वहशी दरिंदे हैं। उनका कहना था कि इस्लाम किसी भी निर्दोष की हत्या की इजाज़त नहीं देता और ऐसे कृत्य करने वालों का इस्लाम से कोई संबंध नहीं हो सकता।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में शिया समुदाय को लगातार निशाना बनाया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद वहां की सरकार और अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं चुप्पी साधे हुए हैं। यह चुप्पी आतंकवाद को और बढ़ावा दे रही है।

संयुक्त राष्ट्र से पाकिस्तान को आतंकवादी देश घोषित करने की मांग

AISPLB के महासचिव ने संयुक्त राष्ट्र (United Nations) से स्पष्ट शब्दों में मांग की कि पाकिस्तान को एक आतंकवादी देश घोषित किया जाए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की धरती से लगातार आतंकवाद पनप रहा है और वहां अल्पसंख्यकों, खासकर शिया मुसलमानों की जान सुरक्षित नहीं है।

मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि यदि अंतरराष्ट्रीय मंच अब भी सख्त कार्रवाई नहीं करता, तो ऐसे हमले भविष्य में और भयावह रूप ले सकते हैं।

शहीदों के परिवारों के प्रति संवेदना

अपने बयान के अंत में मौलाना यासूब अब्बास ने हमले में शहीद हुए लोगों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वह ईश्वर से दुआ करते हैं कि शहीदों के परिवारों को इस असहनीय दुख को सहने की ताकत मिले और घायलों को जल्द से जल्द स्वास्थ्य लाभ हो।

मानवता पर हमला, पूरी दुनिया के लिए चेतावनी

इस्लामाबाद की शिया मस्जिद में हुआ यह आतंकी हमला सिर्फ एक समुदाय पर नहीं, बल्कि पूरी मानवता और धार्मिक सह-अस्तित्व पर हमला है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते अंतरराष्ट्रीय दबाव नहीं बनाया गया, तो दक्षिण एशिया में सांप्रदायिक आतंकवाद और अधिक खतरनाक रूप ले सकता है।

Next Post

Loading more posts...