Indonesia में दर्दनाक बस हादसा, खाई में गिरने से 16 यात्रियों की मौत, कई घायल

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Javed Haider Zaidi

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Indonesia bus accident kills at least 16 passengers

Indonesia Bus accident: इंडोनेशिया में एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। यात्रियों से भरी एक बस अचानक नियंत्रण खो बैठी और गहरी खाई में जा गिरी। इस दर्दनाक दुर्घटना में कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई यात्री गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।

हादसा इतना भयावह था कि बस पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। स्थानीय लोगों और राहत दलों ने मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य शुरू किया, लेकिन कई यात्रियों को बचाया नहीं जा सका।

कैसे हुआ हादसा?

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बस तेज रफ्तार में थी और मोड़ पर चालक का नियंत्रण बिगड़ गया। इसके बाद बस सीधे सड़क से नीचे खाई में जा गिरी। हादसे के वक्त बस में बड़ी संख्या में यात्री सवार थे, जिनमें महिलाएं और बुजुर्ग भी शामिल थे।

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि टक्कर की आवाज़ काफी दूर तक सुनाई दी। हादसे के तुरंत बाद अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोग मदद के लिए दौड़ पड़े।

रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, एंबुलेंस और आपदा राहत टीमें मौके पर पहुंचीं। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत नाजुक बताई जा रही है। प्रशासन ने मृतकों की पहचान की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

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अधिकारियों का कहना है कि हादसे की जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि दुर्घटना तकनीकी खराबी की वजह से हुई या मानवीय लापरवाही कारण बनी।

वीडियो ने बढ़ाई चिंता

हादसे का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दुर्घटना के बाद का भयावह मंजर साफ देखा जा सकता है। वीडियो सामने आने के बाद इंडोनेशिया में सड़क सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं।

लगातार बढ़ रहे सड़क हादसे

इंडोनेशिया में सड़क हादसे कोई नई बात नहीं हैं। खराब सड़कों, तेज रफ्तार और सुरक्षा नियमों की अनदेखी अक्सर ऐसे हादसों की वजह बनती है। इस घटना के बाद सरकार पर परिवहन सुरक्षा को लेकर सख्त कदम उठाने का दबाव बढ़ गया है।

यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि सड़क सुरक्षा में छोटी सी लापरवाही भी कितनी बड़ी त्रासदी में बदल सकती है।

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वॉशिंगटन पोस्ट की बड़ी छंटनी में शशि थरूर के बेटे ईशान थरूर की नौकरी गई, 12 साल का सफर अचानक थमा

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वॉशिंगटन पोस्ट की छंटनी की खबर के बीच कांग्रेस सांसद शशि थरूर के बेटे और वरिष्ठ पत्रकार ईशान थरूर की फाइल फोटो, जो अखबार से 12 साल की सेवा के बाद नौकरी से हटाए गए।

अमेरिका के प्रतिष्ठित अखबार वॉशिंगटन पोस्ट में बड़े पैमाने पर हुई छंटनी ने अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता जगत को झकझोर कर रख दिया है। इस फैसले की चपेट में कांग्रेस सांसद शशि थरूर के बेटे और जाने-माने विदेशी मामलों के पत्रकार ईशान थरूर भी आ गए हैं। करीब 12 वर्षों तक अखबार से जुड़े रहने के बाद ईशान को नौकरी से हटा दिया गया है। उन्होंने खुद सोशल मीडिया के जरिए इस मुश्किल दौर की जानकारी दी और अपने दर्द को शब्दों में साझा किया।

एक तिहाई कर्मचारियों की छंटनी

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वॉशिंगटन पोस्ट ने अपने कुल कर्मचारियों के लगभग एक तिहाई हिस्से को नौकरी से निकाल दिया है। इस प्रक्रिया में अखबार का खेल विभाग बंद कर दिया गया है, जबकि कई विदेशी कार्यालयों पर भी ताले लग गए हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट बताती है कि लगभग 800 पत्रकारों की टीम में से 300 से अधिक कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया गया है।

ईशान थरूर ने क्या कहा

ईशान थरूर ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि आज उन्हें वॉशिंगटन पोस्ट से हटा दिया गया है और उनके साथ अधिकांश अंतरराष्ट्रीय स्टाफ और कई बेहद प्रतिभाशाली सहकर्मियों की भी छुट्टी कर दी गई है। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने न्यूज रूम और खासतौर पर उन पत्रकारों के लिए गहरा दुख है, जिन्होंने वर्षों तक अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टिंग में अखबार की पहचान बनाई।
ईशान ने यह भी कहा कि लगभग 12 वर्षों तक जिन संपादकों और संवाददाताओं के साथ उन्होंने काम किया, वे केवल सहकर्मी नहीं बल्कि दोस्त रहे, और उनके साथ काम करना उनके लिए सम्मान की बात रही।

‘वर्ल्डव्यू’ कॉलम और पाठकों का साथ

ईशान थरूर ने जनवरी 2017 में वर्ल्डव्यू नाम से कॉलम शुरू किया था, जिसका उद्देश्य दुनिया की घटनाओं और उसमें अमेरिका की भूमिका को सरल और स्पष्ट तरीके से पाठकों तक पहुंचाना था। उन्होंने बताया कि करीब पांच लाख वफादार पाठकों ने वर्षों तक सप्ताह में कई बार इस कॉलम को पढ़ा, जिसके लिए वह हमेशा आभारी रहेंगे।

वॉशिंगटन पोस्ट में भूमिका

ईशान थरूर वॉशिंगटन पोस्ट में विदेश मामलों के लेखक के तौर पर काम कर रहे थे। भारतीय राजनीति और वैश्विक घटनाओं पर उनकी पकड़ को लेकर उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली। हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद जब भारतीय प्रतिनिधिमंडल अमेरिका के दौरे पर था, तब ईशान अपने पिता शशि थरूर से सवाल पूछने को लेकर चर्चा में भी आए थे।

सोशल मीडिया पर समर्थन

ईशान थरूर की छंटनी की खबर सामने आते ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कई पत्रकारों और पाठकों ने उनके समर्थन में आवाज उठाई। लोगों ने उन्हें एक बेहतरीन और गंभीर पत्रकार बताया और वॉशिंगटन पोस्ट के इस फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया।

अखबार प्रबंधन की सफाई

अखबार के कार्यकारी संपादक मैट मरे ने इस फैसले को “दुखद लेकिन जरूरी” बताया है। उनका कहना है कि बदलती तकनीक, डिजिटल मीडिया के प्रभाव और पाठकों की आदतों में आए बदलावों के अनुरूप खुद को ढालने के लिए यह कदम उठाना जरूरी था, ताकि अखबार को भविष्य के लिए बेहतर दिशा दी जा सके।

मालिकाना हक और पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि वॉशिंगटन पोस्ट के मालिक अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस हैं। उन्होंने साल 2013 में यह अखबार ग्राहम परिवार से करीब 25 करोड़ डॉलर में खरीदा था। तब से अखबार डिजिटल बदलाव के दौर से गुजर रहा है, लेकिन हालिया छंटनी ने पत्रकारिता के भविष्य और मीडिया संस्थानों की स्थिरता पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

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