दोस्त बने थे दुश्मन: विधानसभा में दिखा अजब नजारा, सुबह हुआ स्वागत और दोपहर में आया अविश्वास प्रस्ताव; 2 घंटे की चर्चा में छिड़ा शब्दों का बाण।
चंडीगढ़: हरियाणा की राजनीति में शुक्रवार का दिन किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं रहा। कल तक जिस सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच ‘दोस्ताना’ माहौल दिख रहा था, आज वहां अविश्वास की गहरी खाई नजर आई। कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया गया, जिसे विधानसभा स्पीकर हरविंदर कल्याण ने मंजूर कर लिया है।
“हुड्डा साहब, चश्मा साफ करके देखा पर आपके साइन नहीं मिले!”
सदन की कार्यवाही के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विपक्ष पर जबरदस्त पलटवार किया। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि कल उन्होंने बड़े दिल से भूपेंद्र सिंह हुड्डा का स्वागत किया था, लेकिन कुछ ही घंटों में विपक्ष अविश्वास प्रस्ताव ले आया। सैनी ने तंज कसते हुए कहा, “मैंने प्रस्ताव की कॉपी मंगवाई, चश्मा साफ करके दो बार देखा, लेकिन उस पर नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा के हस्ताक्षर ही गायब थे। ऐसा लगता है या तो हुड्डा साहब खुद को नेता नहीं मान रहे या पार्टी में कुछ और ही चल रहा है।”
कांग्रेस का पलटवार: “ये सरकार जनता का भरोसा खो चुकी है”
वहीं, कांग्रेस की ओर से मोर्चा संभालते हुए भूपेंद्र सिंह हुड्डा और अन्य विधायकों ने सरकार पर ‘वोट चोरी’ का गंभीर आरोप लगाया। हुड्डा ने कहा कि यह सरकार अनैतिक तरीके से बनी है और इसे सत्ता में रहने का कोई हक नहीं है। कांग्रेस ने बेरोजगारी, कानून व्यवस्था और किसानों के मुद्दों पर सरकार को घेरते हुए कहा कि यह अविश्वास प्रस्ताव सिर्फ सदन का नहीं, बल्कि हरियाणा की जनता की आवाज है।
सदन का गणित: क्या सुरक्षित है सैनी सरकार?
90 सदस्यों वाली हरियाणा विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 46 है। वर्तमान में स्थिति कुछ इस प्रकार है:
- BJP: 48 विधायक
- Congress: 37 विधायक
- अन्य: 5 विधायक
आंकड़ों के लिहाज से नायब सिंह सैनी की सरकार सुरक्षित दिख रही है, लेकिन कांग्रेस का लक्ष्य इस प्रस्ताव के जरिए सरकार की ‘कमियों’ को जनता के सामने बेनकाब करना है। स्पीकर ने इस पूरी चर्चा के लिए 2 घंटे का समय तय किया है।