अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और मध्य पूर्व में जारी संघर्ष का असर अब कीमती धातुओं के बाजार पर भी साफ दिखाई दे रहा है। वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच सोना अभी भी निवेशकों के लिए सुरक्षित विकल्प बना हुआ है, हालांकि सोमवार को घरेलू वायदा बाजार में सोने और चांदी दोनों की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई।
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक संकेतों, डॉलर की मजबूती और कच्चे तेल की कीमतों के कारण सोने-चांदी के भाव में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। ऐसे में निवेशकों और खरीदारों को बाजार की चाल पर लगातार नजर रखने की जरूरत है।
एमसीएक्स पर सोने और चांदी के वायदा भाव में गिरावट
सोमवार सुबह मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) में सोने और चांदी के वायदा भाव में गिरावट देखने को मिली।
सुबह लगभग 09:55 बजे 2 अप्रैल की डिलीवरी वाले सोने के अनुबंध की कीमत पिछले सत्र के मुकाबले करीब 0.80 प्रतिशत गिरकर 1,60,347 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई।
वहीं, 5 मई की डिलीवरी वाले चांदी के अनुबंध में भी कमजोरी दिखाई दी। चांदी की कीमत में करीब 1.65 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 2,63,852 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती नजर आई।
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक डॉलर की मजबूती और ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता की वजह से फिलहाल कीमती धातुओं पर दबाव बना हुआ है।
महानगरों में आज का सोने का ताजा हाजिर भाव
9 मार्च 2026 को देश के प्रमुख शहरों में सोने के हाजिर भाव में हल्का अंतर देखने को मिला। 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने की कीमतें इस प्रकार हैं:
दिल्ली
24 कैरेट: ₹16,183 प्रति ग्राम
22 कैरेट: ₹14,835 प्रति ग्राम
18 कैरेट: ₹12,141 प्रति ग्राम
मुंबई
24 कैरेट: ₹16,168 प्रति ग्राम
22 कैरेट: ₹14,820 प्रति ग्राम
18 कैरेट: ₹12,126 प्रति ग्राम
कोलकाता
24 कैरेट: ₹16,363 प्रति ग्राम
22 कैरेट: ₹14,820 प्रति ग्राम
18 कैरेट: ₹12,126 प्रति ग्राम
चेन्नई
24 कैरेट: ₹16,309 प्रति ग्राम
22 कैरेट: ₹14,950 प्रति ग्राम
18 कैरेट: ₹13,000 प्रति ग्राम
बेंगलुरु
24 कैरेट: ₹16,168 प्रति ग्राम
22 कैरेट: ₹14,820 प्रति ग्राम
18 कैरेट: ₹12,126 प्रति ग्राम
वैश्विक बाजार में सोने पर दबाव
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोमवार को सोने की कीमतों में कमजोरी देखने को मिली। सोने का भाव प्रति औंस 5,100 डॉलर के स्तर के नीचे फिसल गया। इसके पीछे अमेरिकी डॉलर की मजबूती और फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों में कमी को मुख्य कारण माना जा रहा है।
हालांकि मध्य पूर्व में जारी युद्ध की स्थिति ने वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ा दी है। इसी बीच कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गई हैं, जो साल 2022 के बाद पहली बार देखने को मिला है। इससे वैश्विक महंगाई बढ़ने की चिंता भी तेज हो गई है।
खरीदारी से पहले इन बातों का रखें ध्यान
सोना खरीदने की योजना बना रहे लोगों को यह ध्यान रखना चाहिए कि बाजार में कीमतें दिनभर बदल सकती हैं। डॉलर-रुपये की विनिमय दर, अंतरराष्ट्रीय बाजार के संकेत और स्थानीय मांग जैसे कई कारक सोने-चांदी की कीमतों को प्रभावित करते हैं।
इसलिए आभूषण खरीदने या निवेश करने से पहले अपने शहर के स्थानीय ज्वेलर या विश्वसनीय स्रोत से ताजा कीमत की पुष्टि जरूर कर लें।