कंझावला औद्योगिक क्षेत्र में प्रदूषण पर सख्ती, 400 से ज्यादा फैक्ट्रियों और गोदामों को नोटिस

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दिल्ली के कंझावला औद्योगिक क्षेत्र में प्रदूषण

दिल्ली के कंझावला औद्योगिक क्षेत्र में प्रदूषण को लेकर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) ने यहां स्थित 400 से अधिक फैक्ट्रियों और वेयरहाउस को नोटिस जारी किए हैं। इन नोटिसों के बाद इलाके में काम कर रहे कारोबारियों में चिंता और नाराज़गी दोनों देखने को मिल रही है।

प्रशासन का कहना है कि निरीक्षण के दौरान कई इकाइयों में पर्यावरण नियमों का पालन नहीं पाया गया। इसी आधार पर नोटिस भेजकर जवाब मांगा गया है। वहीं, उद्योग संचालकों का दावा है कि कई गोदाम और यूनिट ऐसी हैं, जहां न धुआं निकलता है और न ही किसी तरह का रासायनिक अपशिष्ट, इसके बावजूद उन्हें भी नोटिस मिला है।

कारोबारियों के अनुसार, सिर्फ सामान रखने वाले वेयरहाउस को भी प्रदूषण फैलाने वाली श्रेणी में रख दिया गया, जिससे कामकाज प्रभावित हो रहा है। कुछ फैक्ट्रियों में तो नोटिस मिलने के बाद अस्थायी तौर पर उत्पादन भी रोक दिया गया है, जिससे मजदूरों की रोजी-रोटी पर असर पड़ने की आशंका है।

औद्योगिक संगठनों का कहना है कि इलाके में असली समस्या टूटी सड़कों से उड़ने वाली धूल और अव्यवस्थित ढांचा है, लेकिन इसका बोझ फैक्ट्रियों पर डाला जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और जो इकाइयां वास्तव में प्रदूषण फैला रही हैं, उन्हीं पर कार्रवाई की जाए।

फिलहाल DPCC ने सभी नोटिसधारकों से तय समय के भीतर जवाब मांगा है। आगे की कार्रवाई जवाब और जांच रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।

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8वें वेतन आयोग पर बड़ा अपडेट: राज्यसभा में वित्त मंत्रालय ने दी जानकारी, कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन में होगी समीक्षा

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"8वें वेतन आयोग 2026 अपडेट: केंद्र सरकार ने राज्यसभा को जानकारी दी, कर्मचारियों और पेंशनर्स के वेतन, भत्ते और पेंशन की समीक्षा की जाएगी, बैंक कर्मचारियों पर लागू नहीं।"

8वें वेतन आयोग पर बड़ा अपडेट: देश के केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर लंबी प्रतीक्षा के बाद बड़ा अपडेट सामने आया है। केंद्र सरकार ने राज्यसभा में पूछे गए सवालों का लिखित जवाब देते हुए जानकारी दी कि 8वें वेतन आयोग का औपचारिक गठन पिछले साल 3 नवंबर, 2025 को कर दिया गया था। यह आयोग केंद्र सरकार के लिए काम करने वाले कर्मचारियों और रिटायर पेंशनर्स के वेतन, भत्तों, पेंशन संरचना और सेवा की शर्तों की समीक्षा करेगा।

8वें वेतन आयोग का गठन और कार्यकाल

केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री Pankaj Chaudhary (पंकज चौधरी) ने राज्यसभा में बताया कि 8वें वेतन आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। इसका मतलब यह हुआ कि आयोग अपनी सिफारिशें साल 2027 तक केंद्र सरकार को सौंपेगा। आयोग की रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि सरकारी कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन में कितनी बढ़ोतरी होगी और इसका सरकार पर कितना वित्तीय बोझ पड़ेगा।

सरकार ने इस बारे में साफ कहा कि फिलहाल इस वित्तीय बोझ का कोई अनुमान लगाना संभव नहीं है। वास्तविक स्थिति आयोग की सिफारिशों के आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।

आयोग किन मुद्दों की करेगा समीक्षा

वित्त मंत्रालय ने राज्यसभा को बताया कि आयोग निम्नलिखित क्षेत्रों की समीक्षा करेगा:

  1. कर्मचारियों के वेतन और भत्ते: केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में कार्यरत कर्मचारियों की वर्तमान सैलरी संरचना और भत्तों की समीक्षा की जाएगी।
  2. पेंशन और रिटायरमेंट बेनिफिट्स: केंद्र सरकार से रिटायर हुए कर्मचारियों की पेंशन और संबंधित भत्तों में संभावित वृद्धि पर सुझाव दिए जाएंगे।
  3. सेवा की शर्तें: सरकारी कर्मचारियों की सेवा की शर्तों, प्रमोशन नीति और अन्य नियमों की समीक्षा भी आयोग करेगा।

इस समीक्षा के जरिए आयोग यह सुनिश्चित करेगा कि सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के वेतन और भत्ते आधुनिक जरूरतों और महंगाई के अनुसार उपयुक्त हों।

कौन लाभान्वित होंगे और कौन नहीं

8वें वेतन आयोग लागू होने पर केंद्रीय सरकार के विभिन्न विभागों में कार्यरत सभी कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। आयोग की सिफारिशों के बाद कर्मचारियों की सैलरी बढ़ सकती है और रिटायर पेंशनर्स की पेंशन में भी वृद्धि की संभावना है।

हालांकि, बैंक कर्मचारियों पर यह वेतन आयोग लागू नहीं होगा। सरकारी बैंक कर्मचारियों का वेतन भारतीय बैंक संघ (IBA) के समझौतों के तहत तय किया जाता है। इसलिए बैंक कर्मचारी इस वेतन आयोग के दायरे में शामिल नहीं होंगे।

राज्यसभा में उठे सवाल और सरकार का जवाब

राज्यसभा में सांसदों ने सरकार से यह सवाल किया था कि 8वें वेतन आयोग किन मुद्दों पर काम करेगा और इसकी सिफारिशें कब तक लागू हो सकती हैं। वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि आयोग न केवल वर्तमान कर्मचारियों के वेतन और भत्तों का मूल्यांकन करेगा, बल्कि रिटायर्ड कर्मचारियों की पेंशन और सेवा से जुड़े अन्य लाभों पर भी सुझाव देगा।

सरकार ने यह भी कहा कि आयोग अपनी रिपोर्ट तय समयसीमा के भीतर सौंपेगा और इसके बाद ही आयोग की सिफारिशों को लागू किया जाएगा। इससे स्पष्ट होता है कि कर्मचारियों को बढ़ी हुई सैलरी और भत्तों के लिए अभी कुछ और समय इंतजार करना होगा।

आयोग लागू होने के बाद संभावित वित्तीय असर

सरकार ने कहा कि 8वें वेतन आयोग लागू होने के बाद वित्तीय बोझ का सटीक आकलन आयोग की सिफारिशें आने के बाद ही संभव होगा। हालांकि विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि आयोग कर्मचारियों के वेतन और भत्तों में पर्याप्त वृद्धि की सिफारिश करता है, तो सरकार पर वित्तीय दबाव बढ़ सकता है।

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