Holi Kyu Manate Hain: रंगों का ये पर्व सिर्फ उत्सव नहीं, प्रेम और आस्था की सदियों पुरानी परंपरा है

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Javed Haider Zaidi

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रंगों की होली खेलते हुए राधा और श्री कृष्ण का पारंपरिक चित्रण, साथ में होलिका दहन की अग्नि का प्रतीकात्मक दृश्य।

Holi Kyu Manate Hain: क्यों मनाया जाता है रंगों का यह पावन पर्व?

फाल्गुन माह की पूर्णिमा का दिन भारतीय संस्कृति में विशेष महत्व रखता है। इसी दिन होलिका दहन किया जाता है और उसके अगले दिन पूरे देश में रंगों की होली खेली जाती है। होलिका दहन की कथा भक्त प्रह्लाद और हिरण्यकश्यप से जुड़ी है, लेकिन रंगों वाली होली की शुरुआत कैसे हुई, यह सवाल अक्सर लोगों के मन में उठता है।

धार्मिक मान्यताओं और पौराणिक कथाओं के अनुसार, होली का संबंध प्रेम, भक्ति और सामाजिक समरसता से है। यह केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि रिश्तों को मजबूत करने और मन के द्वेष को मिटाने का अवसर भी है।

रंगों की होली और राधा-कृष्ण की कथा

पौराणिक कथाओं के अनुसार, सबसे पहले रंगों से होली खेलने की परंपरा भगवान श्री कृष्ण ने शुरू की थी। कहा जाता है कि श्रीकृष्ण सांवले रंग के थे, जबकि राधा रानी अत्यंत गोरी और सुंदर थीं। बाल्यकाल में श्रीकृष्ण अक्सर अपनी माता यशोदा से यह प्रश्न करते थे कि उनका रंग सांवला क्यों है और राधा का रंग इतना गोरा क्यों।

एक दिन माता यशोदा ने मुस्कुराते हुए कहा कि यदि तुम्हें अपना रंग अलग लगता है, तो तुम राधा के चेहरे पर रंग लगा दो। यह बात बालक कृष्ण के मन को भा गई। इसके बाद वे अपने सखा-संगियों के साथ बरसाना पहुंचे और राधा व उनकी सखियों के साथ रंगों की होली खेली।

मान्यता है कि उसी दिन से रंगों से होली खेलने की परंपरा शुरू हुई। द्वापर युग से चली आ रही यह परंपरा आज भी ब्रज क्षेत्र में विशेष उत्साह के साथ निभाई जाती है। मथुरा और बरसाना की लठमार होली इसी ऐतिहासिक परंपरा की झलक मानी जाती है।

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होलिका दहन और भक्त प्रह्लाद की कथा

होली से एक दिन पहले होलिका दहन किया जाता है। यह कथा असुर राजा हिरण्यकश्यप और उसके पुत्र प्रह्लाद से जुड़ी है। प्रह्लाद भगवान विष्णु के परम भक्त थे, जबकि उनके पिता स्वयं को ही ईश्वर मानते थे और विष्णु भक्ति का विरोध करते थे।

हिरण्यकश्यप ने कई बार प्रह्लाद को भक्ति से रोकने की कोशिश की, लेकिन जब वह असफल रहा तो उसने अपनी बहन होलिका के साथ षड्यंत्र रचा। होलिका को वरदान प्राप्त था कि वह अग्नि में नहीं जलेगी। वह प्रह्लाद को गोद में लेकर अग्नि में बैठ गई, लेकिन भगवान विष्णु की कृपा से वह वरदान निष्फल हो गया और होलिका जल गई, जबकि प्रह्लाद सुरक्षित बच गए।

तभी से होलिका दहन को बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक माना जाता है।

सिर्फ उत्सव नहीं, एक सामाजिक संदेश

होली का पर्व हमें यह सिखाता है कि जीवन में प्रेम, भक्ति और सत्य की हमेशा जीत होती है। रंगों की होली समाज में समानता और भाईचारे का संदेश देती है। इस दिन लोग पुरानी रंजिशें भूलकर एक-दूसरे को गले लगाते हैं और नए सिरे से रिश्तों की शुरुआत करते हैं।

इस प्रकार होली केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की गहराई और भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक है। यही कारण है कि सदियों से यह त्योहार पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता रहा है और आने वाली पीढ़ियों तक इसकी परंपरा निरंतर चलती रहेगी।

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पीएम मोदी 28 मार्च को करेंगे नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन, सीएम योगी ने लिया तैयारियों का जायजा

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नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे

नोएडा में बने नए अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के उद्घाटन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को हवाई अड्डे का निरीक्षण किया और उद्घाटन समारोह की तैयारियों का जायजा लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस हवाई अड्डे का उद्घाटन 28 मार्च को करेंगे, जिससे नोएडा और आसपास के क्षेत्रों के लिए हवाई यातायात में नई गति आने की संभावना है।

जेवर स्थित हवाई अड्डे का दौरा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ से गाजियाबाद के हिंडन हवाई अड्डे पहुंचे और वहां से हेलीकॉप्टर के माध्यम से जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचे। लगभग डेढ़ घंटे तक चली बैठक में अधिकारियों ने उद्घाटन समारोह की रूपरेखा, सुरक्षा योजना, जनसभा के लिए संभावित संख्या, बैठने की व्यवस्था और अन्य तैयारियों की जानकारी दी।

सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियां

सीएम योगी ने हवाई अड्डे और जनसभा स्थल का निरीक्षण किया और सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इस दौरान उत्तर प्रदेश शासन के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार और विशेष सचिव ईशान प्रताप सिंह भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री के आगमन के दौरान सुरक्षा, साफ-सफाई, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, चिकित्सा सुविधा, अग्नि सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा।

पार्किंग और जनसभा व्यवस्थाओं पर ध्यान

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसभा स्थल पर पार्किंग व्यवस्था सुव्यवस्थित रूप से बनाई जाए। इसके अलावा, सभी आवश्यक व्यवस्थाओं का समुचित इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति

इस अवसर पर गौतमबुद्ध नगर के सांसद डॉक्टर महेश शर्मा, प्रभारी मंत्री कुंवर बृजेश सिंह, जेवर के विधायक धीरेंद्र सिंह, पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह, जिलाधिकारी मेघा रूपम, यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के CEO राकेश कुमार सिंह, नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा लिमिटेड के CEO क्रिस्टोफ श्रेलमैन और COO किरण जैन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के संचालन से न केवल प्रदेश बल्कि पूरे उत्तर भारत के लिए हवाई यात्रा और वाणिज्यिक अवसरों में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, हवाई अड्डे के शुरू होने से व्यापार, पर्यटन और रोजमर्रा की यातायात सुविधा में उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिलेगा।

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