महंगाई का नया झटका: थोक मूल्य सूचकांक बढ़कर 1.81%, अर्थव्यवस्था में बढ़ी चिंता

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Javed Haider Zaidi

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जनवरी 2026 में भारत में थोक मूल्य सूचकांक (WPI) आधारित महंगाई दर 1.81% पर पहुंची, खाद्य और गैर-खाद्य वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि, केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति पर असर, खुदरा महंगाई 2.75% तक बढ़ी

नई दिल्ली: साल 2026 की शुरुआत महंगाई के मोर्चे पर झटका देने वाली रही है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, थोक मूल्य सूचकांक (WPI) आधारित महंगाई दर जनवरी 2026 में लगातार तीसरे महीने बढ़कर 1.81 प्रतिशत पर पहुंच गई, जबकि दिसंबर 2025 में यह केवल 0.83 प्रतिशत थी। पिछले साल जनवरी में थोक महंगाई दर 2.51 प्रतिशत दर्ज की गई थी।

इस वृद्धि ने न केवल केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए हैं, बल्कि आरबीआई की मौद्रिक नीति और रेपो दर पर भी असर डालने की संभावना जताई जा रही है।

महंगाई बढ़ने के पीछे प्रमुख कारण

अंकड़ों के मुताबिक, थोक महंगाई बढ़ने के पीछे खाद्य और गैर-खाद्य वस्तुओं दोनों में बढ़ोतरी मुख्य कारण रही।

  • खाद्य वस्तुएँ: जनवरी में खाद्य वस्तुओं की थोक महंगाई 1.55 प्रतिशत रही, जबकि दिसंबर में इसमें गिरावट दर्ज की गई थी।
  • सब्ज़ियाँ: सबसे ज्यादा उछाल सब्ज़ियों में देखा गया। जनवरी में सब्ज़ियों की महंगाई 6.78 प्रतिशत रही, जबकि दिसंबर में यह नकारात्मक 3.50 प्रतिशत थी।
  • दूध, अंडे और अनाज: इन वस्तुओं की कीमतों में भी जनवरी में बढ़ोतरी देखी गई।

उद्योग मंत्रालय के मुताबिक, मूल धातुओं के उत्पादन और अन्य विनिर्मित उत्पादों की कीमतों में भी वृद्धि हुई, जिससे थोक महंगाई दर में कुल असर पड़ा।

गैर-खाद्य वस्तुओं में तेजी

जनवरी में विनिर्मित उत्पादों की थोक महंगाई 2.86 प्रतिशत रही, जो दिसंबर में 1.82 प्रतिशत थी।

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गैर-खाद्य वस्तुओं की श्रेणी में महंगाई सबसे तेज़ रही, यह बढ़कर 7.58 प्रतिशत तक पहुँच गई, जबकि दिसंबर में यह 2.95 प्रतिशत पर थी। इसमें प्रमुख योगदान देने वाले क्षेत्रों में वस्त्र, उपकरण और निर्माण सामग्री शामिल हैं।

हालांकि ईंधन और बिजली क्षेत्र में महंगाई अपेक्षाकृत नियंत्रित रही। जनवरी में ईंधन और बिजली महंगाई दर 4.01 प्रतिशत दर्ज की गई।

खुदरा महंगाई और भविष्य की नीतियाँ

महंगाई के इस बढ़ते दबाव के बीच, खुदरा महंगाई दर (CPI) भी जनवरी में बढ़कर 2.75 प्रतिशत पर पहुँच गई थी।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ब्याज दरों के निर्धारण के लिए खुदरा मुद्रास्फीति को आधार मानता है। चालू वित्त वर्ष 2025-26 में RBI ने कुल 1.25 प्रतिशत की कटौती करके रेपो दर घटाकर 5.5 प्रतिशत कर दी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि थोक महंगाई में यह उछाल भविष्य में मौद्रिक नीति और ब्याज दरों के रुख को प्रभावित कर सकता है। यदि महंगाई में लगातार वृद्धि होती रही, तो RBI को ब्याज दरों में बदलाव करने की आवश्यकता पड़ सकती है।

अर्थशास्त्रियों और विशेषज्ञों की राय

  • अर्थशास्त्री राकेश गुप्ता के अनुसार, “थोक महंगाई में यह वृद्धि उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों पर दबाव डाल सकती है। अगर उपभोक्ता महंगाई भी बढ़ी, तो अर्थव्यवस्था में खरीदारी और निवेश पर असर पड़ेगा।”
  • केंद्रीय बैंक नीतियों के विश्लेषक, प्रियांक मेहता कहते हैं कि “वर्तमान थोक महंगाई दर के आंकड़े यह संकेत देते हैं कि RBI मौद्रिक नीति में सतर्क रहेगा। इसके आधार पर ब्याज दरों में किसी तरह का उछाल संभव है।”

क्या इससे उपभोक्ताओं पर असर पड़ेगा?

विशेषज्ञों के अनुसार, थोक महंगाई सीधे तौर पर खरीदारी की कीमतों को प्रभावित नहीं करती, लेकिन खुदरा महंगाई पर इसका असर पड़ता है। यदि खाद्य और गैर-खाद्य वस्तुओं की थोक कीमतें लगातार बढ़ती हैं, तो आने वाले महीनों में उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतें बढ़ने की संभावना है।

साथ ही, केंद्र और RBI दोनों को सावधानीपूर्वक नीतियाँ बनानी होंगी, ताकि महंगाई को नियंत्रण में रखा जा सके और आर्थिक वृद्धि प्रभावित न हो।

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पीएम मोदी 28 मार्च को करेंगे नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन, सीएम योगी ने लिया तैयारियों का जायजा

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नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे

नोएडा में बने नए अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के उद्घाटन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को हवाई अड्डे का निरीक्षण किया और उद्घाटन समारोह की तैयारियों का जायजा लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस हवाई अड्डे का उद्घाटन 28 मार्च को करेंगे, जिससे नोएडा और आसपास के क्षेत्रों के लिए हवाई यातायात में नई गति आने की संभावना है।

जेवर स्थित हवाई अड्डे का दौरा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ से गाजियाबाद के हिंडन हवाई अड्डे पहुंचे और वहां से हेलीकॉप्टर के माध्यम से जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचे। लगभग डेढ़ घंटे तक चली बैठक में अधिकारियों ने उद्घाटन समारोह की रूपरेखा, सुरक्षा योजना, जनसभा के लिए संभावित संख्या, बैठने की व्यवस्था और अन्य तैयारियों की जानकारी दी।

सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियां

सीएम योगी ने हवाई अड्डे और जनसभा स्थल का निरीक्षण किया और सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इस दौरान उत्तर प्रदेश शासन के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार और विशेष सचिव ईशान प्रताप सिंह भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री के आगमन के दौरान सुरक्षा, साफ-सफाई, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, चिकित्सा सुविधा, अग्नि सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा।

पार्किंग और जनसभा व्यवस्थाओं पर ध्यान

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसभा स्थल पर पार्किंग व्यवस्था सुव्यवस्थित रूप से बनाई जाए। इसके अलावा, सभी आवश्यक व्यवस्थाओं का समुचित इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति

इस अवसर पर गौतमबुद्ध नगर के सांसद डॉक्टर महेश शर्मा, प्रभारी मंत्री कुंवर बृजेश सिंह, जेवर के विधायक धीरेंद्र सिंह, पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह, जिलाधिकारी मेघा रूपम, यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के CEO राकेश कुमार सिंह, नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा लिमिटेड के CEO क्रिस्टोफ श्रेलमैन और COO किरण जैन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के संचालन से न केवल प्रदेश बल्कि पूरे उत्तर भारत के लिए हवाई यात्रा और वाणिज्यिक अवसरों में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, हवाई अड्डे के शुरू होने से व्यापार, पर्यटन और रोजमर्रा की यातायात सुविधा में उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिलेगा।

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