दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले से एक बेहद चिंताजनक और भावुक कर देने वाली घटना सामने आई है। पचायारा गांव में मूली के एक खेत के पास 10 राष्ट्रीय पक्षी मोर मृत पाए गए, जबकि एक मोर बेहोशी की हालत में मिला। राष्ट्रीय पक्षी की इस तरह एक साथ मौत की खबर से इलाके में हड़कंप मच गया है।
घटना का खुलासा तब हुआ जब एक किसान अपनी गेहूं की फसल देखने खेत में पहुंचा। खेत के पास बड़ी संख्या में गिरे हुए पक्षियों को देखकर उसने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग को जानकारी दी, जिसके बाद विभाग की टीम पशु चिकित्सकों के साथ मौके पर पहुंची।
वन विभाग की उप-मंडल अधिकारी (एसडीओ) सलोनी ने बताया कि कुल 11 मोर मिले, जिनमें से 10 की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। एक मोर जीवित मिला, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए भेजा गया है। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि मोरों ने किसी जहरीले या अपचनीय पदार्थ का सेवन किया होगा या दूषित पानी पिया होगा।
मृत मोरों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है ताकि मौत के सही कारणों का पता लगाया जा सके। मंडल वन अधिकारी (डीएफओ) ईशा सिंह ने बताया कि फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम ने आसपास के क्षेत्र से मिट्टी और पानी के सैंपल एकत्र किए हैं, जिन्हें प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया है। महत्वपूर्ण बात यह है कि किसी भी मोर के शरीर पर बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं, जिससे जहर या रासायनिक प्रभाव की आशंका और गहरा गई है।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि पड़ोसी बागपत जिले के कुछ उद्योगों से निकलने वाला कथित जहरीला पानी नालों और यमुना नदी में छोड़ा जा रहा है, जिससे पशु-पक्षियों की मौत हो रही है। एक ग्रामीण ने दावा किया कि ऐसे मामलों की शिकायत पहले भी की गई थी, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
वहीं, गांव के ही एक निवासी रविंद्र सिंह ने इसे साजिश बताते हुए आरोप लगाया कि मोरों को जहर दिया गया है। उनका कहना है कि जहां मृत पक्षी मिले, वहां आसपास कीटनाशक के खाली पैकेट और बोतलें भी पड़ी मिलीं।
राष्ट्रीय पक्षी मोर की सामूहिक मौत ने न केवल प्रशासन को सतर्क किया है, बल्कि पर्यावरणीय लापरवाही और रासायनिक प्रदूषण के संभावित खतरे पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के नतीजों पर टिकी है, जो इस रहस्यमयी मौत की असली वजह सामने ला सकती है।