मिडिल ईस्ट तनाव का असर भारत पर: LPG सिलेंडर की जमाखोरी रोकने के लिए सरकार ने लागू किया ESMA

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Javed Haider Zaidi

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एलपीजी सिलेंडर की जमाखोरी रोकने और गैस आपूर्ति सुचारू रखने के लिए सरकार ने ESMA लागू किया

मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर अब भारत की ऊर्जा आपूर्ति पर भी दिखाई देने लगा है। ईरान और इजरायल के बीच जारी टकराव के चलते क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ी है, जिसका सीधा प्रभाव तेल और गैस की सप्लाई चेन पर पड़ रहा है। इसी स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार ने एलपीजी सिलेंडर की जमाखोरी रोकने और आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने आवश्यक सेवा रखरखाव अधिनियम (ESMA) लागू कर दिया है।

सरकार का मानना है कि संकट की स्थिति में यदि गैस सिलेंडर की जमाखोरी बढ़ती है तो बाजार में कृत्रिम कमी पैदा हो सकती है, जिससे आम लोगों के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित होंगी। इसलिए सख्त निगरानी के साथ ESMA के प्रावधान लागू किए गए हैं ताकि एलपीजी की उपलब्धता सामान्य बनी रहे।

कमर्शियल गैस सिलेंडर की भारी किल्लत

मौजूदा हालात में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई फिलहाल सामान्य बताई जा रही है, लेकिन कमर्शियल गैस सिलेंडरों की कमी कई शहरों में महसूस की जा रही है। होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और छोटे कारोबार चलाने वाले लोगों को गैस सिलेंडर मिलने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

आपूर्ति में आई इस बाधा के पीछे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पैदा हुए हालात को जिम्मेदार माना जा रहा है। मिडिल ईस्ट वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का एक बड़ा केंद्र है, और वहां किसी भी तरह का तनाव वैश्विक बाजारों को प्रभावित करता है। इसका असर भारत जैसे आयात-निर्भर देशों पर जल्दी दिखाई देता है।

जमाखोरी पर सख्ती

सरकार ने साफ कर दिया है कि संकट के समय गैस सिलेंडरों की जमाखोरी या कृत्रिम कमी पैदा करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि गैस एजेंसियों, डिस्ट्रीब्यूटरों और बड़े उपभोक्ताओं पर कड़ी निगरानी रखी जाए।

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इसके साथ ही स्थानीय प्रशासन को यह भी कहा गया है कि जरूरत के मुताबिक आपूर्ति की समीक्षा करते रहें ताकि कहीं भी अनावश्यक संकट पैदा न हो। यदि कोई व्यक्ति या संस्था जानबूझकर सिलेंडर जमा करके बाजार में कमी पैदा करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

क्या होता है ESMA?

आवश्यक सेवा रखरखाव अधिनियम (ESMA) एक विशेष कानून है, जिसे उन सेवाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए लागू किया जाता है जो आम जनता के दैनिक जीवन से सीधे जुड़ी होती हैं। इस कानून के लागू होने के बाद संबंधित सेवाओं में बाधा डालने, हड़ताल करने या सप्लाई रोकने जैसी गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है।

ESMA आम तौर पर उन सेवाओं पर लागू किया जाता है जिनका असर सीधे लोगों के जीवन पर पड़ता है। इनमें सार्वजनिक परिवहन, स्वास्थ्य सेवाएं, बिजली-पानी की आपूर्ति और कई अन्य जरूरी सेवाएं शामिल होती हैं।

बाजार और आम जनता पर नजर

सरकार का कहना है कि मौजूदा हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त कदम भी उठाए जा सकते हैं। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि आम उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर लेने में किसी तरह की परेशानी न हो।

विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय हालात सामान्य होने तक ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। ऐसे में आपूर्ति व्यवस्था को स्थिर बनाए रखना सरकार के लिए बड़ी चुनौती है।

फिलहाल प्रशासन और ऊर्जा कंपनियां मिलकर स्थिति को संभालने की कोशिश कर रही हैं ताकि घरेलू उपभोक्ताओं और व्यावसायिक उपयोगकर्ताओं दोनों को गैस की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।

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पीएम मोदी 28 मार्च को करेंगे नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन, सीएम योगी ने लिया तैयारियों का जायजा

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नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे

नोएडा में बने नए अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के उद्घाटन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को हवाई अड्डे का निरीक्षण किया और उद्घाटन समारोह की तैयारियों का जायजा लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस हवाई अड्डे का उद्घाटन 28 मार्च को करेंगे, जिससे नोएडा और आसपास के क्षेत्रों के लिए हवाई यातायात में नई गति आने की संभावना है।

जेवर स्थित हवाई अड्डे का दौरा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ से गाजियाबाद के हिंडन हवाई अड्डे पहुंचे और वहां से हेलीकॉप्टर के माध्यम से जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचे। लगभग डेढ़ घंटे तक चली बैठक में अधिकारियों ने उद्घाटन समारोह की रूपरेखा, सुरक्षा योजना, जनसभा के लिए संभावित संख्या, बैठने की व्यवस्था और अन्य तैयारियों की जानकारी दी।

सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियां

सीएम योगी ने हवाई अड्डे और जनसभा स्थल का निरीक्षण किया और सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इस दौरान उत्तर प्रदेश शासन के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार और विशेष सचिव ईशान प्रताप सिंह भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री के आगमन के दौरान सुरक्षा, साफ-सफाई, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, चिकित्सा सुविधा, अग्नि सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा।

पार्किंग और जनसभा व्यवस्थाओं पर ध्यान

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसभा स्थल पर पार्किंग व्यवस्था सुव्यवस्थित रूप से बनाई जाए। इसके अलावा, सभी आवश्यक व्यवस्थाओं का समुचित इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति

इस अवसर पर गौतमबुद्ध नगर के सांसद डॉक्टर महेश शर्मा, प्रभारी मंत्री कुंवर बृजेश सिंह, जेवर के विधायक धीरेंद्र सिंह, पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह, जिलाधिकारी मेघा रूपम, यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के CEO राकेश कुमार सिंह, नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा लिमिटेड के CEO क्रिस्टोफ श्रेलमैन और COO किरण जैन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के संचालन से न केवल प्रदेश बल्कि पूरे उत्तर भारत के लिए हवाई यात्रा और वाणिज्यिक अवसरों में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, हवाई अड्डे के शुरू होने से व्यापार, पर्यटन और रोजमर्रा की यातायात सुविधा में उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिलेगा।

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