दिल्ली में हड़कंप: इंडियन यूथ कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब गिरफ्तार, राजनीति में उठे सवाल

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Javed Haider Zaidi

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दिल्ली पुलिस द्वारा भारत मंडपम विरोध प्रदर्शन मामले में इंडियन यूथ कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब को गिरफ्तार कर पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया जा रहा है।

दिल्ली में हड़कंप: दिल्ली में एआई समिट के दौरान भारत मंडपम में विरोध प्रदर्शन के मामले में इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब को गिरफ्तार कर लिया गया है। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में अब तक कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद पटियाला हाउस कोर्ट में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पैरा मिलट्री फोर्स तैनात किया गया है।

पटियाला हाउस कोर्ट में सुरक्षा कड़ी

दिल्ली पुलिस ने बताया कि उदय भानु चिब को आज सुबह 10 बजे के बाद कोर्ट में पेश किया जाएगा। कोर्ट के अंदर और बाहर सुरक्षा व्यवस्था को मज़बूत किया गया है। पुलिस ने कोर्ट परिसर में पैरा मिलट्री फोर्स तैनात किया है ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

कांग्रेस नेताओं ने की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा

इंडियन यूथ कांग्रेस अध्यक्ष की गिरफ्तारी पर कांग्रेस नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि यह गिरफ्तारी गैरकानूनी और लोकतंत्र के मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा कि सरकार यह भूल रही है कि लोकतंत्र में युवाओं का आवाज उठाना, सवाल पूछना और विरोध करना अपराध नहीं, बल्कि लोकतंत्र का सबसे मजबूत हथियार है।

शांतिपूर्ण विरोध को बनाया जा रहा मुद्दा

भूपेश बघेल ने आगे कहा कि IYC कार्यकर्ताओं ने इस प्रदर्शन में किसी भी तरह की हिंसा या उकसावे का सहारा नहीं लिया। उनका उद्देश्य केवल प्रधानमंत्री की नीतियों और युवाओं की अनसुनी पीड़ा को सामने लाना था। बघेल ने इसे एक साहसी और जायज लोकतांत्रिक कदम करार दिया।

सरकार पर पुलिसिया दमन का आरोप

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि गिरफ्तारी के जरिये सरकार अब पुलिसिया दमन का सहारा ले रही है। यह कार्रवाई न केवल गैरकानूनी है, बल्कि अभिव्यक्ति की आजादी और लोकतंत्र पर सीधा हमला भी है। उन्होंने मांग की कि उदय भानु चिब और अन्य गिरफ्तार कार्यकर्ताओं को तुरंत रिहा किया जाए, और उन पर लगाए गए सभी आरोप वापस लिए जाएँ।

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अगले कदम और रिहाई की मांग

कांग्रेस नेताओं ने कहा है कि युवाओं के शांतिपूर्ण विरोध को दबाने की कोशिश लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने सभी गिरफ्तार IYC कार्यकर्ताओं की फौरन रिहाई की मांग की है और सरकार से अपील की है कि भविष्य में ऐसी दमनकारी कार्रवाइयों को रोका जाए।

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जेडीयू अध्यक्ष पद के लिए नीतीश कुमार ने भरा नामांकन, 2028 तक तय होगा कार्यकाल; निर्विरोध चुनाव लगभग पक्का

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जेडीयू अध्यक्ष पद के लिए नीतीश कुमार का नामांकन दाखिल करते हुए संबंधित दस्तावेज जमा करते नेता और पार्टी कार्यकर्ता

जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद को लेकर सियासी तस्वीर लगभग साफ हो चुकी है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बार फिर अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल कर दिया है। पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने उनकी ओर से दो सेट में नामांकन पत्र जमा किए। मौजूदा प्रक्रिया के अनुसार, नए अध्यक्ष का कार्यकाल 2028 तक रहेगा।

नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 22 मार्च निर्धारित की गई है, जबकि 23 मार्च को नामांकन पत्रों की जांच (स्क्रूटनी) होगी। यदि एक से अधिक उम्मीदवार मैदान में आते हैं, तो चुनाव की प्रक्रिया अपनाई जाएगी, अन्यथा नीतीश कुमार का निर्विरोध अध्यक्ष चुना जाना तय माना जा रहा है।

संगठनात्मक चुनाव पूरे, अब केवल औपचारिकता शेष

जेडीयू ने प्रदेश स्तर तक संगठनात्मक चुनाव पहले ही पूरे कर लिए हैं। अब राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की औपचारिक प्रक्रिया ही बची है। 24 मार्च नाम वापसी की अंतिम तारीख है, जिसके बाद स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी। फिलहाल किसी अन्य नेता द्वारा दावेदारी सामने नहीं आने से यह संकेत मिल रहे हैं कि पार्टी में नेतृत्व परिवर्तन की कोई संभावना नहीं है।

पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि संगठन के हर स्तर पर कार्यकर्ताओं की इच्छा है कि नीतीश कुमार ही पार्टी की कमान संभाले रखें। इससे साफ है कि जेडीयू फिलहाल अनुभव और स्थिरता को प्राथमिकता दे रही है।

बिहार की राजनीति में नए संकेत

इस बीच बिहार की राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत भी मिल रहे हैं। नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चाओं के बाद उनके बेटे निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री सुर्खियों में है। साथ ही राज्य में नए मुख्यमंत्री को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।

सूत्रों के मुताबिक, इस बार बिहार में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से मुख्यमंत्री बनने की संभावना जताई जा रही है। एनडीए सहयोगी चिराग पासवान भी सार्वजनिक तौर पर यह कह चुके हैं कि अगला मुख्यमंत्री बीजेपी से होना चाहिए।

इसी कड़ी में नीतीश कुमार कई मंचों से मौजूदा गृह मंत्री सम्राट चौधरी को आगे बढ़ाते हुए दिखाई दिए हैं, जिसे राजनीतिक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

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