Gold Price Today 26 जनवरी 2026: रिपब्लिक डे पर सोने की चमक में नरमी, दिल्ली-लखनऊ-मुंबई समेत शहरों का ताजा भाव

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Javed Haider Zaidi

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Gold and Silver prices in India on 26 January 2026 showing 24, 22, 18 carat gold rates in Delhi, Mumbai, Lucknow, Chennai, Kolkata, Bangalore and Hyderabad with silver price per kg.

Gold Price Today 26 जनवरी 2026: India Republic Day 2026 के मौके पर सोने-चांदी के बाजार में हल्की नरमी देखने को मिली है। पिछले कुछ हफ्तों में लगातार रिकॉर्ड तोड़ रही कीमतों के बाद सोमवार को निवेशकों और खरीदारों के लिए थोड़ी राहत रही। दिल्ली, मुंबई, लखनऊ और अन्य बड़े शहरों में 24, 22 और 18 कैरेट सोने के भाव में मामूली गिरावट दर्ज की गई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह नरमी मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की चाल और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के कारण आई है।

सोने-चांदी के आज के भाव

नीचे भारत के बड़े शहरों में सोने-चांदी का ताजा भाव चार्ट में दिया गया है:

शहर24 कैरेट सोना (₹/10 ग्राम)22 कैरेट सोना (₹/10 ग्राम)18 कैरेट सोना (₹/10 ग्राम)चांदी (₹/किलो)
दिल्ली1,60,0401,47,0401,20,3303,34,900
मुंबई1,60,2501,46,8901,20,1803,35,000
कोलकाता1,60,2501,46,8901,20,1803,34,800
बेंगलुरु1,60,2501,46,8901,20,1803,34,900
हैदराबाद1,60,2501,46,8901,20,1803,34,850
चेन्नई1,59,4801,47,4901,22,9903,34,700
लखनऊ1,60,0401,47,0401,20,3303,34,900

चार्ट में दी गई कीमतें आज सुबह के रेट पर आधारित हैं और दिनभर अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति और डॉलर की चाल के अनुसार बदल सकती हैं।

सोने-चांदी के दाम कैसे तय होते हैं?

सोने और चांदी की कीमतें कई घरेलू और वैश्विक कारणों से निर्धारित होती हैं:

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  1. अंतरराष्ट्रीय बाजार: सोना और चांदी अमेरिका के डॉलर में कारोबार होते हैं। डॉलर की मजबूती या कमजोरी का असर सीधे भारतीय बाजार में देखने को मिलता है।
  2. रुपया-डॉलर विनिमय दर: रुपये कमजोर होने पर कीमतें बढ़ती हैं, मजबूत होने पर घटती हैं।
  3. आयात और कराधान: भारत में सोने का बड़ा हिस्सा आयातित होता है। इसलिए इंपोर्ट ड्यूटी, जीएसटी और अन्य टैक्स कीमत तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं।
  4. वैश्विक आर्थिक संकेत: युद्ध, भू-राजनीतिक तनाव, आर्थिक मंदी या ब्याज दरों में बदलाव निवेशकों की सुरक्षित संपत्ति की मांग को प्रभावित करता है।

सोने-चांदी का सांस्कृतिक और निवेश महत्व

सोना सिर्फ निवेश का साधन नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक पहचान और परंपरा में भी महत्वपूर्ण है।

  • शादी-ब्याह और त्योहार: इस समय सोने की मांग बढ़ जाती है, जिससे कीमतों में उतार-चढ़ाव आता है।
  • महंगाई और शेयर बाजार जोखिम: निवेशक जोखिम से बचने के लिए सोने को सुरक्षित विकल्प मानते हैं।
  • दीर्घकालीन निवेश: सोना और चांदी समय के साथ सुरक्षित और भरोसेमंद निवेश साबित होते हैं।

निवेशकों और खरीदारों के लिए टिप्स

  1. यदि आप सोने के आभूषण खरीदना चाहते हैं, तो भाव में हल्की गिरावट का इंतजार करें।
  2. लंबी अवधि के लिए निवेश करने वाले निवेशक सोना और चांदी को सुरक्षित और स्थिर विकल्प मान सकते हैं।
  3. अंतरराष्ट्रीय संकेतों और डॉलर की चाल पर नजर रखें, क्योंकि इससे भाव में उतार-चढ़ाव आता है।
  4. रिपब्लिक डे और त्योहारों के मौके पर बाजार में खरीदारी के दौरान भाव में हल्की वृद्धि सामान्य है।
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PPF निवेशकों के लिए अहम खबर: अप्रैल में इस तारीख को भूलना पड़ सकता है महंगा

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"PPF निवेश करने वाले निवेशकों के लिए अप्रैल में जरूरी तारीख की जानकारी, सही समय पर जमा करने पर ज्यादा ब्याज, देर से निवेश करने पर नुकसान, PPF की ब्याज दर और फायदे, सुरक्षित लंबी अवधि की निवेश योजना, 1 से 5 तारीख के बीच निवेश करने के लाभ।"

अगर आप सुरक्षित और लंबे समय के निवेश की सोच रहे हैं, तो पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) आपके लिए सबसे भरोसेमंद विकल्पों में से एक है। यह सरकारी योजना न सिर्फ आपका पैसा सुरक्षित रखती है, बल्कि समय के साथ अच्छा रिटर्न भी देती है। लेकिन PPF में निवेश करते समय एक छोटी-सी तारीख की अनदेखी आपको सालभर के ब्याज में नुकसान पहुँचा सकती है। खासतौर पर अप्रैल महीने में यह बहुत अहम है।

PPF में निवेश का सही समय क्यों है जरूरी?

PPF में ब्याज की गणना हर महीने 5 तारीख से लेकर महीने के आखिरी दिन के बीच के न्यूनतम बैलेंस के आधार पर होती है। इसका मतलब साफ है:

  • अगर आप 1 से 5 अप्रैल के बीच निवेश करते हैं, तो आपको उस महीने का पूरा ब्याज मिलेगा।
  • लेकिन अगर आप 5 अप्रैल के बाद पैसा जमा करते हैं, तो ब्याज केवल अगले महीने से जुड़ना शुरू होगा।

यानी सिर्फ कुछ दिनों की देरी भी आपके सालभर के रिटर्न को कम कर सकती है।

देरी से निवेश करने पर कितना नुकसान हो सकता है?

आइए इसे एक उदाहरण से समझते हैं।

मान लीजिए आपने PPF अकाउंट में 1.5 लाख रुपये जमा किए।

  • अगर राशि 1 से 5 तारीख के बीच जमा होती है, तो सालाना ब्याज लगभग ₹10,650 होगा।
  • वहीं, अगर आप 5 तारीख के बाद निवेश करते हैं, तो सालाना ब्याज घटकर लगभग ₹9,763 रह जाता है।

यानी केवल एक दिन की देरी से लगभग ₹887 का नुकसान हो सकता है।

यह नुकसान छोटा लग सकता है, लेकिन PPF लंबी अवधि की योजना है, इसलिए समय पर निवेश करने से लंबे समय में काफी बड़ा फर्क पड़ता है।

PPF योजना के फायदे और खासियतें

PPF योजना को खासतौर पर सुरक्षित निवेश की तलाश करने वाले लोग पसंद करते हैं। इसकी कुछ मुख्य खूबियां हैं:

  • लंबी अवधि का निवेश: 15 साल
  • न्यूनतम निवेश राशि: ₹500
  • अधिकतम निवेश राशि: ₹1.5 लाख सालाना
  • ब्याज दर: करीब 7.1% (वर्तमान में)
  • टैक्स लाभ: धारा 80C के तहत पूरी तरह टैक्स-फ्री

यह योजना उन निवेशकों के लिए आदर्श है, जो बिना जोखिम लिए लंबे समय में अच्छा फंड बनाना चाहते हैं।

निवेश करते समय ध्यान रखने योग्य बातें

  1. कोशिश करें कि 1 से 5 तारीख के बीच ही पैसा जमा करें।
  2. अगर पूरे साल की एकमुश्त राशि जमा करना संभव नहीं है, तो हर महीने की शुरुआत में निवेश करें।
  3. PPF को लंबी अवधि की योजना मानकर ही निवेश करें।
  4. समय पर निवेश करने से आपके सालभर के ब्याज में बढ़ोतरी होगी।
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