Kolkata Earthquake: कोलकाता से बांग्लादेश तक डोली धरती, म्यांमार में 6.0 तीव्रता के भूकंप से फैली दहशत

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Javed Haider Zaidi

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मणिपुर विधानसभा में भूकंप के झटकों के दौरान रुका बजट सत्र, कामजोंग जिले में 4.3 तीव्रता का भूकंप महसूस हुआ

Kolkata Earthquake: मंगलवार की शाम भारत के पूर्वी हिस्से में भूकंप के झटकों से लोग सहम उठे। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता समेत राज्य के कई इलाकों में हल्के से मध्यम झटके महसूस किए गए। यही नहीं, इन झटकों का असर पड़ोसी देश बांग्लादेश के कई हिस्सों तक देखा गया। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6.0 मापी गई, जिससे कुछ देर के लिए पूरे क्षेत्र में डर का माहौल बन गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि अब तक किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

भूकंप का केंद्र पड़ोसी देश म्यांमार में स्थित था। यूरोपियन-मेडिटेरेनियन सीस्मोलॉजिकल सेंटर (EMSC) के अनुसार, इसका केंद्र म्यांमार के अक्याब (Akyab) से करीब 113 किलोमीटर पूर्व में पाया गया। वहीं जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (GFZ) ने इसकी तीव्रता 6.0 बताई, जबकि कुछ रिपोर्टों में इसे 5.9 दर्ज किया गया है। भूकंप जमीन से लगभग 10 किलोमीटर की कम गहराई पर आया था, जिसकी वजह से इसके झटके दूर-दराज के इलाकों तक महसूस किए गए।

कोलकाता में कई लोगों ने बताया कि झटके महसूस होते ही वे एहतियातन घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए। कुछ सेकंड के लिए इमारतों में कंपन साफ तौर पर महसूस किया गया, जिससे अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। हालांकि प्रशासन की ओर से तुरंत स्थिति पर नजर रखी गई और किसी बड़े नुकसान की सूचना सामने नहीं आई।

इस भूकंप का असर बांग्लादेश के भी कई हिस्सों में देखा गया, जहां लोगों ने धरती हिलने की पुष्टि की। सोशल मीडिया पर भी लोगों ने अपने अनुभव साझा किए और भूकंप से जुड़ी जानकारियां तेजी से फैलती रहीं।

EMSC के मुताबिक, पिछले 71 घंटों में म्यांमार क्षेत्र में यह तीसरा भूकंप था। इससे पहले भी इस इलाके में भूकंपीय गतिविधियां दर्ज की गई थीं, लेकिन किसी भी घटना में बड़े नुकसान की खबर नहीं आई। विशेषज्ञों का कहना है कि यह क्षेत्र भूकंपीय रूप से संवेदनशील है, ऐसे में सतर्कता और जागरूकता बेहद जरूरी है।

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फिलहाल हालात सामान्य हैं और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

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PPF निवेशकों के लिए अहम खबर: अप्रैल में इस तारीख को भूलना पड़ सकता है महंगा

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"PPF निवेश करने वाले निवेशकों के लिए अप्रैल में जरूरी तारीख की जानकारी, सही समय पर जमा करने पर ज्यादा ब्याज, देर से निवेश करने पर नुकसान, PPF की ब्याज दर और फायदे, सुरक्षित लंबी अवधि की निवेश योजना, 1 से 5 तारीख के बीच निवेश करने के लाभ।"

अगर आप सुरक्षित और लंबे समय के निवेश की सोच रहे हैं, तो पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) आपके लिए सबसे भरोसेमंद विकल्पों में से एक है। यह सरकारी योजना न सिर्फ आपका पैसा सुरक्षित रखती है, बल्कि समय के साथ अच्छा रिटर्न भी देती है। लेकिन PPF में निवेश करते समय एक छोटी-सी तारीख की अनदेखी आपको सालभर के ब्याज में नुकसान पहुँचा सकती है। खासतौर पर अप्रैल महीने में यह बहुत अहम है।

PPF में निवेश का सही समय क्यों है जरूरी?

PPF में ब्याज की गणना हर महीने 5 तारीख से लेकर महीने के आखिरी दिन के बीच के न्यूनतम बैलेंस के आधार पर होती है। इसका मतलब साफ है:

  • अगर आप 1 से 5 अप्रैल के बीच निवेश करते हैं, तो आपको उस महीने का पूरा ब्याज मिलेगा।
  • लेकिन अगर आप 5 अप्रैल के बाद पैसा जमा करते हैं, तो ब्याज केवल अगले महीने से जुड़ना शुरू होगा।

यानी सिर्फ कुछ दिनों की देरी भी आपके सालभर के रिटर्न को कम कर सकती है।

देरी से निवेश करने पर कितना नुकसान हो सकता है?

आइए इसे एक उदाहरण से समझते हैं।

मान लीजिए आपने PPF अकाउंट में 1.5 लाख रुपये जमा किए।

  • अगर राशि 1 से 5 तारीख के बीच जमा होती है, तो सालाना ब्याज लगभग ₹10,650 होगा।
  • वहीं, अगर आप 5 तारीख के बाद निवेश करते हैं, तो सालाना ब्याज घटकर लगभग ₹9,763 रह जाता है।

यानी केवल एक दिन की देरी से लगभग ₹887 का नुकसान हो सकता है।

यह नुकसान छोटा लग सकता है, लेकिन PPF लंबी अवधि की योजना है, इसलिए समय पर निवेश करने से लंबे समय में काफी बड़ा फर्क पड़ता है।

PPF योजना के फायदे और खासियतें

PPF योजना को खासतौर पर सुरक्षित निवेश की तलाश करने वाले लोग पसंद करते हैं। इसकी कुछ मुख्य खूबियां हैं:

  • लंबी अवधि का निवेश: 15 साल
  • न्यूनतम निवेश राशि: ₹500
  • अधिकतम निवेश राशि: ₹1.5 लाख सालाना
  • ब्याज दर: करीब 7.1% (वर्तमान में)
  • टैक्स लाभ: धारा 80C के तहत पूरी तरह टैक्स-फ्री

यह योजना उन निवेशकों के लिए आदर्श है, जो बिना जोखिम लिए लंबे समय में अच्छा फंड बनाना चाहते हैं।

निवेश करते समय ध्यान रखने योग्य बातें

  1. कोशिश करें कि 1 से 5 तारीख के बीच ही पैसा जमा करें।
  2. अगर पूरे साल की एकमुश्त राशि जमा करना संभव नहीं है, तो हर महीने की शुरुआत में निवेश करें।
  3. PPF को लंबी अवधि की योजना मानकर ही निवेश करें।
  4. समय पर निवेश करने से आपके सालभर के ब्याज में बढ़ोतरी होगी।
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