देहरादून में सीएम पुष्कर सिंह धामी ने अंकिता भंडारी के माता-पिता से की मुलाकात, न्याय और सहयोग का भरोसा दिलाया

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Javed Haider Zaidi

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देहरादून में सीएम पुष्कर सिंह धामी अंकिता भंडारी के माता-पिता से मुलाकात कर न्याय और सहयोग का भरोसा देते हुए।

देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami (पुष्कर सिंह धामी) ने मृतक अंकिता भंडारी के माता-पिता से देहरादून स्थित मुख्यमंत्री आवास में मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने परिवार को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार इस संवेदनशील मामले में पूरी गंभीरता और न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

परिवार ने साझा की अपनी चिंताएं और अपेक्षाएं

अंकिता भंडारी के माता-पिता, वीरेंद्र सिंह भंडारी और सोनी देवी, ने मुख्यमंत्री के समक्ष मामले से जुड़े अपने मंतव्य और भावनाएं रखीं। उन्होंने न्याय प्रक्रिया को लेकर अपनी अपेक्षाएं और चिंताएं साझा करते हुए शीघ्र और निष्पक्ष न्याय की मांग की।

मुख्यमंत्री धामी ने परिवार की बातों को गंभीरता से सुना और उन्हें आश्वस्त किया कि राज्य सरकार हर संभव सहयोग और समर्थन के लिए परिवार के साथ खड़ी है।

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने दिया भरोसा

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि अंकिता भंडारी मामले में न्याय सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने आश्वस्त किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या अन्याय को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सीएम ने यह भी कहा कि सरकार न केवल कानूनी प्रक्रिया को मजबूती से आगे बढ़ा रही है, बल्कि पीड़ित परिवार की भावनात्मक और सामाजिक सुरक्षा का पूरा ध्यान भी रखा जाएगा।

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दोषियों को कानून के अनुसार सजा दिलाने के लिए प्रतिबद्ध

मुख्यमंत्री ने परिवार को भरोसा दिलाया कि दोषियों को कानून के अनुसार सख्त से सख्त सजा दिलाने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि परिवार की सभी जायज मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

अंकिता भंडारी के माता-पिता ने मुख्यमंत्री से हुई बातचीत को महत्वपूर्ण बताया और इसे न्याय की दिशा में एक सकारात्मक कदम करार दिया।

राज्य सरकार का संदेश साफ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का यह संदेश स्पष्ट है कि राज्य सरकार पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और न्याय की राह में कोई भी बाधा स्वीकार नहीं की जाएगी। सरकार इस मामले में पूरी गंभीरता और पारदर्शिता के साथ कार्रवाई कर रही है।

यह मुलाकात न्याय प्रक्रिया और संवेदनशील मामलों में सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक मानी जा रही है, जिससे पीड़ित परिवार को भरोसा और समाज में नागरिकों को न्याय व्यवस्था पर विश्वास बढ़ेगा।

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जेडीयू अध्यक्ष पद के लिए नीतीश कुमार ने भरा नामांकन, 2028 तक तय होगा कार्यकाल; निर्विरोध चुनाव लगभग पक्का

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जेडीयू अध्यक्ष पद के लिए नीतीश कुमार का नामांकन दाखिल करते हुए संबंधित दस्तावेज जमा करते नेता और पार्टी कार्यकर्ता

जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद को लेकर सियासी तस्वीर लगभग साफ हो चुकी है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बार फिर अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल कर दिया है। पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने उनकी ओर से दो सेट में नामांकन पत्र जमा किए। मौजूदा प्रक्रिया के अनुसार, नए अध्यक्ष का कार्यकाल 2028 तक रहेगा।

नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 22 मार्च निर्धारित की गई है, जबकि 23 मार्च को नामांकन पत्रों की जांच (स्क्रूटनी) होगी। यदि एक से अधिक उम्मीदवार मैदान में आते हैं, तो चुनाव की प्रक्रिया अपनाई जाएगी, अन्यथा नीतीश कुमार का निर्विरोध अध्यक्ष चुना जाना तय माना जा रहा है।

संगठनात्मक चुनाव पूरे, अब केवल औपचारिकता शेष

जेडीयू ने प्रदेश स्तर तक संगठनात्मक चुनाव पहले ही पूरे कर लिए हैं। अब राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की औपचारिक प्रक्रिया ही बची है। 24 मार्च नाम वापसी की अंतिम तारीख है, जिसके बाद स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी। फिलहाल किसी अन्य नेता द्वारा दावेदारी सामने नहीं आने से यह संकेत मिल रहे हैं कि पार्टी में नेतृत्व परिवर्तन की कोई संभावना नहीं है।

पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि संगठन के हर स्तर पर कार्यकर्ताओं की इच्छा है कि नीतीश कुमार ही पार्टी की कमान संभाले रखें। इससे साफ है कि जेडीयू फिलहाल अनुभव और स्थिरता को प्राथमिकता दे रही है।

बिहार की राजनीति में नए संकेत

इस बीच बिहार की राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत भी मिल रहे हैं। नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चाओं के बाद उनके बेटे निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री सुर्खियों में है। साथ ही राज्य में नए मुख्यमंत्री को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।

सूत्रों के मुताबिक, इस बार बिहार में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से मुख्यमंत्री बनने की संभावना जताई जा रही है। एनडीए सहयोगी चिराग पासवान भी सार्वजनिक तौर पर यह कह चुके हैं कि अगला मुख्यमंत्री बीजेपी से होना चाहिए।

इसी कड़ी में नीतीश कुमार कई मंचों से मौजूदा गृह मंत्री सम्राट चौधरी को आगे बढ़ाते हुए दिखाई दिए हैं, जिसे राजनीतिक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

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