लखनऊ: Flight Cancelled Today एयरपोर्ट से 3 फ्लाइट्स रद्द, ट्रेनें भी घंटों लेट

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Javed Haider Zaidi

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image source: aaj tak

उत्तर प्रदेश में शीतलहर और कोहरे के चलते हवाई व रेल सेवाएं प्रभावित, यात्रियों को झेलनी पड़ी भारी परेशानी

Flight Cancelled Today: लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सर्दी के साथ बढ़ते घने कोहरे ने शनिवार को आम जनजीवन के साथ-साथ परिवहन व्यवस्था को भी बुरी तरह प्रभावित किया। राजधानी लखनऊ स्थित Chaudhary Charan Singh International Airport पर कम दृश्यता के कारण तीन उड़ानों को रद्द करना पड़ा, जबकि कई अन्य फ्लाइट्स देरी से संचालित हुईं। इसका सीधा असर यात्रियों पर पड़ा, जिन्हें घंटों इंतजार और यात्रा योजनाओं में बदलाव करना पड़ा।

एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार, दिल्ली से लखनऊ आने वाली एयर इंडिया की एक प्रमुख उड़ान को सुबह के समय दृश्यता बेहद कम होने के कारण रद्द कर दिया गया। इसके चलते लखनऊ से दिल्ली जाने वाली उसकी वापसी उड़ान भी संचालित नहीं हो सकी। इसके अलावा इंडिगो एयरलाइंस की दिल्ली जाने वाली एक फ्लाइट को भी कोहरे के कारण निरस्त करना पड़ा।

सुबह के वक्त रनवे पर दृश्यता मानकों से नीचे चली गई थी, जिससे सुरक्षित उड़ान संचालन संभव नहीं हो पाया। फ्लाइट रद्द होने की सूचना मिलते ही एयरपोर्ट परिसर में यात्रियों की संख्या बढ़ गई। कई यात्रियों को अचानक टिकट कैंसिल होने से वैकल्पिक साधन तलाशने पड़े, जबकि कुछ ने अपनी यात्रा को अगले दिन के लिए री-शेड्यूल कराया।

हवाई सेवाओं के साथ-साथ रेल यातायात पर भी कोहरे का व्यापक असर देखने को मिला। उत्तर भारत से होकर गुजरने वाली कई प्रमुख ट्रेनें अपने निर्धारित समय से कई घंटों की देरी से लखनऊ पहुंचीं। इनमें गोरखधाम एक्सप्रेस, कैफियत एक्सप्रेस और कोटा-पटना एक्सप्रेस जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनें शामिल रहीं। ठंड और कोहरे के बीच प्लेटफॉर्म पर यात्रियों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा।

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रेलवे अधिकारियों का कहना है कि कोहरे के कारण ट्रेनों की गति सीमित रखनी पड़ रही है ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके। इसी वजह से ट्रेनों के परिचालन में देरी हो रही है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे स्टेशन पहुंचने से पहले अपनी ट्रेन का स्टेटस जरूर जांच लें।

मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक उत्तर प्रदेश के कई जिलों में घने कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है। खासतौर पर सुबह और रात के समय दृश्यता बेहद कम रहने की संभावना है। ऐसे में सड़क, रेल और हवाई यातायात पर असर जारी रह सकता है।

प्रशासन और परिवहन विभाग ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले मौसम और ट्रैफिक अपडेट जरूर लें तथा अनावश्यक यात्रा से बचें। साथ ही एयरलाइंस और रेलवे की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

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भर्ती परीक्षाओं में जाति-धर्म पर टिप्पणी बर्दाश्त नहीं: सीएम योगी का सख्त निर्देश, पेपर सेटर्स पर होगी कड़ी निगरानी

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा भर्ती बोर्डों को प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों में जाति, धर्म या संप्रदाय पर अमर्यादित टिप्पणी न करने का निर्देश देते हुए।

भर्ती परीक्षाओं में विवादित सवालों पर सख्ती, सीएम योगी का स्पष्ट संदेश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों को लेकर समय-समय पर उठने वाले विवादों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने सभी भर्ती बोर्डों के चेयरपर्सन्स को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा है कि किसी भी परीक्षा के प्रश्नपत्र में किसी व्यक्ति, जाति, पंथ या संप्रदाय की आस्था और सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली कोई भी अमर्यादित टिप्पणी नहीं होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह निर्देश केवल भर्ती बोर्डों तक सीमित न रहे, बल्कि इसे सभी पेपर सेटर्स तक सख्ती से पहुंचाया जाए और उसका पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई व्यक्ति बार-बार इस तरह की गलती करता है तो उसे हैबिचुअल ऑफेंडर मानते हुए तुरंत प्रतिबंधित किया जाए।

पेपर सेटर्स के एमओयू में भी शामिल होगा नियम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भर्ती बोर्डों को यह भी निर्देश दिया कि प्रश्नपत्र तैयार करने से जुड़े विशेषज्ञों और संस्थानों के साथ होने वाले समझौतों यानी एमओयू में भी इस नियम को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए।

सरकार का मानना है कि इस तरह की व्यवस्था लागू होने से भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं में किसी भी समुदाय या व्यक्ति की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले सवालों की संभावना काफी हद तक कम हो जाएगी।

विवादित प्रश्नों से उपजा था आक्रोश

दरअसल हाल के समय में कई ऐसी घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों में पूछे गए कुछ सवालों को लेकर सामाजिक और राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था।

हाल ही में आयोजित यूपी पुलिस एसआई भर्ती परीक्षा के एक प्रश्न में ‘पंडित’ शब्द से जुड़े एक विकल्प को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। इस पर विभिन्न संगठनों और राजनीतिक दलों की ओर से आपत्ति जताई गई थी। मामला तूल पकड़ने के बाद सरकार ने इस तरह की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए भविष्य के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने का फैसला किया।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश को लेकर भी निर्देश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में बदलते मौसम और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जारी वर्षा को लेकर भी प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने सभी जिलाधिकारियों से कहा है कि वे अपने-अपने जिलों में फील्ड में जाकर फसलों को हुए संभावित नुकसान का तत्काल आकलन कराएं। मुख्यमंत्री ने राहत आयुक्त को भी निर्देश दिए कि वे स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर नुकसान की रिपोर्ट जल्द से जल्द तैयार कराएं।

किसानों को समय पर मिले मुआवजा

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि यदि बारिश या अन्य प्राकृतिक कारणों से किसानों की फसलों को नुकसान हुआ है तो उसका आकलन समय पर किया जाए और प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा दिया जाए।

सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को किसी भी प्रकार की आर्थिक कठिनाई का सामना न करना पड़े और राहत राशि समय पर उनके खाते में पहुंच सके।

परीक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक जिम्मेदारी पर जोर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इन निर्देशों को प्रशासनिक सख्ती और संवेदनशीलता दोनों के रूप में देखा जा रहा है। एक ओर जहां भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता और मर्यादा बनाए रखने पर जोर दिया गया है, वहीं दूसरी ओर प्राकृतिक परिस्थितियों से प्रभावित किसानों के लिए त्वरित राहत सुनिश्चित करने की बात कही गई है।

सरकार का मानना है कि भर्ती परीक्षाओं में सवालों की भाषा और विषयवस्तु बेहद संवेदनशील होती है, इसलिए उन्हें तैयार करते समय सामाजिक सौहार्द और सम्मान का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए। इसी उद्देश्य से अब भर्ती बोर्डों को स्पष्ट और कड़े दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

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