लखनऊ में 25 दिसंबर को PM Modi का दौरा, ट्रैफिक सिस्टम में बड़े बदलाव

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Javed Haider Zaidi

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लखनऊ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 दिसंबर दौरे को लेकर ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव, सड़कों पर पुलिस तैनात और डायवर्जन लागू करते यातायात कर्मी

PM Modi 25 दिसंबर को राजधानी लखनऊ के दौरे पर रहेंगे। उनके प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस ने शहर की यातायात व्यवस्था में व्यापक बदलाव किए हैं। सुरक्षा कारणों और वीवीआईपी मूवमेंट को देखते हुए कई प्रमुख मार्गों पर डायवर्जन, नो-एंट्री और वैकल्पिक रूट लागू किए गए हैं।

प्रशासन के अनुसार, 24 दिसंबर की रात से 25 दिसंबर तक विशेष ट्रैफिक प्लान प्रभावी रहेगा। इस दौरान कार्यक्रम स्थल और उसके आसपास के इलाकों में भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक रहेगी। आम लोगों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और जारी निर्देशों का पालन करें।

कई मार्गों पर बदली गई व्यवस्था

पीएम के काफिले के गुजरने वाले रूट और कार्यक्रम स्थल के आसपास की सड़कों पर यातायात सीमित रहेगा। कुछ प्रमुख चौराहों और मुख्य मार्गों पर वन-वे व्यवस्था लागू की गई है, जबकि बाहरी जिलों से आने वाले भारी वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से भेजा जाएगा।

आपात सेवाओं को छूट

एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और अन्य आपात सेवाओं को ट्रैफिक प्रतिबंधों से मुक्त रखा गया है। पुलिस की ओर से कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन नंबर भी सक्रिय किए गए हैं, ताकि किसी भी स्थिति में तत्काल सहायता मिल सके।

स्कूल और प्रशासनिक तैयारी

पीएम के दौरे को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। कुछ इलाकों में स्कूल बंद रखने का निर्णय भी लिया गया है। वहीं नगर निगम और संबंधित विभागों को सड़कों की मरम्मत, साफ-सफाई और प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं।

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प्रशासन की अपील

पुलिस और प्रशासन ने नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि वे यातायात नियमों का पालन करें, निर्धारित रूट का उपयोग करें और किसी भी तरह की अफवाह से बचें। समय-समय पर ट्रैफिक अपडेट जारी किए जाएंगे।

यह खबर शहरवासियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है, ताकि पीएम मोदी के दौरे के दौरान लखनऊ में यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहे।

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भर्ती परीक्षाओं में जाति-धर्म पर टिप्पणी बर्दाश्त नहीं: सीएम योगी का सख्त निर्देश, पेपर सेटर्स पर होगी कड़ी निगरानी

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा भर्ती बोर्डों को प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों में जाति, धर्म या संप्रदाय पर अमर्यादित टिप्पणी न करने का निर्देश देते हुए।

भर्ती परीक्षाओं में विवादित सवालों पर सख्ती, सीएम योगी का स्पष्ट संदेश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों को लेकर समय-समय पर उठने वाले विवादों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने सभी भर्ती बोर्डों के चेयरपर्सन्स को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा है कि किसी भी परीक्षा के प्रश्नपत्र में किसी व्यक्ति, जाति, पंथ या संप्रदाय की आस्था और सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली कोई भी अमर्यादित टिप्पणी नहीं होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह निर्देश केवल भर्ती बोर्डों तक सीमित न रहे, बल्कि इसे सभी पेपर सेटर्स तक सख्ती से पहुंचाया जाए और उसका पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई व्यक्ति बार-बार इस तरह की गलती करता है तो उसे हैबिचुअल ऑफेंडर मानते हुए तुरंत प्रतिबंधित किया जाए।

पेपर सेटर्स के एमओयू में भी शामिल होगा नियम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भर्ती बोर्डों को यह भी निर्देश दिया कि प्रश्नपत्र तैयार करने से जुड़े विशेषज्ञों और संस्थानों के साथ होने वाले समझौतों यानी एमओयू में भी इस नियम को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए।

सरकार का मानना है कि इस तरह की व्यवस्था लागू होने से भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं में किसी भी समुदाय या व्यक्ति की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले सवालों की संभावना काफी हद तक कम हो जाएगी।

विवादित प्रश्नों से उपजा था आक्रोश

दरअसल हाल के समय में कई ऐसी घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों में पूछे गए कुछ सवालों को लेकर सामाजिक और राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था।

हाल ही में आयोजित यूपी पुलिस एसआई भर्ती परीक्षा के एक प्रश्न में ‘पंडित’ शब्द से जुड़े एक विकल्प को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। इस पर विभिन्न संगठनों और राजनीतिक दलों की ओर से आपत्ति जताई गई थी। मामला तूल पकड़ने के बाद सरकार ने इस तरह की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए भविष्य के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने का फैसला किया।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश को लेकर भी निर्देश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में बदलते मौसम और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जारी वर्षा को लेकर भी प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने सभी जिलाधिकारियों से कहा है कि वे अपने-अपने जिलों में फील्ड में जाकर फसलों को हुए संभावित नुकसान का तत्काल आकलन कराएं। मुख्यमंत्री ने राहत आयुक्त को भी निर्देश दिए कि वे स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर नुकसान की रिपोर्ट जल्द से जल्द तैयार कराएं।

किसानों को समय पर मिले मुआवजा

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि यदि बारिश या अन्य प्राकृतिक कारणों से किसानों की फसलों को नुकसान हुआ है तो उसका आकलन समय पर किया जाए और प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा दिया जाए।

सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को किसी भी प्रकार की आर्थिक कठिनाई का सामना न करना पड़े और राहत राशि समय पर उनके खाते में पहुंच सके।

परीक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक जिम्मेदारी पर जोर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इन निर्देशों को प्रशासनिक सख्ती और संवेदनशीलता दोनों के रूप में देखा जा रहा है। एक ओर जहां भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता और मर्यादा बनाए रखने पर जोर दिया गया है, वहीं दूसरी ओर प्राकृतिक परिस्थितियों से प्रभावित किसानों के लिए त्वरित राहत सुनिश्चित करने की बात कही गई है।

सरकार का मानना है कि भर्ती परीक्षाओं में सवालों की भाषा और विषयवस्तु बेहद संवेदनशील होती है, इसलिए उन्हें तैयार करते समय सामाजिक सौहार्द और सम्मान का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए। इसी उद्देश्य से अब भर्ती बोर्डों को स्पष्ट और कड़े दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

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