घने कोहरे और कड़ाके की ठंड से उत्तर भारत बेहाल: उत्तर प्रदेश के 9 जिलों में रेड अलर्ट, 8 राज्यों में मौसम विभाग की सख्त चेतावनी

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Javed Haider Zaidi

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उत्तर प्रदेश में घने कोहरे और कड़ाके की ठंड के बीच सड़क पर बेहद कम दृश्यता, IMD ने 9 जिलों में रेड अलर्ट जारी किया

घने कोहरे और कड़ाके की ठंड से उत्तर भारत बेहाल: उत्तर भारत में सर्दी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। घने कोहरे और गिरते तापमान ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने ताजा मौसम अपडेट जारी करते हुए उत्तर प्रदेश के 9 जिलों में रेड अलर्ट घोषित किया है। इसके साथ ही देश के 8 राज्यों में घने कोहरे, शीतलहर और बेहद कम दृश्यता को लेकर चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले 24 से 48 घंटे मौसम के लिहाज से बेहद संवेदनशील रहने वाले हैं।

उत्तर प्रदेश के 9 जिलों में रेड अलर्ट, दृश्यता बेहद कम

IMD के अनुसार, उत्तर प्रदेश के जिन 9 जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है, वहां सुबह और रात के समय घना कोहरा छाए रहने की आशंका है। कई स्थानों पर दृश्यता 50 मीटर से भी कम हो सकती है, जिससे सड़क और रेल यातायात पर गंभीर असर पड़ सकता है। जिला प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है और आपात सेवाओं को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। खास तौर पर सुबह के समय हाईवे और ग्रामीण सड़कों पर वाहन चलाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

इन 8 राज्यों में मौसम का कहर

मौसम विभाग की चेतावनी के मुताबिक उत्तर प्रदेश के अलावा बिहार, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर और पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में घना कोहरा और ठंड का असर देखने को मिलेगा। इन राज्यों में न्यूनतम तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे शीतलहर की स्थिति बन सकती है।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि उत्तर भारत में नमी की अधिकता और हवा की गति कम होने के कारण कोहरा लगातार बना हुआ है। यह स्थिति अगले कुछ दिनों तक बनी रह सकती है।

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सड़क, रेल और हवाई यातायात पर असर

घने कोहरे का सीधा असर यातायात व्यवस्था पर पड़ा है। कई ट्रेनों के परिचालन में देरी हो रही है, वहीं राष्ट्रीय राजमार्गों पर वाहनों की रफ्तार काफी धीमी हो गई है। कुछ हवाई अड्डों पर उड़ानों के संचालन में भी बाधा देखने को मिली है।

यातायात विभाग ने वाहन चालकों को कम गति से वाहन चलाने, फॉग लाइट का इस्तेमाल करने और सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी है। कोहरे में लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।

किसानों और आम लोगों के लिए जरूरी सलाह

मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे फसलों को ठंड और पाले से बचाने के लिए जरूरी उपाय करें। वहीं आम लोगों से अपील की गई है कि वे सुबह और देर रात बाहर निकलने से बचें, गर्म कपड़े पहनें और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।

अगले 48 घंटे क्यों हैं अहम

IMD के अनुसार, अगले 24 से 48 घंटे उत्तर भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। कुछ इलाकों में कोहरे की तीव्रता और बढ़ सकती है, जबकि तापमान में और गिरावट आने की संभावना है। मौसम साफ होने में अभी समय लग सकता है, इसलिए सतर्कता बेहद जरूरी है।

प्रशासन की अपील

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक मौसम अपडेट पर भरोसा करें और किसी भी तरह की अफवाहों से बचें। आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन या संबंधित हेल्पलाइन से संपर्क करने की सलाह दी गई है।

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राजपाल यादव की तिहाड़ से रिहाई पर सस्पेंस: बेल हियरिंग आज, चेक बाउंस केस में ₹9 करोड़ बकाया पर टिकी निगाहें

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तिहाड़ जेल में बंद अभिनेता राजपाल यादव, चेक बाउंस केस में जमानत सुनवाई से पहले रिहाई को लेकर सस्पेंस।

राजपाल यादव: दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद अभिनेता राजपाल यादव (Rajpal Yadav) की रिहाई को लेकर फिल्म इंडस्ट्री और उनके प्रशंसकों के बीच उत्सुकता बनी हुई है। चेक बाउंस मामले में कानूनी कार्रवाई के बाद हिरासत में लिए गए राजपाल यादव की जमानत याचिका पर जल्द सुनवाई होनी है। उनके मैनेजर गोल्डी ने उम्मीद जताई है कि अदालत से राहत मिल सकती है और वह जल्द बाहर आ सकते हैं।

राजपाल यादव का नाम लंबे समय से इस वित्तीय विवाद से जुड़ा हुआ है, जिसकी जड़ें साल 2010 तक जाती हैं। यह मामला उनकी डायरेक्टोरियल डेब्यू फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के दौरान लिए गए कर्ज से जुड़ा है। फिल्म की असफलता के बाद कर्ज चुकाने में देरी हुई और मामला अदालत तक पहुंच गया।

इंडस्ट्री का साथ, परिवार की उम्मीद

राजपाल यादव के मैनेजर गोल्डी ने हालिया बातचीत में बताया कि फिल्म इंडस्ट्री के कई बड़े नाम इस मुश्किल समय में उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि सोनू सूद, सलमान खान, अजय देवगन, डेविड धवन, रतन जैन और वरुण धवन जैसे लोग समर्थन जता चुके हैं। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि आर्थिक सहायता किस स्तर पर दी जा रही है, लेकिन इतना जरूर कहा कि सभी ने सकारात्मक प्रतिबद्धता जताई है।

गोल्डी के मुताबिक, ऐसे वित्तीय लेन-देन में समय लगता है और परिवार मानसिक रूप से खुद को मजबूत बनाए हुए है। फरवरी के अंत में परिवार में कुछ निजी कार्यक्रम भी निर्धारित हैं और सभी की इच्छा है कि राजपाल यादव तब तक रिहा हो जाएं। उन्होंने यह भी बताया कि बेल हियरिंग तय है और अदालत के फैसले पर सबकी निगाहें टिकी हैं।

क्या है पूरा कानूनी मामला?

साल 2010 में राजपाल यादव ने अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के लिए दिल्ली की कंपनी मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से लगभग 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। फिल्म के बॉक्स ऑफिस पर असफल होने के बाद वह समय पर भुगतान नहीं कर सके। इसके बाद कंपनी ने कानूनी कार्रवाई शुरू की।

अप्रैल 2018 में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने राजपाल यादव और उनकी पत्नी राधा यादव को नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत दोषी ठहराया। आरोप था कि उनके द्वारा जारी किए गए सात चेक बाउंस हो गए थे। अदालत ने उन्हें छह महीने की साधारण कारावास की सजा सुनाई।

बढ़ती बकाया राशि और अदालत का रुख

जून 2024 में दिल्ली हाई कोर्ट ने उनकी सजा को अस्थायी रूप से निलंबित करते हुए बकाया राशि चुकाने के लिए ठोस प्रयास दिखाने का निर्देश दिया था। समय के साथ ब्याज और अन्य शुल्क जुड़ने से बकाया रकम करीब 9 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।

रिपोर्ट्स के अनुसार, अक्टूबर 2025 तक राजपाल यादव ने लगभग 75 लाख रुपये जमा किए थे, लेकिन अदालत ने माना कि कुल बकाया का बड़ा हिस्सा अभी भी बाकी है। फरवरी 2025 में अदालत ने उन्हें सरेंडर करने का आदेश दिया था। अतिरिक्त समय मांगने की उनकी अर्जी भी खारिज कर दी गई, जिसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया।

रिहाई कब तक?

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि राजपाल यादव को अदालत से जमानत कब तक मिल सकती है। उनके मैनेजर ने उम्मीद जताई है कि सुनवाई के बाद सकारात्मक फैसला आ सकता है। हालांकि अंतिम निर्णय अदालत के विवेक पर निर्भर करेगा।

फिलहाल, फिल्म इंडस्ट्री से मिल रहा समर्थन और परिवार की उम्मीदें इस कानूनी संघर्ष के बीच एक मानवीय पक्ष को सामने लाती हैं। आने वाले दिनों में अदालत का फैसला ही तय करेगा कि राजपाल यादव की तिहाड़ से रिहाई कब संभव हो पाएगी।

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