Gold–Silver Prices Today: 10 जनवरी 2026 को सोने-चांदी के दाम क्या हैं, आगे बढ़ेंगे या घटेंगे? जानें ताजा हाल

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Javed Haider Zaidi

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सोने और चांदी के आभूषण, सिक्के और चांदी की ईंटें एक साथ सजी हुई, सर्राफा बाजार में बढ़ती कीमती धातुओं की कीमतों का प्रतीक।

Gold–Silver Prices Today: घरेलू सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। बीते कुछ कारोबारी सत्रों में गिरावट के बाद शुक्रवार को दोनों कीमती धातुओं में एक बार फिर तेज उछाल दर्ज किया गया। इसका असर शनिवार, 10 जनवरी 2026 को भी बाजार में साफ नजर आ रहा है। सोना जहां अपने ऑल-टाइम हाई के करीब कारोबार कर रहा है, वहीं चांदी की कीमतें रिकॉर्ड स्तर के आसपास बनी हुई हैं। ऐसे में निवेशकों के साथ-साथ शादी-विवाह के लिए गहने खरीदने वालों की चिंता भी बढ़ गई है।

आज 10 जनवरी को सोने का ताजा भाव

स्थानीय सर्राफा बाजार में शनिवार को सोने के दाम ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं।

  • 24 कैरेट सोना: करीब 1,39,320 रुपये प्रति 10 ग्राम
  • 22 कैरेट सोना: करीब 1,27,710 रुपये प्रति 10 ग्राम

लगातार बढ़ती कीमतों के कारण सोना आम खरीदारों की पहुंच से दूर होता नजर आ रहा है। बीते कुछ हफ्तों में सोने के भाव में आई तेजी ने बाजार की धारणा को पूरी तरह बदल दिया है।

चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल

चांदी की बात करें तो इसमें भी जोरदार तेजी देखने को मिल रही है।

  • स्थानीय सर्राफा बाजार में चांदी का भाव: करीब 2,48,900 रुपये प्रति किलो

शादी-ब्याह के सीजन में चांदी की कीमतों में यह उछाल गहने और चांदी के बर्तन खरीदने वालों के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

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IBJA के आंकड़े क्या कहते हैं?

इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक शुक्रवार को सोने-चांदी की कीमतों में बड़ा उछाल दर्ज किया गया।

  • 24 कैरेट सोना 1,349 रुपये बढ़कर 1,37,122 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, जबकि एक दिन पहले इसका भाव 1,35,773 रुपये था।
  • सोने का ऑल-टाइम हाई 26 दिसंबर 2025 को 1,37,956 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया था।
  • 22 कैरेट सोना बढ़कर 1,25,604 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया।
  • 18 कैरेट सोना 1,01,830 रुपये से बढ़कर 1,02,842 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गया।

चांदी की कीमत में भी तेज उछाल देखने को मिला।

  • चांदी 6,982 रुपये की तेजी के साथ 2,42,808 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई, जो पहले 2,35,826 रुपये थी।

MCX और अंतरराष्ट्रीय बाजार का हाल

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर भी सोने और चांदी में मजबूती देखने को मिली है।

  • सोना (05 फरवरी 2026 कॉन्ट्रैक्ट): 0.48 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,38,398 रुपये प्रति 10 ग्राम
  • चांदी (05 मार्च 2026 कॉन्ट्रैक्ट): 2.19 प्रतिशत की तेजी के साथ 2,48,657 रुपये प्रति किलो

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कीमती धातुएं मजबूती के साथ कारोबार कर रही हैं।

  • सोना (COMEX): 0.80 प्रतिशत बढ़कर 4,495 डॉलर प्रति औंस
  • चांदी (COMEX): 4.05 प्रतिशत की तेजी के साथ 78.313 डॉलर प्रति औंस

आगे कैसी रह सकती है सोने-चांदी की चाल?

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक सोने-चांदी में तेजी के पीछे वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, डॉलर की चाल और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिल रहे संकेत अहम भूमिका निभा रहे हैं।
एलकेपी सिक्योरिटीज के कमोडिटी एक्सपर्ट जतिन त्रिवेदी के अनुसार, हालिया कमजोरी के बाद सोने में फिर से मजबूती देखने को मिली है।

  • कॉमेक्स पर सोने का सपोर्ट लेवल करीब 4,450 डॉलर प्रति औंस
  • रेजिस्टेंस लेवल करीब 4,475 डॉलर प्रति औंस

घरेलू बाजार में आने वाले दिनों में सोना 1,36,500 से 1,39,000 रुपये प्रति 10 ग्राम की रेंज में रह सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि आगे की दिशा वैश्विक आर्थिक आंकड़ों और अंतरराष्ट्रीय संकेतों पर निर्भर करेगी।

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PPF निवेशकों के लिए अहम खबर: अप्रैल में इस तारीख को भूलना पड़ सकता है महंगा

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Javed Haider Zaidi

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"PPF निवेश करने वाले निवेशकों के लिए अप्रैल में जरूरी तारीख की जानकारी, सही समय पर जमा करने पर ज्यादा ब्याज, देर से निवेश करने पर नुकसान, PPF की ब्याज दर और फायदे, सुरक्षित लंबी अवधि की निवेश योजना, 1 से 5 तारीख के बीच निवेश करने के लाभ।"

अगर आप सुरक्षित और लंबे समय के निवेश की सोच रहे हैं, तो पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) आपके लिए सबसे भरोसेमंद विकल्पों में से एक है। यह सरकारी योजना न सिर्फ आपका पैसा सुरक्षित रखती है, बल्कि समय के साथ अच्छा रिटर्न भी देती है। लेकिन PPF में निवेश करते समय एक छोटी-सी तारीख की अनदेखी आपको सालभर के ब्याज में नुकसान पहुँचा सकती है। खासतौर पर अप्रैल महीने में यह बहुत अहम है।

PPF में निवेश का सही समय क्यों है जरूरी?

PPF में ब्याज की गणना हर महीने 5 तारीख से लेकर महीने के आखिरी दिन के बीच के न्यूनतम बैलेंस के आधार पर होती है। इसका मतलब साफ है:

  • अगर आप 1 से 5 अप्रैल के बीच निवेश करते हैं, तो आपको उस महीने का पूरा ब्याज मिलेगा।
  • लेकिन अगर आप 5 अप्रैल के बाद पैसा जमा करते हैं, तो ब्याज केवल अगले महीने से जुड़ना शुरू होगा।

यानी सिर्फ कुछ दिनों की देरी भी आपके सालभर के रिटर्न को कम कर सकती है।

देरी से निवेश करने पर कितना नुकसान हो सकता है?

आइए इसे एक उदाहरण से समझते हैं।

मान लीजिए आपने PPF अकाउंट में 1.5 लाख रुपये जमा किए।

  • अगर राशि 1 से 5 तारीख के बीच जमा होती है, तो सालाना ब्याज लगभग ₹10,650 होगा।
  • वहीं, अगर आप 5 तारीख के बाद निवेश करते हैं, तो सालाना ब्याज घटकर लगभग ₹9,763 रह जाता है।

यानी केवल एक दिन की देरी से लगभग ₹887 का नुकसान हो सकता है।

यह नुकसान छोटा लग सकता है, लेकिन PPF लंबी अवधि की योजना है, इसलिए समय पर निवेश करने से लंबे समय में काफी बड़ा फर्क पड़ता है।

PPF योजना के फायदे और खासियतें

PPF योजना को खासतौर पर सुरक्षित निवेश की तलाश करने वाले लोग पसंद करते हैं। इसकी कुछ मुख्य खूबियां हैं:

  • लंबी अवधि का निवेश: 15 साल
  • न्यूनतम निवेश राशि: ₹500
  • अधिकतम निवेश राशि: ₹1.5 लाख सालाना
  • ब्याज दर: करीब 7.1% (वर्तमान में)
  • टैक्स लाभ: धारा 80C के तहत पूरी तरह टैक्स-फ्री

यह योजना उन निवेशकों के लिए आदर्श है, जो बिना जोखिम लिए लंबे समय में अच्छा फंड बनाना चाहते हैं।

निवेश करते समय ध्यान रखने योग्य बातें

  1. कोशिश करें कि 1 से 5 तारीख के बीच ही पैसा जमा करें।
  2. अगर पूरे साल की एकमुश्त राशि जमा करना संभव नहीं है, तो हर महीने की शुरुआत में निवेश करें।
  3. PPF को लंबी अवधि की योजना मानकर ही निवेश करें।
  4. समय पर निवेश करने से आपके सालभर के ब्याज में बढ़ोतरी होगी।
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