आज का मौसम 15 जनवरी 2026: उत्तर भारत में फिर बढ़ेगी सर्दी, 6 राज्यों में बारिश का अलर्ट, बिहार में शीतलहर का खतरा

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Javed Haider Zaidi

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उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड, घना कोहरा और शीतलहर, IMD ने बारिश और बर्फबारी का अलर्ट जारी किया

आज का मौसम 15 जनवरी 2026: देश के बड़े हिस्से में सर्दी ने एक बार फिर अपना असर तेज कर दिया है। राजधानी दिल्ली-एनसीआर से लेकर उत्तर प्रदेश, बिहार और पहाड़ी राज्यों तक ठंड, कोहरा और शीतलहर लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर रही है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के ताज़ा अपडेट के अनुसार, 15 जनवरी से मौसम एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है, जहां एक ओर तापमान गिरेगा, वहीं कई राज्यों में बारिश और बर्फबारी की संभावना बढ़ेगी।

उत्तर भारत में ठंड और कोहरे का डबल अटैक

मौसम विभाग के मुताबिक, अगले कुछ दिनों तक हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा में शीतलहर जैसी स्थिति बनी रह सकती है। सुबह और देर रात घना से बहुत घना कोहरा छाने की आशंका है, जिससे विजिबिलिटी काफी कम हो सकती है। कुछ इलाकों में दृश्यता पहले ही बेहद कम दर्ज की जा चुकी है।

वेस्टर्न डिस्टर्बेंस बदलेगा मौसम का मिजाज

IMD के अनुसार, 15 जनवरी को एक नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय होने जा रहा है। इसके असर से 15 से 30 जनवरी के बीच उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में कई मजबूत सिस्टम पहुंच सकते हैं। इससे जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश के साथ-साथ भारी बर्फबारी की संभावना है। मैदानी इलाकों में ठंड और कोहरा और ज्यादा बढ़ सकता है।

पहाड़ों पर बर्फबारी का अलर्ट

तापमान कई जगहों पर रिकॉर्ड निचले स्तर तक पहुंच गया है। हरियाणा के हिसार में न्यूनतम तापमान 1.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सर्दी के मौसम का अब तक का सबसे कम स्तर माना जा रहा है। दिल्ली, चंडीगढ़ और आसपास के शहरों में भी पारा 4 से 6 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है।

6 राज्यों में बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने अगले 72 घंटों के लिए 6 राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी किया है।

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  • 16 से 20 जनवरी: जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में मध्यम से भारी बारिश और बर्फबारी
  • उत्तराखंड: अलग-अलग इलाकों में बारिश और बर्फबारी की संभावना
  • 18 से 20 जनवरी: पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में हल्की बारिश
  • 19-20 जनवरी: पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में बारिश के आसार

दिल्ली में आज कैसा रहेगा मौसम

दिल्ली में 15 जनवरी को ठंड बनी रहेगी। सुबह और रात के समय तापमान 4 से 5 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। 10 से 15 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ठंडी हवाएं चलने से ठिठुरन बढ़ेगी। IMD के मुताबिक 18 से 20 जनवरी के बीच दिल्ली में बारिश हो सकती है, जिससे तापमान में 2 से 3 डिग्री की और गिरावट संभव है।

बड़े शहरों का अनुमानित तापमान (15 जनवरी)

  • दिल्ली: 17°C / 6°C
  • मुंबई: 29°C / 23°C
  • कोलकाता: 22°C / 12°C
  • चेन्नई: 28°C / 22°C
  • लखनऊ: 17°C / 8°C
  • पटना: 16°C / 8°C
  • जयपुर: 22°C / 8°C
  • बेंगलुरु: 28°C / 18°C
  • मनाली: 2°C / -12°C

बिहार में शीतलहर का खतरा

बिहार में 15 जनवरी को भीषण ठंड का असर साफ नजर आएगा। मौसम विभाग ने पटना, सिवान, बक्सर, भोजपुर, सारण, पूर्वी-पश्चिमी चंपारण, पूर्णिया, किशनगंज, कटिहार, अररिया, खगड़िया, दरभंगा और मधुबनी सहित कई जिलों में शीतलहर और घने कोहरे की चेतावनी जारी की है। सुबह के समय लोगों को खास सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

यूपी में मौसम का हाल

उत्तर प्रदेश में दिन में मौसम साफ रह सकता है, लेकिन सुबह-शाम हल्का से मध्यम कोहरा देखने को मिलेगा। लखनऊ, बाराबंकी, कानपुर और आसपास के इलाकों में ठंड का असर बना रहेगा। पश्चिमी यूपी में 18-19 जनवरी को हल्की बारिश के संकेत हैं, जबकि कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

उत्तराखंड में कोहरा और पाला

उत्तराखंड के मैदानी जिलों में घने से बहुत घने कोहरे का अलर्ट है। हरिद्वार और उधम सिंह नगर में विजिबिलिटी कम रह सकती है। वहीं पर्वतीय क्षेत्रों में पाला पड़ने से जनजीवन प्रभावित हो रहा है।

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8वें वेतन आयोग पर बड़ा अपडेट: राज्यसभा में वित्त मंत्रालय ने दी जानकारी, कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन में होगी समीक्षा

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"8वें वेतन आयोग 2026 अपडेट: केंद्र सरकार ने राज्यसभा को जानकारी दी, कर्मचारियों और पेंशनर्स के वेतन, भत्ते और पेंशन की समीक्षा की जाएगी, बैंक कर्मचारियों पर लागू नहीं।"

8वें वेतन आयोग पर बड़ा अपडेट: देश के केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर लंबी प्रतीक्षा के बाद बड़ा अपडेट सामने आया है। केंद्र सरकार ने राज्यसभा में पूछे गए सवालों का लिखित जवाब देते हुए जानकारी दी कि 8वें वेतन आयोग का औपचारिक गठन पिछले साल 3 नवंबर, 2025 को कर दिया गया था। यह आयोग केंद्र सरकार के लिए काम करने वाले कर्मचारियों और रिटायर पेंशनर्स के वेतन, भत्तों, पेंशन संरचना और सेवा की शर्तों की समीक्षा करेगा।

8वें वेतन आयोग का गठन और कार्यकाल

केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री Pankaj Chaudhary (पंकज चौधरी) ने राज्यसभा में बताया कि 8वें वेतन आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। इसका मतलब यह हुआ कि आयोग अपनी सिफारिशें साल 2027 तक केंद्र सरकार को सौंपेगा। आयोग की रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि सरकारी कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन में कितनी बढ़ोतरी होगी और इसका सरकार पर कितना वित्तीय बोझ पड़ेगा।

सरकार ने इस बारे में साफ कहा कि फिलहाल इस वित्तीय बोझ का कोई अनुमान लगाना संभव नहीं है। वास्तविक स्थिति आयोग की सिफारिशों के आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।

आयोग किन मुद्दों की करेगा समीक्षा

वित्त मंत्रालय ने राज्यसभा को बताया कि आयोग निम्नलिखित क्षेत्रों की समीक्षा करेगा:

  1. कर्मचारियों के वेतन और भत्ते: केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में कार्यरत कर्मचारियों की वर्तमान सैलरी संरचना और भत्तों की समीक्षा की जाएगी।
  2. पेंशन और रिटायरमेंट बेनिफिट्स: केंद्र सरकार से रिटायर हुए कर्मचारियों की पेंशन और संबंधित भत्तों में संभावित वृद्धि पर सुझाव दिए जाएंगे।
  3. सेवा की शर्तें: सरकारी कर्मचारियों की सेवा की शर्तों, प्रमोशन नीति और अन्य नियमों की समीक्षा भी आयोग करेगा।

इस समीक्षा के जरिए आयोग यह सुनिश्चित करेगा कि सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के वेतन और भत्ते आधुनिक जरूरतों और महंगाई के अनुसार उपयुक्त हों।

कौन लाभान्वित होंगे और कौन नहीं

8वें वेतन आयोग लागू होने पर केंद्रीय सरकार के विभिन्न विभागों में कार्यरत सभी कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। आयोग की सिफारिशों के बाद कर्मचारियों की सैलरी बढ़ सकती है और रिटायर पेंशनर्स की पेंशन में भी वृद्धि की संभावना है।

हालांकि, बैंक कर्मचारियों पर यह वेतन आयोग लागू नहीं होगा। सरकारी बैंक कर्मचारियों का वेतन भारतीय बैंक संघ (IBA) के समझौतों के तहत तय किया जाता है। इसलिए बैंक कर्मचारी इस वेतन आयोग के दायरे में शामिल नहीं होंगे।

राज्यसभा में उठे सवाल और सरकार का जवाब

राज्यसभा में सांसदों ने सरकार से यह सवाल किया था कि 8वें वेतन आयोग किन मुद्दों पर काम करेगा और इसकी सिफारिशें कब तक लागू हो सकती हैं। वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि आयोग न केवल वर्तमान कर्मचारियों के वेतन और भत्तों का मूल्यांकन करेगा, बल्कि रिटायर्ड कर्मचारियों की पेंशन और सेवा से जुड़े अन्य लाभों पर भी सुझाव देगा।

सरकार ने यह भी कहा कि आयोग अपनी रिपोर्ट तय समयसीमा के भीतर सौंपेगा और इसके बाद ही आयोग की सिफारिशों को लागू किया जाएगा। इससे स्पष्ट होता है कि कर्मचारियों को बढ़ी हुई सैलरी और भत्तों के लिए अभी कुछ और समय इंतजार करना होगा।

आयोग लागू होने के बाद संभावित वित्तीय असर

सरकार ने कहा कि 8वें वेतन आयोग लागू होने के बाद वित्तीय बोझ का सटीक आकलन आयोग की सिफारिशें आने के बाद ही संभव होगा। हालांकि विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि आयोग कर्मचारियों के वेतन और भत्तों में पर्याप्त वृद्धि की सिफारिश करता है, तो सरकार पर वित्तीय दबाव बढ़ सकता है।

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