कोलकाता में PM मोदी की रैली से पहले बवाल: TMC-BJP कार्यकर्ताओं में हिंसक झड़प, मंत्री शशि पांजा घायल

Picture of Javed Haider Zaidi

Javed Haider Zaidi

Share

कोलकाता के गिरीश पार्क इलाके में पीएम मोदी की रैली से पहले टीएमसी और बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच झड़प के बाद घायल हुईं राज्य मंत्री शशि पांजा।

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में प्रधानमंत्री की रैली से पहले शनिवार को माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। शहर के गिरीश पार्क इलाके में तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प हो गई। इस दौरान पत्थरबाजी और हंगामे की खबर सामने आई है। राज्य सरकार में मंत्री डॉ. शशि पांजा के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है।

बताया जा रहा है कि यह घटना उस समय हुई जब भाजपा कार्यकर्ता प्रधानमंत्री की ब्रिगेड ग्राउंड में होने वाली सभा में शामिल होने के लिए जा रहे थे। इसी दौरान गिरीश पार्क के पास दोनों दलों के समर्थक आमने-सामने आ गए और देखते ही देखते स्थिति हिंसक हो गई।

तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि भाजपा समर्थकों ने गिरीश पार्क स्थित राज्य मंत्री शशि पांजा के घर के बाहर पत्थरबाजी की। पार्टी का कहना है कि भाजपा कार्यकर्ता जब रैली के लिए जा रहे थे, तभी उन्होंने तृणमूल समर्थकों पर हमला कर दिया। वहीं भाजपा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए पलटवार किया है।

भाजपा नेताओं का कहना है कि गिरीश पार्क इलाके में वे लोग शांतिपूर्ण जुलूस निकाल रहे थे, तभी तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने उन पर ईंट-पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। भाजपा का आरोप है कि इस दौरान पुलिस ने समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया, जिससे हालात और बिगड़ गए।

इस झड़प के बीच पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री और तृणमूल कांग्रेस की वरिष्ठ नेता डॉ. शशि पांजा घायल हो गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि उन पर सीधे ईंट से हमला किया गया।

Also Read

डॉ. शशि पांजा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि इस घटना में 50 से अधिक तृणमूल कार्यकर्ता घायल हुए हैं। उनके मुताबिक उन पर एक बड़ा पत्थर फेंका गया, जिससे उन्हें चोट आई और उन्हें अंदर ले जाना पड़ा। उन्होंने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी के लोग हिंसा फैला रहे हैं।

उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने ‘भाजपा का बहिष्कार करो’ लिखे बैनर को फाड़ दिया और उसके बाद तृणमूल समर्थकों पर हमला किया। पांजा के अनुसार इस हिंसा में कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं।

दूसरी ओर भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस पर राजनीतिक हिंसा को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि राज्य में भाजपा की बढ़ती लोकप्रियता से घबराकर तृणमूल ऐसे हमले करवा रही है।

दरअसल, भाजपा ने पश्चिम बंगाल में आगामी 2026 विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए राज्यभर में ‘परिवर्तन यात्रा’ निकाली थी। यह यात्रा 1 और 2 मार्च से शुरू हुई थी और 4 मार्च को राज्य के नौ अलग-अलग स्थानों से आगे बढ़ाई गई थी। बताया जाता है कि इस यात्रा ने लगभग 50 हजार किलोमीटर का सफर तय किया और 250 से अधिक विधानसभा क्षेत्रों को कवर किया।

10 मार्च को इस परिवर्तन यात्रा का समापन हुआ था और उसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोलकाता में एक बड़ी जनसभा को संबोधित करने वाले हैं। भाजपा का कहना है कि इस सभा के जरिए 2026 के विधानसभा चुनावों के लिए राजनीतिक रणनीति और दिशा तय की जाएगी।

रैली में पहुंचे कई लोगों का कहना है कि पश्चिम बंगाल में महिला सुरक्षा, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे प्रमुख चिंता का विषय बने हुए हैं। भाजपा इन्हीं मुद्दों को लेकर राज्य सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है।

फिलहाल कोलकाता में हुई इस झड़प ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है। प्रशासन ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है। दोनों दलों के आरोप-प्रत्यारोप के बीच अब यह देखना होगा कि पुलिस जांच में इस घटना की असल वजह क्या सामने आती है।

Next Post

PPF निवेशकों के लिए अहम खबर: अप्रैल में इस तारीख को भूलना पड़ सकता है महंगा

Picture of Javed Haider Zaidi

Javed Haider Zaidi

Share

"PPF निवेश करने वाले निवेशकों के लिए अप्रैल में जरूरी तारीख की जानकारी, सही समय पर जमा करने पर ज्यादा ब्याज, देर से निवेश करने पर नुकसान, PPF की ब्याज दर और फायदे, सुरक्षित लंबी अवधि की निवेश योजना, 1 से 5 तारीख के बीच निवेश करने के लाभ।"

अगर आप सुरक्षित और लंबे समय के निवेश की सोच रहे हैं, तो पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) आपके लिए सबसे भरोसेमंद विकल्पों में से एक है। यह सरकारी योजना न सिर्फ आपका पैसा सुरक्षित रखती है, बल्कि समय के साथ अच्छा रिटर्न भी देती है। लेकिन PPF में निवेश करते समय एक छोटी-सी तारीख की अनदेखी आपको सालभर के ब्याज में नुकसान पहुँचा सकती है। खासतौर पर अप्रैल महीने में यह बहुत अहम है।

PPF में निवेश का सही समय क्यों है जरूरी?

PPF में ब्याज की गणना हर महीने 5 तारीख से लेकर महीने के आखिरी दिन के बीच के न्यूनतम बैलेंस के आधार पर होती है। इसका मतलब साफ है:

  • अगर आप 1 से 5 अप्रैल के बीच निवेश करते हैं, तो आपको उस महीने का पूरा ब्याज मिलेगा।
  • लेकिन अगर आप 5 अप्रैल के बाद पैसा जमा करते हैं, तो ब्याज केवल अगले महीने से जुड़ना शुरू होगा।

यानी सिर्फ कुछ दिनों की देरी भी आपके सालभर के रिटर्न को कम कर सकती है।

देरी से निवेश करने पर कितना नुकसान हो सकता है?

आइए इसे एक उदाहरण से समझते हैं।

मान लीजिए आपने PPF अकाउंट में 1.5 लाख रुपये जमा किए।

  • अगर राशि 1 से 5 तारीख के बीच जमा होती है, तो सालाना ब्याज लगभग ₹10,650 होगा।
  • वहीं, अगर आप 5 तारीख के बाद निवेश करते हैं, तो सालाना ब्याज घटकर लगभग ₹9,763 रह जाता है।

यानी केवल एक दिन की देरी से लगभग ₹887 का नुकसान हो सकता है।

यह नुकसान छोटा लग सकता है, लेकिन PPF लंबी अवधि की योजना है, इसलिए समय पर निवेश करने से लंबे समय में काफी बड़ा फर्क पड़ता है।

PPF योजना के फायदे और खासियतें

PPF योजना को खासतौर पर सुरक्षित निवेश की तलाश करने वाले लोग पसंद करते हैं। इसकी कुछ मुख्य खूबियां हैं:

  • लंबी अवधि का निवेश: 15 साल
  • न्यूनतम निवेश राशि: ₹500
  • अधिकतम निवेश राशि: ₹1.5 लाख सालाना
  • ब्याज दर: करीब 7.1% (वर्तमान में)
  • टैक्स लाभ: धारा 80C के तहत पूरी तरह टैक्स-फ्री

यह योजना उन निवेशकों के लिए आदर्श है, जो बिना जोखिम लिए लंबे समय में अच्छा फंड बनाना चाहते हैं।

निवेश करते समय ध्यान रखने योग्य बातें

  1. कोशिश करें कि 1 से 5 तारीख के बीच ही पैसा जमा करें।
  2. अगर पूरे साल की एकमुश्त राशि जमा करना संभव नहीं है, तो हर महीने की शुरुआत में निवेश करें।
  3. PPF को लंबी अवधि की योजना मानकर ही निवेश करें।
  4. समय पर निवेश करने से आपके सालभर के ब्याज में बढ़ोतरी होगी।
Next Post

Loading more posts...