सगाई से पहले प्रेमिका का फोन और खुला 6 साल के रिश्ते का राज, गोरखपुर में मंगेतर फरार होने से टूटा रिश्ता

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Javed Haider Zaidi

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सगाई समारोह के दौरान मैरिज हॉल में तनावपूर्ण माहौल, दुल्हन चिंतित मुद्रा में खड़ी है जबकि एक युवती मोबाइल पर बात कर रही है और पीछे पुलिस व परिजन बहस करते नजर आ रहे हैं।

गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में एक सगाई समारोह उस समय विवाद में बदल गया, जब कार्यक्रम शुरू होने से ठीक पहले दूल्हे की कथित प्रेमिका का फोन आ गया। एक फोन कॉल ने न सिर्फ रिश्ते की नींव हिला दी, बल्कि दोनों परिवारों के बीच तीखी बहस और हंगामे की स्थिति भी पैदा कर दी। अंततः मामला पुलिस तक पहुंचा और सगाई रद्द कर दी गई।

जानकारी के मुताबिक, यह घटना गोरखपुर के पीपीगंज नगर स्थित एक मैरिज हाल की है। यहां गुलरिहा थाना क्षेत्र के एक गांव की युवती की सगाई खजनी थाना क्षेत्र के सियर टोला निवासी सौरभ चौहान से तय थी। सौरभ चौहान डाक विभाग की गोरखपुर रेल मेल सेवा में कार्यरत बताया जा रहा है। दोनों परिवारों के बीच कई महीनों से शादी की तैयारियां चल रही थीं और सगाई समारोह की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं।

बताया जा रहा है कि समारोह स्थल पर लड़की पक्ष के लोग समय पर पहुंच गए थे, लेकिन लड़का मौके पर मौजूद नहीं था। जब लड़की के भाई ने सौरभ के मोबाइल नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की, तो फोन एक युवती ने उठाया। उसने खुद को सौरभ की प्रेमिका बताते हुए दावा किया कि दोनों के बीच पिछले छह वर्षों से संबंध हैं। इतना ही नहीं, युवती ने फोन पर यह भी आरोप लगाया कि इस दौरान वह गर्भवती भी हुई थी और उसका गर्भपात कराया गया।

इस खुलासे के बाद समारोह स्थल पर माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। लड़की पक्ष के लोग आक्रोशित हो उठे और लड़के के परिवार से जवाब मांगने लगे। दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई, जिससे स्थिति बिगड़ती चली गई। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों में भी अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने दोनों पक्षों को शांत कराया और थाने ले जाकर बातचीत कराई। पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक स्तर पर मामला आपसी सहमति से सुलझा लिया गया और किसी भी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई। सगाई को वहीं रद्द कर दिया गया।

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इस घटना ने एक बार फिर विवाह से पहले पारदर्शिता और आपसी विश्वास की अहमियत पर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिवारों द्वारा तय रिश्तों में यदि अतीत से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें छुपाई जाती हैं, तो ऐसे हालात उत्पन्न हो सकते हैं, जो न केवल दो परिवारों के बीच संबंधों को प्रभावित करते हैं, बल्कि सामाजिक स्तर पर भी असहज स्थिति पैदा कर देते हैं।

स्थानीय लोगों के बीच यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी पक्ष की ओर से औपचारिक शिकायत मिलती है, तो कानून के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।

गोरखपुर की इस घटना ने यह साफ कर दिया है कि विवाह जैसे महत्वपूर्ण फैसले में पारदर्शिता और ईमानदारी सबसे बड़ी आवश्यकता है, क्योंकि एक छुपी हुई सच्चाई कई जिंदगियों को प्रभावित कर सकती है।

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PPF निवेशकों के लिए अहम खबर: अप्रैल में इस तारीख को भूलना पड़ सकता है महंगा

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"PPF निवेश करने वाले निवेशकों के लिए अप्रैल में जरूरी तारीख की जानकारी, सही समय पर जमा करने पर ज्यादा ब्याज, देर से निवेश करने पर नुकसान, PPF की ब्याज दर और फायदे, सुरक्षित लंबी अवधि की निवेश योजना, 1 से 5 तारीख के बीच निवेश करने के लाभ।"

अगर आप सुरक्षित और लंबे समय के निवेश की सोच रहे हैं, तो पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) आपके लिए सबसे भरोसेमंद विकल्पों में से एक है। यह सरकारी योजना न सिर्फ आपका पैसा सुरक्षित रखती है, बल्कि समय के साथ अच्छा रिटर्न भी देती है। लेकिन PPF में निवेश करते समय एक छोटी-सी तारीख की अनदेखी आपको सालभर के ब्याज में नुकसान पहुँचा सकती है। खासतौर पर अप्रैल महीने में यह बहुत अहम है।

PPF में निवेश का सही समय क्यों है जरूरी?

PPF में ब्याज की गणना हर महीने 5 तारीख से लेकर महीने के आखिरी दिन के बीच के न्यूनतम बैलेंस के आधार पर होती है। इसका मतलब साफ है:

  • अगर आप 1 से 5 अप्रैल के बीच निवेश करते हैं, तो आपको उस महीने का पूरा ब्याज मिलेगा।
  • लेकिन अगर आप 5 अप्रैल के बाद पैसा जमा करते हैं, तो ब्याज केवल अगले महीने से जुड़ना शुरू होगा।

यानी सिर्फ कुछ दिनों की देरी भी आपके सालभर के रिटर्न को कम कर सकती है।

देरी से निवेश करने पर कितना नुकसान हो सकता है?

आइए इसे एक उदाहरण से समझते हैं।

मान लीजिए आपने PPF अकाउंट में 1.5 लाख रुपये जमा किए।

  • अगर राशि 1 से 5 तारीख के बीच जमा होती है, तो सालाना ब्याज लगभग ₹10,650 होगा।
  • वहीं, अगर आप 5 तारीख के बाद निवेश करते हैं, तो सालाना ब्याज घटकर लगभग ₹9,763 रह जाता है।

यानी केवल एक दिन की देरी से लगभग ₹887 का नुकसान हो सकता है।

यह नुकसान छोटा लग सकता है, लेकिन PPF लंबी अवधि की योजना है, इसलिए समय पर निवेश करने से लंबे समय में काफी बड़ा फर्क पड़ता है।

PPF योजना के फायदे और खासियतें

PPF योजना को खासतौर पर सुरक्षित निवेश की तलाश करने वाले लोग पसंद करते हैं। इसकी कुछ मुख्य खूबियां हैं:

  • लंबी अवधि का निवेश: 15 साल
  • न्यूनतम निवेश राशि: ₹500
  • अधिकतम निवेश राशि: ₹1.5 लाख सालाना
  • ब्याज दर: करीब 7.1% (वर्तमान में)
  • टैक्स लाभ: धारा 80C के तहत पूरी तरह टैक्स-फ्री

यह योजना उन निवेशकों के लिए आदर्श है, जो बिना जोखिम लिए लंबे समय में अच्छा फंड बनाना चाहते हैं।

निवेश करते समय ध्यान रखने योग्य बातें

  1. कोशिश करें कि 1 से 5 तारीख के बीच ही पैसा जमा करें।
  2. अगर पूरे साल की एकमुश्त राशि जमा करना संभव नहीं है, तो हर महीने की शुरुआत में निवेश करें।
  3. PPF को लंबी अवधि की योजना मानकर ही निवेश करें।
  4. समय पर निवेश करने से आपके सालभर के ब्याज में बढ़ोतरी होगी।
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